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​रक्षा मंत्रालय में CBI का बड़ा एक्शन घूसखोरी के आरोप में लेफ्टिनेंट कर्नल गिरफ्तार

लेफ्टिनेंट कर्नल
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 21, 2025 10:41 अपराह्न
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​नई दिल्ली केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रक्षा मंत्रालय के सैन्य सेवा महानिदेशालय DGMS में तैनात एक लेफ्टिनेंट कर्नल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के एक गहरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के लिए की गई है। इस मामले में न केवल अधिकारी बल्कि उनकी पत्नी के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।

लेफ्टिनेंट कर्नल

​घटना का पूरा विवरण कब और कैसे हुई गिरफ्तारी

​सीबीआई को एक पुख्ता जानकारी मिली थी कि रक्षा मंत्रालय के भीतर कुछ अधिकारी स्थानांतरण Transfer और पोस्टिंग के बदले भारी रकम की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने दिल्ली में जाल बिछाया।

​गिरफ्तारी का समय

सीबीआई ने यह छापेमारी और गिरफ्तारी शनिवार  दरम्यानी रात  को अंजाम दी।

आरोपी अधिकारी 

गिरफ्तार अधिकारी की पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के अधिकारी के रूप में हुई है जो रक्षा मंत्रालय के उत्पादन विभाग या चिकित्सा सेवाओं DGMS से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे।

​रिश्वत की राशि 

रिपोर्टों के अनुसार अधिकारी को 5 लाख रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह पैसा एक विशेष फेवर अनुग्रह करने के बदले मांगा गया था।

​छापेमारी में क्या-क्या मिला

​गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमों ने दिल्ली सहित अधिकारी से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान जो तथ्य सामने आए वे चौंकाने वाले हैं|

​भारी नकदी की बरामदगी

जब अधिकारी के आवास और अन्य परिसरों से लगभग 20 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि बरामद की गई है जिसके स्रोत का अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

​दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य

कई आपत्तिजनक दस्तावेज लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं जो यह संकेत देते हैं कि यह रिश्वतखोरी का कोई पहला मामला नहीं था बल्कि एक लंबे समय से चल रहा नेटवर्क हो सकता है।​

पत्नी की भूमिका 

जांच में यह सामने आया कि रिश्वत के लेन-देन में अधिकारी की पत्नी भी सक्रिय रूप से शामिल थीं। वे कथित तौर पर बिचौलियों और रिश्वत देने वालों के साथ संपर्क बनाए रखने में मदद करती थीं। इसी आधार पर सीबीआई ने पत्नी को भी आरोपी बनाया है और उनके खिलाफ FIR दर्ज की है।

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​भ्रष्टाचार का तरीका ​

जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी अधिकारी अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग कर रहे थे। वे सेना के भीतर संवेदनशील नियुक्तियों और तबादलों को प्रभावित करने की शक्ति रखते थे।

​बिचौलियों का जाल

इस खेल में कुछ बिचौलिए भी शामिल थे जो उन लोगों की पहचान करते थे जिन्हें मनचाही पोस्टिंग चाहिए होती थी। ​हवाला और नकद लेनदेन को ट्रैक होने से बचाने के लिए ज्यादातर पैसा नकद में लिया जाता था।

​सेना और रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया

​भारतीय सेना ने हमेशा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता Zero Tolerance towards Corruption की नीति अपनाई है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि वे इस जांच में सीबीआई को पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद अब सैन्य नियमावली के तहत अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है जिसमें उन्हें सेवा से निलंबित किया जाना भी शामिल है।

​कानूनी प्रक्रिया और आगे की राह

​सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम Prevention of Corruption Act की विभिन्न धाराओं और भारतीय न्याय संहिता BNC की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।​

अदालत में पेशी 

आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल को दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत Remand में भेज दिया गया है।

​नेटवर्क की जांच

सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घूसखोरी कांड के तार रक्षा मंत्रालय या सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी जुड़े हैं।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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