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14 फरवरी पुलवामा आतंकी हमले की बरसी –  शौर्य और शहादत की गाथा

14 फरवरी पुलवामा आतंकी हमले की बरसी -  शौर्य और शहादत की गाथा
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 13, 2026 7:35 अपराह्न
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14 फरवरी का दिन भारत के इतिहास में एक ऐसा घाव है जो शायद ही कभी भर पाएगा। जहां पूरी दुनिया प्यार का जश्न मना रही थी, वहीं कश्मीर की वादियों में भारत के वीर सपूतों के खून से होली खेली गई।

पुलवामा आतंकी हमला केवल एक घटना नहीं, बल्कि भारतीय सुरक्षा और संप्रभुता पर एक गहरा प्रहार था। 

पुलवामा हमला –  शौर्य और शहादत की गाथा

घटना कब और कैसे हुई?

तारीख –  14 फरवरी, 2019

समय –  दोपहर लगभग 3:15 बजे

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक बड़ा काफिला गुजर रहा था। इस काफिले में लगभग 78 बसें थीं, जिनमें 2,500 से अधिक जवान सवार थे। वे जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे थे।

जब यह काफिला पुलवामा जिले के लेथपोरा इलाके में पहुँचा, तो विपरीत दिशा से आ रही एक स्कॉर्पियो कार ने अचानक अपनी दिशा बदली और काफिले की एक बस (जिसमें 76वीं बटालियन के जवान थे) से टकरा गई। उस कार में भारी मात्रा में विस्फोटक (लगभग 300 किलो से अधिक RDX) लदा हुआ था। टक्कर होते ही एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसकी गूँज कई किलोमीटर तक सुनाई दी।

हमलावर और जिम्मेदारी

इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने ली। हमले को अंजाम देने वाला आत्मघाती हमलावर (Fidayeen) आदिल अहमद डार था, जो पुलवामा के काकापोरा का ही निवासी था। हमले के तुरंत बाद जैश ने आदिल का एक वीडियो जारी कर इसकी पुष्टि की थी।

शहादत का आंकड़ा और वीर शहीदों के नाम

इस भीषण हमले में CRPF के 40 वीर जवान शहीद हो गए। देश के अलग-अलग राज्यों से आए इन सपूतों ने भारत माता की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी।

प्रमुख शहीदों की सूची (राज्यानुसार)

  • उत्तर प्रदेश –  विजय मौर्य, प्रदीप कुमार, रमेश यादव, श्याम बाबू, पंकज त्रिपाठी, अमित कुमार, राम वकील, महेश कुमार, अवधेश यादव, कौशल कुमार रावत, प्रदीप सिंह, अजीत कुमार आज़ाद।
  • राजस्थान –  रोहिताश लांबा, नारायण लाल गुर्जर, जीत राम, हेमराज मीणा, भागीरथ सिंह।
  • पंजाब –  कुलविंदर सिंह, मनिंदर सिंह, जैमल सिंह, सुखजिंदर सिंह।
  • बिहार – रतन कुमार ठाकुर, संजय कुमार सिन्हा।
  • महाराष्ट्र – संजय राजपूत, नितिन राठौड़।
  • पश्चिम बंगाल –  सुदीप बिस्वास, बबलू संतरा।
  • झारखंड-  विजय सोरेंग।
  • उत्तराखंड –  मोहन लाल, वीरेंद्र सिंह।

अन्य राज्यों (ओडिशा, केरल, कर्नाटक, असम, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर) से भी वीरों ने बलिदान दिया।

घटना के बाद की कार्रवाई –  ‘नया भारत’ का जवाब-पुलवामा हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर थी। भारत सरकार और सेना ने स्पष्ट कर दिया था कि यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 (बालाकोट एयरस्ट्राइक)-हमले के ठीक 12 दिन बाद, 26 फरवरी 2019 को तड़के भारतीय वायु सेना के मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार की और पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इसमें बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए।

कूटनीतिक जीत-भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए। परिणामस्वरूप, जैश सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित किया गया।

वर्तमान स्थिति और शहीदों को नमन-आज पुलवामा के लेथपोरा में एक शहीद स्मारक बनाया गया है, जहाँ उन 40 जवानों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित हैं। हर साल 14 फरवरी को यहाँ विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है।

शहीदों को नमन

“मिटा दिया है वजूद उनका, जो देश से टकराया है,

नमन है उन वीरों को, जिन्होंने तिरंगे का मान बढ़ाया है।”

पुलवामा की बरसी हमें याद दिलाती है कि हमारी शांति की कीमत हमारे जवान अपने खून से चुकाते हैं। देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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