ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में हाल ही में (जनवरी 2026) हुई सांप्रदायिक तनाव और हिंसक झड़प की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
ओडिशा के सुंदरगढ़ में हिंसक झड़प
ओडिशा का औद्योगिक और जनजातीय बहुल जिला सुंदरगढ़ 15 जनवरी 2026 को हिंसा की आग में झुलस गया। सुंदरगढ़ शहर के रीजेंट मार्केट इलाके में शुरू हुई एक मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया।
हिंसा का मुख्य कारण और शुरुआत
घटना की शुरुआत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 की है। रिपोर्टों के अनुसार-
- तात्कालिक कारण – शहर के एक घर में “संदिग्ध खाद्य पदार्थ” (पशु मांस की अफवाह) मिलने की खबर फैली।
- झड़प की शुरुआत – रीजेंट मार्केट में दो युवकों के बीच खाने की किसी चीज़ को लेकर कहासुनी हुई। यह विवाद धीरे-धीरे दो समुदायों के बीच टकराव में बदल गया।
- अफवाहों का बाजार – सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैली अफवाहों ने आग में घी का काम किया, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई।
हिंसा का स्वरूप और हुई हानि
विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों की ओर से भारी पथराव शुरू हो गया।
- हथियारों का प्रयोग – प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों ने पत्थरबाजी के साथ-साथ लाठी-डंडों और कथित तौर पर तलवारों जैसे धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया।
- घायलों की संख्या – इस हिंसा में कम से कम 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं जो भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई गई है जिन्हें राउरकेला के आईजीएच (IGH) और सुंदरगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- संपत्ति का नुकसान – उत्तेजित भीड़ ने रीजेंट मार्केट में दुकानों में तोड़फोड़ की। एक पिकअप वैन को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि एक कार और स्कूटी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
हिंसा की सूचना मिलते ही सुंदरगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट (Collector) शुभंकर महापात्रा और एसपी अमृतपाल कौर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
- धारा 163 (BNS) लागू – कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे सुंदरगढ़ शहर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है।
- इंटरनेट पर पाबंदी – अफवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने 15 जनवरी शाम 6 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं।
- पुलिस बल की तैनाती – क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए 10 प्लाटून पुलिस बल (लगभग 300 जवान) तैनात किए गए हैं। पश्चिमी रेंज के डीआईजी (DIG) बृजेश राय खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
- गिरफ्तारी – पुलिस ने अब तक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जबकि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
वर्तमान स्थिति
आज (16 जनवरी 2026) सुंदरगढ़ में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
- शैक्षणिक संस्थान बंद – सुरक्षा के मद्देनजर आज शहर के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
- शांति समिति की बैठक – जिला प्रशासन ने दोनों समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों और धर्मगुरुओं के साथ ‘शांति समिति’ की बैठक बुलाई है ताकि इलाके में भाईचारा बहाल किया जा सके।
- बाजार की स्थिति- बाजार बंद हैं और सड़कों पर पुलिस का फ्लैग मार्च जारी है।
अफवाहों से बचने की अपील
जिला कलेक्टर ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित खबर या सोशल मीडिया संदेश पर विश्वास न करें। प्रशासन संदिग्ध खाद्य पदार्थ की वैज्ञानिक जांच करा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सुंदरगढ़ की यह घटना दर्शाती है कि कैसे छोटी सी गलतफहमी और अफवाहें बड़े संकट का कारण बन सकती हैं। फिलहाल प्रशासन की मुस्तैदी से बड़ी अनहोनी टल गई है, लेकिन शहर को सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
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