भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार 3 अप्रैल 2026 शुक्रवार को भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप जारी रहेगा।
उत्तर-पश्चिम भारत – बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड – इन पहाड़ी राज्यों में 3 अप्रैल को ‘पीक एक्टिविटी’ रहेगी। यहाँ अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। IMD ने यहाँ ओलावृष्टि (Hailstorm) और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
- पंजाब, हरियाणा और राजस्थान – इन मैदानी इलाकों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश और धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। बारिश के कारण यहाँ के तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
- दिल्ली और एनसीआर – दिल्ली में शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम के समय हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34°C से 36°C के बीच रहने का अनुमान है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत – गर्मी और नमी का मिश्रण
- ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार – इन राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में लू (Heatwave) चलने की प्रबल संभावना है। तापमान 40°C से 42°C को पार कर सकता है।
- पूर्वोत्तर राज्य (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) – IMD के अनुसार अप्रैल के महीने में पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। हालांकि 3 अप्रैल को छिटपुट स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है, लेकिन मुख्य रूप से मौसम शुष्क और उमस भरा रहेगा।
मध्य और पश्चिम भारत – बढ़ता तापमान
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ – मध्य भारत में तापमान में वृद्धि देखी जाएगी। यहाँ मौसम शुष्क रहेगा और दोपहर के समय तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास अधिक होगा। कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से 2-3°C ऊपर रह सकता है।
- गुजरात और महाराष्ट्र – विदर्भ और मराठवाड़ा के क्षेत्रों में शुष्क मौसम और तेज गर्मी बनी रहेगी। गुजरात के तटीय क्षेत्रों में गर्म और आर्द्र (Hot and Humid) स्थिति रहने की संभावना है जिससे बेचैनी बढ़ सकती है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत – भीषण गर्मी और लू की चेतावनी
- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु – दक्षिण भारत के इन राज्यों में गर्मी अपने चरम पर है। रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में लू की स्थिति बनी रहेगी।
- कर्नाटक और केरल – आंतरिक कर्नाटक में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है। केरल में कुछ स्थानों पर हल्की प्री-मानसून वर्षा (Thunderstorms) हो सकती है जो शाम के समय थोड़ी राहत प्रदान करेगी।
तापमान और वर्षा का सारांश (3 अप्रैल 2026)
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | मुख्य चेतावनी |
| उत्तर भारत | बारिश और गरज-चमक | ओलावृष्टि (पहाड़ों में) |
| पूर्वी भारत | शुष्क और गर्म | लू (Heatwave) अलर्ट |
| दक्षिण भारत | भीषण गर्मी | गर्म और आर्द्र मौसम |
| पश्चिम भारत | साफ आसमान | तापमान में वृद्धि |
IMD की विशेष सलाह और दिशा-निर्देश
किसानों के लिए सलाह (Agromet Advisory)
- फसल सुरक्षा – पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान ध्यान दें कि ओलावृष्टि की संभावना है। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें या तिरपाल से ढकें।
- सिंचाई रोकें – बारिश और तेज हवा के पूर्वानुमान को देखते हुए फिलहाल फसलों में सिंचाई और उर्वरकों का छिड़काव न करें।
- बागवानी – बिजली गिरने और तेज हवा से फलों के झड़ने का डर है, अतः बागों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें।
यात्रियों के लिए सलाह
- पहाड़ी रास्ते – जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन (Landslides) के प्रति सतर्क रहें। यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति जांच लें।
- विजिबिलिटी – धूल भरी आंधी और भारी बारिश के दौरान मैदानी इलाकों में दृश्यता कम हो सकती है, वाहन धीमी गति से चलाएं।
स्वास्थ्य के लिए सलाह
- तापमान में बदलाव – बारिश के कारण तापमान में अचानक गिरावट से सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ सकता है। बदलते मौसम में खान-पान का ध्यान रखें।
- आकाशीय बिजली – गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के उपकरणों से दूर रहें।
- हीट स्ट्रोक (दक्षिण भारत) – दक्षिण भारत के लोग दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं।
3 अप्रैल 2026 को भारत का Weather ‘Variety’ भरा रहेगा। उत्तर में जहाँ बारिश राहत लेकर आएगी वहीं देश के बाकी हिस्सों को बढ़ते पारे और गर्मियों की मार झेलनी पड़ेगी।
नोट – यह जानकारी IMD के बुलेटिनों और वर्तमान मौसम प्रणालियों के आधार पर तैयार की गई है। सटीक अपडेट के लिए स्थानीय मौसम केंद्र की वेबसाइट अवश्य देखें।







