भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार 10 जून 2026 दिन बुधवार को भारत का मौसम दो अलग-अलग चरम सीमाओं पर रहने वाला है। एक तरफ जहाँ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की सक्रियता के कारण दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी है वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाके भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में झुलस रहे हैं।
दक्षिण और पश्चिम भारत- मॉनसून की तेज रफ्तार और रेड अलर्ट
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते तटीय और प्रायद्वीपीय भारत में भारी वर्षा की स्थिति बनी हुई है।
- तटीय कर्नाटक और केरल- आईएमडी ने तटीय कर्नाटक के जिलों जैसे दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश 20 सेमी से अधिक होने की प्रबल आशंका है। केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर बना रहेगा।
- कोंकण और गोवा- मुंबई सहित कोंकण और गोवा के इलाकों में व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है। यहां कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
- तेलंगाना और आंध्र प्रदेश- मॉनसून के आगे बढ़ने के साथ तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में आज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होगी।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत- मूसलाधार बारिश का सिलसिला
पूर्वोत्तर के राज्यों में मॉनसून पूरी तरह से मेहरबान है जबकि पूर्वी भारत में प्री-मॉनसून गतिविधियां तेज हो गई हैं।
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश- इन राज्यों में आज 10 जून को व्यापक रूप से वर्षा होगी। मौसम विभाग ने असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा का दौर जारी रहेगा।
- बिहार, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल- बिहार के पूर्वी हिस्सों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में आज से बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में शाम के समय 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और गरज-चमक (Thundersquall) के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत – भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप
जब देश का एक हिस्सा पानी से सराबोर है तब उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों को फिलहाल गर्मी से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहले आज तापमान अपने चरम पर रह सकता है।
- दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा- राजधानी दिल्ली सहित इन राज्यों में आज आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। दिन के समय झुलसाने वाली गर्म हवाएं (लू) चलेंगी। अधिकतम तापमान 44°C से 46°C के बीच रहने का अनुमान है।
- उत्तर प्रदेश- उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क और बेहद गर्म रहेगा जहां भीषण लू का अलर्ट है। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण आंशिक बादल छा सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है लेकिन उमस और गर्मी से खास राहत नहीं मिलेगी।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश- राजस्थान (विशेषकर पश्चिमी राजस्थान) और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। राजस्थान के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा।
क्षेत्रवार मौसम सारांश तालिका
| क्षेत्र | मौसम की मुख्य गतिविधि | आईएमडी अलर्ट स्तर |
| तटीय कर्नाटक व केरल | अत्यंत भारी बारिश, तेज हवाएं | रेड अलर्ट / ऑरेंज अलर्ट |
| पूर्वोत्तर भारत (असम/मेघालय) | मूसलाधार बारिश, जलभराव की स्थिति | ऑरेंज अलर्ट |
| दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी | तीव्र लू (Heatwave), शुष्क मौसम | ऑरेंज अलर्ट (गर्मी के लिए) |
| महाराष्ट्र (कोंकण) व गोवा | व्यापक बारिश, तेज हवाएं | येलो अलर्ट |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा | गरज-चमक, आंधी और हल्की से मध्यम बारिश | येलो अलर्ट |
read also
- गर्मियों का राजा आम और मिठाइयों की रानी रसमलाई-घर पर बनाएं ‘मैंगो रसमलाई’
- सोलो ट्रैवलिंग (Solo Travel) का महामंत्र – सुरक्षा, स्वावलंबन और असीमित रोमांच
स्वास्थ्य एवं कृषि संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव
मौसम की इस दोहरी मार को देखते हुए नागरिकों और किसानों के लिए आईएमडी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं
लू और भीषण गर्मी वाले क्षेत्रों के लिए (उत्तर व मध्य भारत)
- हाइड्रेटेड रहें- प्यास न लगने पर भी पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करते रहें।
- दोपहर में बाहर जाने से बचें- सुबह 11-00 बजे से दोपहर 4-00 बजे के बीच जब धूप सबसे तीखी होती है तब बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें।
- पहनावा- बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। अपने सिर को टोपी, छाते या गीले कपड़े से ढककर रखें।
- किसानों के लिए सलाह- खेतों में खड़ी फसलों को गर्मी से बचाने के लिए शाम या सुबह के समय हल्की सिंचाई (Light Irrigation) अवश्य करें।
भारी बारिश और जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए (दक्षिण व पूर्वोत्तर भारत)
- मछुआरों के लिए चेतावनी- तटीय कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप के समुद्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
- यातायात में सावधानी- भारी बारिश के कारण दृश्यता कम हो सकती है और सड़कों पर जलभराव हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) के खतरे को देखते हुए यात्रा टालें।
- बिजली से बचाव- गरज-चमक और कड़कने वाली बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- जल निकासी- भारी बारिश वाले क्षेत्रों के किसान अपने खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी (Drainage) का तुरंत प्रबंध करें ताकि फसलों की जड़ें न गलें।
नोट – यह मौसम पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी तत्कालीन आंकड़ों और उपग्रह चित्रों पर आधारित है। स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव संभव है, अतः यात्रा या कृषि कार्य से पहले स्थानीय तात्कालिक चेतावनियों (Nowcasts) को अवश्य देखें।







