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यूनिसेफ दिवस (UNICEF Day) बच्चों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प, क्यों मनाया जाता है यूनिसेफ दिवस?

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नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 11, 2025 11:04 पूर्वाह्न
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हर वर्ष 11 दिसंबर को दुनिया भर में UNICEF Day मनाया जाता है। इस दिन 1946 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रन इमरजेंसी फंड (UNICEF) की स्थापना की थी।

UNICEF Day

शुरुआत में इसका उद्देश्य युद्धग्रस्त देशों के बच्चों को भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहायता प्रदान करना था। किंतु आज यूनिसेफ 190 से अधिक देशों में सक्रिय है और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करता है।

UNICEF के स्थापना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

द्वितीय विश्व युद्ध का अंत आने के बाद लाखों बच्चे अनाथ, कुपोषित और बीमारी से जूझ रहे थे। इन परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र ने एक विशेष कोष स्थापित किया, जिसे बाद में यूनिसेफ का नाम दिया गया। प्रारंभिक उद्देश्य केवल युद्ध से प्रभावित यूरोपीय देशों के बच्चों की सहायता करना था, लेकिन समय के साथ इसकी भूमिका विश्व स्तर पर विस्तारित होती गई। 1965 में यूनिसेफ (UNICEF) को शांति के लिए किए गए विशिष्ट कार्यों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार भी प्रदान किया गया, जिसने इसे मानवता के सबसे प्रभावशाली संगठनों की श्रेणी में स्थापित कर दिया।

यूनिसेफ का कार्यक्षेत्र

यूनिसेफ बच्चों के अधिकारों को चार मुख्य स्तंभों में देखता है।‌ जिसमें जीवन का अधिकार जिसके अंर्तत (पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण) जैसी बातें प्रमुख है। वहीं विकास का अधिकार जिसमें (शिक्षा, पोषण, मानसिक विकास) शामिल है। इसके साथ ही सुरक्षा का अधिकार है जिसमें (हिंसा, शोषण, बाल श्रम से सुरक्षा) को बताया गया है। वहीं भागीदारी का भी अधिकार है जिसके अंर्तगत (अपनी राय रखने और निर्णयों में शामिल होने का अधिकार) दिया गया है।

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वैश्विक चुनौतियाँ

दुनिया के कई देशों में आज भी बच्चों के सामने गंभीर समस्याएँ हैं। जिसमें कुपोषण, अशिक्षा, बाल श्रम, बाल विवाह, संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में हिंसा का खतरा, स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुँच है। यूनिसेफ की रिपोर्टों के अनुसार, दुनिया में अभी भी करोड़ों बच्चे बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं। यूनिसेफ की हालिया रिपोर्टों के अनुसार दुनिया के कई क्षेत्रों में बच्चे अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों में सूखा, बाढ़, चक्रवात और तापमान में वृद्धि बच्चों के स्वास्थ्य और आजीविका को प्रभावित कर रही है। युद्ध क्षेत्रों में शिक्षा बाधित है और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, तकनीक और इंटरनेट के विस्तार ने बच्चों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में यूनिसेफ का कार्य और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह संगठन न केवल आपात स्थितियों में बच्चों को बचाता है, बल्कि दीर्घकालिक समाधान भी तैयार करता है।

भारत में यूनिसेफ का क्या है योगदान

भारत में यूनिसेफ कई दशकों से कार्य कर रहा है। जिसमें पोलियो उन्मूलन,बाल टीकाकरण अभियान, पोषण मिशन,स्कूल शिक्षा का विस्तार,डिजिटल शिक्षण,किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रमुख है। इन सभी क्षेत्रों में यूनिसेफ ने सरकार और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यूनिसेफ दिवस 2025 की थीम और गतिविधियाँ

इस वर्ष यूनिसेफ दिवस 2025 का केंद्र बिंदु “हर बच्चे के लिए सुरक्षित भविष्य” रखा गया है। दुनिया भर में बढ़ते युद्ध, जलवायु संकट, पलायन और भूख की चुनौतियों को देखते हुए यह थीम अत्यंत प्रासंगिक है।

इस अवसर पर विभिन्न देशों की सरकारें, गैर-सरकारी संगठन, स्कूल, विश्वविद्यालय और नागरिक समाज भागीदारी दिखा रहे हैं। कई जगहों पर निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिसके तहत स्कूलों में जागरूकता रैलियाँ और वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए बच्चों की सुरक्षा पर कार्यशालाएँ, स्वास्थ्य शिविर और पोषण अभियान,बच्चों की कलाकृतियों और कहानियों की प्रदर्शनी,डिजिटल अभियान और सोशल मीडिया संवाद आयोजित किये जाते है।‌

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना और समाज को उनकी जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना होता है। कई देशों में प्रतिष्ठित इमारतों को यूनिसेफ ब्लू रंग से प्रकाशित किया जाता है, जो बच्चों की सुरक्षा और आशा का प्रतीक है।

बच्चे परिवार ही नहीं समाज और राष्ट्र का भविष्य

यूनिसेफ दिवस पूरे विश्व को इस सच के साथ जोड़ता है कि बच्चे केवल परिवार का ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा, शिक्षा, पोषण और अधिकारों की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है।

यूनिसेफ (UNICEF) पिछले सात दशकों से इस दिशा में एक वैश्विक मिशन के रूप में कार्य कर रहा है और आज भी दुनिया भर के करोड़ों बच्चों के लिए आशा की किरण बना हुआ है। यूनिसेफ दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम भी इस मिशन का हिस्सा बनें और अपने प्रयासों से बच्चों की दुनिया को और सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल बनाएं।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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