भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 15 जून 2026 को भारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में मौसम के कई रंग देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में मानसून की मूसलाधार बारिश का अलर्ट है वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मध्य भारत के कुछ हिस्सों में उमस भरी गर्मी और लू (Heat Wave) का असर भी देखा जा सकता है।
क्षेत्रीय एवं राज्यवार मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान
उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत (भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट)
इस क्षेत्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश- इन राज्यों में 15 जून को अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। कुछ पहाड़ी इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की आशंका है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम- गंगीय और उप-हिमालयी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ेंगी। सिक्किम और उत्तरी बंगाल में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
- बिहार और झारखंड- मानसून की उत्तरी सीमा बिहार के मुजफ्फरपुर से गुजर रही है जिसके प्रभाव से इन दोनों राज्यों में अनेक स्थानों पर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी।
- ओडिशा- ओडिशा के तटीय और आंतरिक जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
उत्तर-पश्चिम भारत (पश्चिमी विक्षोभ का असर)
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड- इन पहाड़ी राज्यों में छिटपुट स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली जैसे पहाड़ी जिलों में वज्रपात की चेतावनी है।
- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश- इन राज्यों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है जिससे तापमान नियंत्रण में रहेगा।
- राजस्थान- पश्चिमी राजस्थान में 15 जून को मौसम काफी शुष्क रह सकता है लेकिन पूर्वी राजस्थान में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज अंधड़ (Thundersquall) और छिटपुट बारिश की प्रबल संभावना है।
मध्य और पश्चिम भारत (उमस और लू की स्थिति)
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी और हल्की बारिश होगी। हालांकि वर्षा से पहले दिन में तेज उमस परेशान कर सकती है।
- महाराष्ट्र और गुजरात- विदर्भ के छिटपुट इलाकों में 15 जून को लू (Heat Wave) जैसी स्थिति बनी रह सकती है। कोंकण और मुंबई के तटीय इलाकों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होगी जबकि गुजरात में मौसम मुख्यतः शुष्क और गर्म रहेगा।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (मानसूनी फुहारें)
- कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप- तटीय कर्नाटक और केरल में मानसूनी हवाओं के कारण व्यापक रूप से हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी।
- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाड- तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में 15 जून को बिजली चमकने और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ छिटपुट बारिश का अनुमान है। तमिलनाड में मौसम गर्म और उमस भरा रहेगा लेकिन शाम को कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा हो सकती है।
देश के मुख्य शहरों का संभावित तापमान और स्थिति
नीचे दी गई तालिका में 15 जून 2026 को भारत के प्रमुख महानगरों और शहरों के संभावित मौसम की स्थिति दर्शाई गई है
| शहर | न्यूनतम तापमान (°C) | अधिकतम तापमान (°C) | मौसम की मुख्य विशेषता |
| नई दिल्ली | 28 | 40 | आंशिक बादल, धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी |
| मुंबई | 27 | 33 | सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे, मध्यम वर्षा |
| कोलकाता | 26 | 32 | गरज-चमक के साथ एक या दो बार भारी बारिश |
| चेन्नई | 28 | 37 | आसमान में बादल, अत्यधिक उमस भरी गर्मी |
| बेंगलुरु | 21 | 29 | सामान्यतः बादल छाए रहेंगे, ठंडी हवाएं और हल्की फुहार |
| हैदराबाद | 24 | 35 | शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश |
| पटना | 26 | 36 | मेघगर्जन, तेज हवाएं और मध्यम वर्षा |
| जयपुर | 27 | 39 | तेज हवाएं, धूल भरी आंधी की संभावना |
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव
मौसम की विविध स्थितियों को देखते हुए नागरिकों के लिए निम्नलिखित सुरक्षात्मक उपाय सुझाए गए हैं
- भारी बारिश वाले क्षेत्रों के लिए (उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत)- निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाएं। पहाड़ी क्षेत्रों (विशेषकर सिक्किम और असम) में यात्रा करने से बचें क्योंकि अचानक भूस्खलन (Landslides) का खतरा हो सकता है।
- वज्रपात और आंधी की चेतावनी (उत्तर और मध्य भारत)- जब भी आकाश में बिजली कड़कने की आवाज सुनाई दे तो तुरंत पक्के मकानों या वाहनों के अंदर शरण लें। पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर ढांचों के नीचे खड़े न हों। किसान भाई खेतों में काम करते समय मौसम के रुख पर नजर रखें।
- लू और उमस वाले क्षेत्रों के लिए (विदर्भ और गुजरात)- दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, नींबू पानी या छाछ का सेवन करें।
नोट- यह मौसम पूर्वानुमान पूर्णतः अद्यतन (Updated) उपग्रह डेटा और आईएमडी (IMD) की तात्कालिक सूचनाओं पर आधारित है स्थानीय स्तर पर मौसम में त्वरित बदलाव संभव हैं अतः किसी भी यात्रा या कृषि कार्य से पूर्व क्षेत्रीय मौसम केंद्र की तात्कालिक चेतावनियों की अवश्य पुष्टि कर लें।







