सिडनी मे रविवार 14 दिसंबर 2025 की शाम सिडनी के प्रतिष्ठित बॉन्डी बीच (Bondi Beach) पर शांति और उत्सव का माहौल उस वक्त खूनी मंजर में बदल गया जब दो हथियारबंद हमलावरों ने यहूदी त्योहार हनुक्का (Hanukkah) के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। यह एक ऐसी आतंकी घटना थी जिसने ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया है और देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उत्सव के माहौल में खूनी खेल
यह भयावह हमला शाम 6:40 बजे के करीब उस वक्त हुआ जब बॉन्डी बीच पर हनुक्का का पहला दीया जलाने के लिए यहूदी समुदाय के सैकड़ों लोग जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार शामिल थे इकट्ठा हुए थे। यह आयोजन चाबाद-लिंक्ड (Chabad-linked) द्वारा आयोजित किया गया था और यहूदी धार्मिक स्वतंत्रता के आठ दिवसीय त्योहार की शुरुआत का प्रतीक था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो हमलावर जो काले कपड़े पहने हुए थे वह अचानक कैंपबेल परेड (Campbell Parade) के पास से निकले और भीड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और देखते ही देखते खुशी का माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे वाहनों के पीछे छिपने लगे और अपने बच्चों को लेकर सुरक्षा की तलाश में दौड़ पड़े।
भारी जनहानि और वीभत्स दृश्य
इस भीषण हमले में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जिनमें एक हमलावर भी शामिल है। यहूदी समुदाय के नेताओं और पुलिस सूत्रों के अनुसार हमले में कम से कम 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है। घायलों में न्यू साउथ वेल्स पुलिस (NSW Police) के एक अधिकारी के भी शामिल होने की खबर है।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने चारों ओर खून और शवों को बिखरा हुआ देखा। 30 वर्षीय स्थानीय निवासी हैरी विल्सन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने कम से कम 10 लोगों को जमीन पर और हर जगह खून देखा।यहूदी समुदाय के प्रमुख संगठन एग्जीक्यूटिव काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलियन ज्यूरी (ECAJ) के सह-मुख्य कार्यकारी एलेक्स रयवचिन ने इस घटना को भयानक बताया और कहा कि उनके मीडिया सलाहकार भी इस हमले में घायल हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह हमला जानबूझकर और लक्षित किया गया है क्योंकि यह यहूदी समुदाय के एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुआ।
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पुलिस कार्रवाई और एक हीरो
घटना की सूचना मिलते ही न्यू साउथ वेल्स पुलिस बल (NSW Police Force) और आपातकालीन सेवाएं तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया और जनता से क्षेत्र से दूर रहने की अपील की। इस पुलिस ऑपरेशन के दौरान हमलावर को भी मार गिराया गया जबकि दूसरे हमलावर को गंभीर रूप से घायल होने के बाद हिरासत में लिया गया। पुलिस ने जल्द ही घोषणा कर दी कि सक्रिय खतरे को निष्प्रभावी (neutralised) कर दिया गया है।
इस दौरान एक निहत्थे नागरिक की बहादुरी का भी उल्लेख किया जा रहा है जिसने एक हमलावर का सामना किया और उससे राइफल छीन ली। यह साहसी कार्य कैमरे में भी कैद हो गया और माना जा रहा है कि इस वीरतापूर्ण कार्य ने कई लोगों की जान बचाई। नागरिक ने हमलावर को जमीन पर गिरा दिया और हथियार छीनकर उसे भागने पर मजबूर कर दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय शोक
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ (Anthony Albanese) ने इस घटना को स्तब्ध करने वाला और दुखद बताया है। उन्होंने अपना बयान जारी कर कहा बॉन्डी के दृश्य भयावह और दुखद हैं। पुलिस और आपातकालीन कर्मी जान बचाने के लिए जमीन पर काम कर रहे हैं। मेरे विचार हर प्रभावित व्यक्ति के साथ हैं।
वहीं ऑस्ट्रेलिया विपक्ष की नेता सुसान ले (Sussan Ley) ने इस नृशंस हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय शोक जताया। उन्होंने कहा कि आज रात ऑस्ट्रेलियाई गहरे शोक में हैं नफरत भरी हिंसा ने एक प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के दिल पर वार किया है एक ऐसी जगह जिसे हम सभी अच्छी तरह जानते हैं और प्यार करते हैं।उन्होंने आगे कहा कि घृणित हिंसा ने एक ऐसे त्योहार पर हमला किया है जो आशा और प्रकाश का प्रतीक है। यह ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों के खिलाफ एक सीधा हमला है।
आतंकवाद का साया और सुरक्षा चिंताएं
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ऑस्ट्रेलिया पहले से ही सुरक्षा चिंताओं का सामना कर रहा है खासकर सिडनी में इसी साल अप्रैल में वेस्टफील्ड बॉन्डी जंक्शन में हुई चाकूबाजी की घटना के बाद। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि हनुक्का समारोह को जानबूझकर निशाना बनाया गया है जो इसे यहूदी विरोधी आतंकवाद (Anti-Semitic Terrorism) के रूप में स्थापित करता है।
इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग (Isaac Herzog) ने भी इस हमले की निंदा की और ऑस्ट्रेलियाई सरकार से देश में यहूदी विरोधी लहर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया।
बॉन्डी बीच पर हुआ यह नरसंहार ऑस्ट्रेलिया के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक के रूप में याद किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर देश की सामूहिक चेतना को झकझोर दिया है और यहूदी समुदाय के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए राष्ट्र को एक साथ ला खड़ा किया है। जांच जारी है और सरकार ने दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने का भी संकल्प लिया है।






