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Weather Forecast- IMD के पूर्वानुमानों के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को संपूर्ण भारत का मौसम 

Weather Forecast- IMD के पूर्वानुमानों के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को संपूर्ण भारत का मौसम 
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 1, 2026 8:10 अपराह्न
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भारत जैसे विशाल भौगोलिक विविधता (vast geographical diversity वाले देश में अप्रैल का महीना गर्मी के आगमन का संकेत होता है लेकिन वर्ष 2026 में वायुमंडलीय विक्षोभों के कारण मौसम के मिजाज में काफी बदलाव देखे जा रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों में गर्मी और छिटपुट वर्षा का मिला-जुला प्रभाव रहने वाला है।

उत्तर भारत (North India)-  पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

​उत्तर भारत के राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए 2 अप्रैल का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है।

  • पहाड़ी क्षेत्र –  कश्मीर घाटी, शिमला, मनाली और चमोली जैसे ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और सैलानियों के लिए मौसम खुशनुमा बना रहेगा।
  • मैदानी इलाके –  दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि भारी बारिश की संभावना कम है लेकिन धूल भरी आंधी चलने से तापमान में 2-3 डिग्री की कमी महसूस की जा सकती है।

​ मध्य भारत –  भीषण गर्मी से थोड़ी राहत

​मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) के इलाकों में आमतौर पर अप्रैल में लू (Heatwave) का प्रकोप शुरू हो जाता है। लेकिन इस साल मध्य भारत के कुछ हिस्सों में नमी के प्रवेश के कारण तापमान सामान्य के करीब रहने की उम्मीद है।

  • तापमान –  अधिकतम तापमान 38°C से 41°C के बीच रहने का अनुमान है।
  • विशेष चेतावनी –  विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अकोला और नागपुर जैसे गर्म क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही से सीधी धूप की तपिश कम होगी।

​ पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत – ‘काल बैसाखी’ और बारिश

​ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है।

  • ओडिशा और बंगाल –  आईएमडी ने ओडिशा के मयूरभंज और क्योंझर जैसे जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। यहाँ 2 अप्रैल को आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है। पश्चिम बंगाल में भी शाम के वक्त तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
  • पूर्वोत्तर राज्य –  असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से मध्यम वर्षा जारी रहेगी। यहाँ कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

​दक्षिण भारत –  उमस भरी गर्मी

​दक्षिण भारत के राज्यों केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और गर्म बना रहेगा।

  • तटीय क्षेत्र –  चेन्नई और कोच्चि जैसे तटीय शहरों में उच्च आर्द्रता (Humidity) के कारण उमस अधिक रहेगी। तापमान 34°C से 36°C के आसपास रहेगा  लेकिन महसूस होने वाली गर्मी (RealFeel) 40°C से अधिक हो सकती है।
  • आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना – बेंगलुरु और हैदराबाद में आसमान आंशिक रूप से बादलमय रहेगा। बेंगलुरु में शाम को सुहावना मौसम रहने की संभावना है – जबकि हैदराबाद में गर्मी का प्रभाव बरकरार रहेगा।

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​प्रमुख शहरों का संभावित तापमान (2 अप्रैल 2026)

शहरअधिकतम तापमान (°C)न्यूनतम तापमान (°C)मौसम की स्थिति
नई दिल्ली36°C21°Cआंशिक रूप से बादल, धूल भरी हवाएं
मुंबई33°C25°Cधुंध और उमस
कोलकाता35°C26°Cगरज के साथ हल्की बारिश की संभावना
चेन्नई35°C27°Cउमस भरा, बादल छाए रहेंगे
बेंगलुरु34°C22°Cखुशनुमा शाम, आंशिक बादल
भोपाल39°C23°Cगर्म और शुष्क
अहमदाबाद40°C24°Cलू जैसी स्थिति, साफ आसमान

आम जनता (general public) के लिए विशिष्ट सुरक्षा सुझाव

  • गर्मी से बचाव –  हालांकि लू नहीं है, फिर भी दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं।
  • आकाशीय बिजली – बारिश और गरज के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या धातु की वस्तुओं के नीचे शरण न लें। घर के अंदर रहें।
  • स्वास्थ्य –  बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम और मौसमी बुखार का खतरा बढ़ सकता है इसलिए खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

​किसानों के लिए कृषि संबंधी दिशा-निर्देश (Agricultural Guidelines)

​2 अप्रैल को होने वाली संभावित बारिश और hailstorm को देखते हुए किसानों के लिए निम्नलिखित सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

  • कटाई –  जिन क्षेत्रों में रबी की फसल (जैसे गेहूं) कट चुकी है वे सुरक्षित स्थानों पर अनाज का भंडारण करें।
  • कीटनाशक का प्रयोग –  बारिश और तेज हवा की संभावना को देखते हुए खेतों में सिंचाई या कीटनाशकों के छिड़काव को कुछ दिनों के लिए टाल दें।
  • पशुधन –  ओलावृष्टि की स्थिति में पशुओं को खुले में न बांधें उन्हें पक्के छप्पर या सुरक्षित बाड़े में रखें।

​पहाड़ी यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ‘गोल्डन रूल्स’

​यदि आप 2 अप्रैल को पहाड़ों की ओर जा रहे हैं तो इन बातों का पालन करें

  • टायर की स्थिति –  बर्फीले या फिसलन भरे रास्तों के लिए अपने वाहन के टायरों की ग्रिप जरूर चेक करें।
  • आपातकालीन किट –  साथ में पर्याप्त सूखा भोजन, टॉर्च, पानी पावर बैंक, और जरूरी दवाइयां (विशेषकर ऊंचाई पर होने वाली बीमारी या motion sickness के लिए) रखें।
  • स्थानीय प्रशासन से संपर्क – यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय पुलिस या disaster management cell (1070/1077) के हेल्पलाइन नंबर सुरक्षित कर लें।
  • ब्रैकिंग –  ढलान पर उतरते समय ब्रेक का सावधानी से उपयोग करें और इंजन ब्रेकिंग का सहारा लें।

2 अप्रैल 2026 को भारत का मौसम एक संक्रमण काल (transition period) से गुजर रहा होगा। जहाँ उत्तर और पूर्व में बारिश की हलचल होगी वहीं पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी अपने पैर पसारना शुरू कर देगी। सटीक जानकारी के लिए स्थानीय मौसम केंद्र के updates पर नज़र बनाए रखें।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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