भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 11 जून 2026 को पूरे भारत में मौसम के दो बेहद अलग और विपरीत रूप देखने को मिलने वाले हैं। एक तरफ जहां उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाके भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में रहेंगे वहीं दूसरी ओर एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में राहत की बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इसी के साथ दक्षिण-पश्चिम मानसून की निरंतर प्रगति के कारण दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत-भीषण लू के बीच राहत की उम्मीद
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए 11 जून 2026 का दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय भीषण लू चलने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 42°C से 45°C के बीच रहने की संभावना है। दोपहर के समय चलने वाली तेज और शुष्क पछुआ हवाएं इस चुभन को और बढ़ाएंगी।
हालांकि राहत की बात यह है कि इसी दिन 11 जून से उत्तर-पश्चिम हिमालयी क्षेत्र में एक नया और ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से
- पहाड़ी राज्य-जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना है।
- मैदानी इलाके-11 जून की शाम या रात से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाने, धूल भरी आंधी चलने और 50 – 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ छिटपुट प्री-मानसून बौछारें पड़ने के आसार हैं। यह मौसमी बदलाव अगले दिन से तापमान में गिरावट लाएगा।
दक्षिण और मध्य भारत-मानसून की मजबूत दस्तक
दक्षिण-पश्चिम मानसून तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 11 जून तक मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो जाने की अनुकूल परिस्थितियां हैं।
| क्षेत्र/राज्य | संभावित मौसम की स्थिति (11 जून 2026) |
| केरल और तटीय कर्नाटक | अत्यधिक भारी बारिश (12- 20 सेमी) का ऑरेंज/रेड अलर्ट। |
| तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश | मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं। |
| महाराष्ट्र (कोंकण और गोवा) | लगातार बारिश और तटीय इलाकों में तेज लहरें उठने की आशंका। |
| मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ | तापमान में 2- 3 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ उमस भरा माहौल शाम को स्थानीय बादलों के कारण हल्की बूंदाबांदी। |
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत-मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह से छा चुका है। सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक रूप से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। निरंतर बारिश के कारण असम और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव और भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ सकता है।
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी 11 जून को मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ ‘थंडरस्कॉल’ यानी 50- 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका है।
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स्वास्थ्य एवं कृषि संबंधी विशेष सुझाव
मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए आईएमडी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों व किसानों के लिए निम्नलिखित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं
आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य रक्षा के उपाय
- धूप से बचें-उत्तर भारत के लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को सूती कपड़े, टोपी या छाते से ढकें।
- हाइड्रेशन बनाए रखें-शरीर में पानी की कमी न होने दें। प्यास न लगने पर भी लगातार पानी, ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करते रहें।
- हल्के कपड़े पहनें-उमस और गर्मी से बचने के लिए ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
किसानों के लिए कृषि संबंधी सलाह
- लू प्रभावित क्षेत्र (उत्तर भारत)-जहां भीषण गर्मी पड़ रही है वहां फसलों की हल्की और लगातार सिंचाई (Light Irrigation) शाम या सुबह के समय करें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे।
- भारी बारिश वाले क्षेत्र (दक्षिण व पूर्वोत्तर)-खेतों में जल निकासी (Drainage) का उचित प्रबंध करें ताकि खड़ी फसलों की जड़ें न गलें। धान की नर्सरी को जलभराव से बचाएं।
- कीटनाशकों का छिड़काव-जिन राज्यों में 11 जून को बारिश का पूर्वानुमान है वहां किसी भी प्रकार के उर्वरक या कीटनाशक का छिड़काव रोक दें।
मौसम चेतावनी नोट-खराब मौसम या बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे या कमजोर ढांचों के पास शरण न लें। विशेषकर बिहार, झारखंड और ओडिशा के ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की घटनाओं के प्रति सतर्क रहें। मछुआरों को 11 जून को दक्षिण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है।
नोट-यह मौसम पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन पर आधारित एक स्वतंत्र विश्लेषण है जिसका उद्देश्य जनहित में जानकारी और सुरक्षात्मक सुझाव साझा करना है। प्रादेशिक स्तर पर सटीक बदलावों के लिए हमेशा स्थानीय मौसम केंद्र की चेतावनियों का पालन करें।







