भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 12 जून 2026 को संपूर्ण भारत के मौसम में एक साथ कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। जहां एक तरफ देश का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा पिछले कई दिनों से भीषण लू (Heatwave) की चपेट में था वहीं एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण इस क्षेत्र के तापमान में भारी गिरावट आएगी। दूसरी ओर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है जिससे वहां भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आइए क्षेत्रवार तरीके से 12 जून 2026 के मौसम का विस्तृत विश्लेषण करते हैं।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत- लू से बड़ी राहत, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट
उत्तर भारत के राज्यों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान—के लिए 12 जून का दिन राहत भरा साबित होने वाला है।
- तापमान में गिरावट- पिछले दिनों 43°C से 45°C के बीच झुलसाने वाले तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान सिमटकर 34°C से 36°C के आसपास आ सकता है।
- आंधी-तूफान और ओलावृष्टि- आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी दोनों भाग) और उत्तराखंड में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) से तेज धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
- ओलावृष्टि की चेतावनी- मध्य प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) के कुछ हिस्सों में 12 जून को ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की प्रबल आशंका जताई गई है।
दक्षिण भारत- मानसून का रौद्र रूप और भारी बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल के रास्ते आगे बढ़ते हुए कर्नाटक, गोवा, कोंकण क्षेत्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सक्रिय हो चुका है।
- केरल और कर्नाटक- केरल के एरनाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ समेत उत्तरी जिलों के लिए आईएमडी ने ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। यहां 24 घंटे में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
- समुद्री स्थिति और तेज हवाएं- अरब सागर और उससे सटे केरल-कर्नाटक के तटों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की वजह से स्थिति काफी खराब रह सकती है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत- मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की शाखा बेहद सक्रिय है जिससे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है।
- अरुणाचल और असम- अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आईएमडी ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ बरकरार रखा है। यहां अत्यधिक भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और अचानक बाढ़ (Flash Floods) का खतरा बढ़ गया है।
- बिहार, झारखंड और ओडिशा- इन राज्यों में 12 जून को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की आशंका है।
मध्य और पश्चिम भारत- प्री-मानसून और मानसूनी हलचल
- महाराष्ट्र और गुजरात- मुंबई और कोंकण क्षेत्र में मानसूनी बारिश अपनी गति पकड़ेगी। गुजरात के आंतरिक हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने जैसा रहेगा लेकिन उमस (Humidity) काफी बढ़ जाएगी।
- छत्तीसगढ़ और विदर्भ- इन क्षेत्रों में 12 जून को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (Thundersquall) चलने की चेतावनी दी गई है जिसकी रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे हो सकती है।
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12 जून 2026 के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा सुझाव
मौसम विभाग की इस दोहरी मार (एक तरफ आंधी-तूफान और दूसरी तरफ भारी बारिश) को देखते हुए नागरिकों के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं
- उत्तर भारत के निवासियों के लिए- तेज आंधी और ओलावृष्टि के दौरान घरों के अंदर रहें। पेड़ों के नीचे, जर्जर इमारतों या बिजली के खंभों के पास शरण न लें। आंधी के समय वाहनों को खुले मैदान में पार्क करने से बचें।
- मछुआरों के लिए सख्त हिदायत- केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के तटों पर समुद्र बेहद अशांत रहेगा। मछुआरों को 12 जून को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
- पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए- अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
- किसानों के लिए सलाह- मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसान जहां ओलावृष्टि और तेज आंधी की संभावना है अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें। जलीय कृषि (मछली पालन) करने वाले किसान तालाबों के चारों ओर उचित जालीदार आउटलेट बनाएं ताकि अत्यधिक बारिश में मछलियां बह न जाएं।
नोट- यह मौसम पूर्वानुमान आईएमडी (IMD) के बुलेटिन पर आधारित है। मौसम में अचानक बदलाव संभव है, अतः यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट्स को जरूर देख लें।







