चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के भीतर की गई हालिया कार्रवाई आधुनिक सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी ‘सफाई’ मानी जा रही है। पिछले 3 वर्षों (2023-2025) में सेना के शीर्ष नेतृत्व को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, उसने पूरी दुनिया के सैन्य विश्लेषकों को चौंका दिया है।
शी जिनपिंग द्वारा PLA में बड़े बदलावों का मुख्य कारण
शी जिनपिंग का मानना है कि एक “भ्रष्ट सेना युद्ध नहीं जीत सकती।” उनके इस अभियान के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण हैं-
- सैन्य उपकरणों की खरीद में भ्रष्टाचार (Procurement Corruption)-PLA के ‘रॉकेट फोर्स’ और ‘इक्विपमेंट डेवलपमेंट विभाग’ में भारी भ्रष्टाचार पाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, मिसाइलों के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग और ईंधन की चोरी जैसे गंभीर मामले सामने आए। शी जिनपिंग को लगा कि अगर युद्ध की स्थिति आती है, तो यह भ्रष्टाचार चीन की हार का कारण बन सकता है।
- पूर्ण वफादारी सुनिश्चित करना (Absolute Loyalty)-शी जिनपिंग “पार्टी बंदूक को नियंत्रित करती है” के सिद्धांत पर चलते हैं। उन्हें संदेह था कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी उनके प्रति पूरी तरह वफादार नहीं हैं या अपने स्वयं के ‘गुट’ (Factions) बना रहे हैं। इन अधिकारियों को हटाकर उन्होंने संदेश दिया है कि केवल उनकी वफादारी ही पद पर बने रहने की शर्त है।
- रणनीतिक विफलता और जासूसी का डर-रॉकेट फोर्स के कुछ अधिकारियों पर संवेदनशील जानकारी (जैसे परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल तैनाती) विदेशी शक्तियों, विशेष रूप से अमेरिका को लीक करने का संदेह था। यह चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा माना गया।
- ‘रेड ओवर एक्सपर्ट’ (Red Over Expert) विचारधारा-शी का मानना है कि एक जनरल को एक कुशल योद्धा होने के साथ-साथ एक कट्टर कम्युनिस्ट होना चाहिए। उन्होंने उन जनरलों को हटा दिया जो केवल पेशेवर सैन्य दक्षता पर ध्यान दे रहे थे और पार्टी की विचारधारा को नजरअंदाज कर रहे थे।
- हटाए गए प्रमुख अधिकारियों की सूची और विवरण-पिछले 3 वर्षों में 30 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया है। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण नामों का विवरण है-
शीर्ष स्तरीय नेतृत्व (CMC सदस्य)
- ली शांगफू (Li Shangfu) – चीन के पूर्व रक्षा मंत्री। अगस्त 2023 में गायब हुए और अक्टूबर 2023 में आधिकारिक रूप से हटा दिए गए। उन पर सैन्य उपकरणों की खरीद में करोड़ों की रिश्वत लेने का आरोप है।
- वेई फेंघे (Wei Fenghe) – ली शांगफू से पहले रक्षा मंत्री रहे। जून 2024 में इन्हें कम्युनिस्ट पार्टी से निकाल दिया गया। उन पर पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप लगे।
- हे वेइदॉन्ग (He Weidong) – सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के उपाध्यक्ष और पोलित ब्यूरो सदस्य। 2025 के अंत में इन्हें अनुशासन के गंभीर उल्लंघन के लिए हटाया गया। यह पिछले कई दशकों में किसी सिटिंग जनरल की सबसे बड़ी बर्खास्तगी है।
- मियाओ हुआ (Miao Hua) – CMC के सदस्य और राजनीतिक कार्य विभाग के निदेशक। इन्हें नवंबर 2025 के आसपास हटाया गया।
रॉकेट फोर्स (PLA Rocket Force) का सफाया
रॉकेट फोर्स चीन की परमाणु शक्ति का आधार है। यहाँ के लगभग पूरे शीर्ष नेतृत्व को बदल दिया गया|
- ली युचाओ (Li Yuchao) – रॉकेट फोर्स के पूर्व कमांडर।
- जू झोंगबो (Xu Zhongbo) – रॉकेट फोर्स के राजनीतिक कमिसार।
- झोउ यानिंग (Zhou Yaning) – रॉकेट फोर्स के पूर्व कमांडर।
- ली चुनतेंग (Li Chunfeng) – रॉकेट फोर्स के पूर्व उप-कमांडर।
- अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी
- लिन जियांगयांग (Lin Xiangyang) – पूर्वी थिएटर कमांड के कमांडर (जो ताइवान के अभियानों के लिए जिम्मेदार है)।
- वांग श्युबिन (Wang Xiubin) – दक्षिणी थिएटर कमांड के पूर्व प्रमुख।
- वाइस एडमिरल ली हनजुन (Li Hanjun) – चीनी नौसेना (PLAN) के चीफ ऑफ स्टाफ।
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शुद्धिकरण की समयरेखा और घटनाक्रम (2023-2026)
| वर्ष | प्रमुख घटना | प्रभाव |
| 2023 | रक्षा मंत्री ली शांगफू और रॉकेट फोर्स के कमांडरों का अचानक गायब होना। | चीन की परमाणु शक्ति पर सवाल उठे। |
| 2024 | पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंघे की बर्खास्तगी और जांच। | भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का विस्तार। |
| 2025 | CMC के उपाध्यक्ष हे वेइदॉन्ग और मियाओ हुआ की विदाई। | शी जिनपिंग का सेना पर पूर्ण व्यक्तिगत नियंत्रण। |
| 2026 | नए वफादारों की नियुक्ति और ‘Chairman Responsibility System’ का कड़ाई से लागू होना। | सेना का शुद्धिकरण और केंद्रीकरण। |
भविष्य के निहितार्थ
शी जिनपिंग के इस कदम ने चीन की सेना को दोराहे पर खड़ा कर दिया है। एक तरफ, सेना से भ्रष्टाचार कम होने की उम्मीद है, लेकिन दूसरी तरफ, इतने बड़े पैमाने पर जनरलों को हटाने से सेना के भीतर भय का माहौल बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों के कारण चीनी सेना कम से कम अगले 2-3 वर्षों तक किसी बड़े युद्ध (जैसे ताइवान पर आक्रमण) की स्थिति में नहीं होगी, क्योंकि नए अधिकारियों को अपनी कमान समझने में समय लगेगा। हालांकि, शी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर अपनी सत्ता के प्रति वफादारी चाहते है
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