महाराष्ट्र में आज, 15 जनवरी 2026 को राज्य की राजनीति का ‘मिनी विधानसभा‘ कहे जाने वाले नगर निगम चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है। करीब 9 साल के लंबे इंतजार के बाद हो रहे ये चुनाव न केवल स्थानीय मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह आगामी राज्य और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय करेंगे।
चुनाव का विस्तृत विवरण – कब, कहाँ और कितनी सीटों पर?
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने राज्य के 29 नगर निगमों के लिए एक साथ चुनाव कराने का निर्णय लिया है।
- मतदान की तारीख – 15 जनवरी 2026 (आज)
- मतदान का समय – सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक
- मतगणना की तारीख – 16 जनवरी 2026 (कल)
- कुल सीटें – 2,869 सीटें (893 वार्डों में फैली हुई)
- कुल मतदाता – लगभग 3.48 करोड़
- कुल उम्मीदवार – 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं।
प्रमुख नगर निगम जहाँ चुनाव हो रहे हैं
महाराष्ट्र के लगभग सभी प्रमुख शहरों में आज लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। इनमें शामिल हैं-
- मुंबई (BMC)
- पुणे (PMC)
- ठाणे (TMC)
- नागपुर (NMC)
- नासिक (NMC)
- पिंपरी-चिंचवड़ (PCMC)
- नवी मुंबई (NMMC)
- कल्याण-डोंबिवली (KDMC)
- औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर)
- कोल्हापुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, जलगांव, लातूर, सांगली, और अन्य।
सबसे हॉट सीट – बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC)
मुंबई नगर निगम (BMC) को दुनिया के सबसे अमीर नगर निकायों में से एक माना जाता है, जिसका वार्षिक बजट कई छोटे राज्यों (जैसे गोवा या सिक्किम) से भी ज्यादा है।
- सीटें – 227 वार्ड (प्रत्येक वार्ड से एक पार्षद)।
- उम्मीदवार – करीब 1,700 उम्मीदवार।
- वोटर – 1.03 करोड़ से अधिक।
विशेषता – मुंबई को छोड़कर अन्य 28 निगमों में ‘बहु-सदस्यीय वार्ड’ (एक वार्ड से 3 या 4 पार्षद) प्रणाली लागू है, जबकि मुंबई में एक वार्ड-एक पार्षद प्रणाली है।
प्रमुख गठबंधन और सियासी समीकरण
2022 में शिवसेना और फिर एनसीपी में हुई टूट के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय चुनाव है। इस बार गठबंधन के स्वरूप काफी दिलचस्प हैं-
| गठबंधन | शामिल दल | मुख्य चेहरा/नेतृत्व |
| महायुति (सत्ताधारी) | भाजपा + शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) + एनसीपी (अजित पवार गुट) | देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे |
| महा विकास अघाड़ी (MVA) | शिवसेना (UBT) + कांग्रेस + एनसीपी (शरद पवार गुट) | उद्धव ठाकरे, शरद पवार |
| तीसरा मोर्चा/अन्य | राज ठाकरे की MNS + प्रकाश अंबेडकर की VBA | राज ठाकरे |
विशेष नोट – इस चुनाव में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है जहाँ चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे कई दशकों बाद मराठी वोटों को एकजुट करने के लिए रणनीतिक रूप से साथ दिख रहे हैं। वहीं कांग्रेस कुछ जगहों पर स्वतंत्र रूप से भी चुनाव लड़ रही है।
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कितने साल बाद हो रहे हैं चुनाव?
इन चुनावों का इंतजार महाराष्ट्र की जनता पिछले कई सालों से कर रही थी।
- अंतिम चुनाव – अधिकांश नगर निगमों (जैसे BMC, PMC) के चुनाव फरवरी 2017 में हुए थे।
- देरी का कारण – 2022 में इनका कार्यकाल समाप्त हो गया था, लेकिन ओबीसी आरक्षण विवाद, वार्डों के परिसीमन (Delimitation) और अदालती मामलों के कारण चुनाव टलते रहे।
- प्रशासक राज – पिछले लगभग 3 से 4 वर्षों से इन नगर निगमों में कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं था और प्रशासन ‘नगर आयुक्त’ (Administrator) के हाथ में था।
आंकड़ों के हिसाब से उम्मीदें और विश्लेषण
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव के नतीजे ‘सत्ता की असली चाबी’ किसके पास है, यह तय करेंगे|
- सत्ता का लिटमस टेस्ट – शिंदे और अजित पवार के लिए यह साबित करने का मौका है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता और जनता उनके साथ है।
- ठाकरे परिवार की साख – उद्धव ठाकरे के लिए यह ‘अस्तित्व की लड़ाई’ है, खासकर मुंबई में जहाँ शिवसेना का दशकों से दबदबा रहा है।
- भाजपा की रणनीति – भाजपा का लक्ष्य मुंबई और पुणे जैसे आर्थिक केंद्रों पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है।
- वोटिंग ट्रेंड – सुबह से ही लंबी कतारें देखी गई हैं। यदि वोटिंग प्रतिशत 60% के पार जाता है, तो यह अक्सर सत्ता विरोधी लहर या बड़े बदलाव का संकेत होता है।
सुरक्षा और व्यवस्था
चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है
- मुंबई में ही 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।
- संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है।
- राज्य सरकार ने मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
- कल यानी 16 जनवरी को सुबह 10 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और दोपहर तक स्पष्ट हो जाएगा कि महाराष्ट्र के शहरों का ‘रक्षक’ कौन बनेगा।







