सीरिया के अल-शद्दादी (Al-Shaddadi) शहर में स्थित जेल से हाल ही में ISIS आतंकियों के फरार होने की घटना ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। यह घटना न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गई है।
सीरिया के शद्दादी जेल से ISIS आतंकियों का पलायन
सीरिया के हसाका (Hasakah) प्रांत में स्थित शद्दादी जेल से बड़ी संख्या में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खतरनाक आतंकी फरार हो गए हैं। यह घटना जनवरी 2026 के मध्य में हुई, जब सीरियाई सरकारी सेना और कुर्द नेतृत्व वाली ‘सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस’ (SDF) के बीच उत्तरी सीरिया के नियंत्रण को लेकर संघर्ष तेज हो गया था।
कितने आतंकी हुए फरार
फरार आतंकियों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुर्द मीडिया और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लगभग 1,500 आतंकी फरार हुए हैं। हालांकि, सीरियाई सरकार ने शुरुआत में 120 आतंकियों के भागने की पुष्टि की थी।
वर्तमान स्थिति – अब तक मिली जानकारी के अनुसार, सीरियाई सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाकर इनमें से 81 आतंकियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन सैकड़ों अब भी फरार हैं।
सीरिया में ISIS के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान- ISIS के ठिकानों में किये हवाई हमले
आतंकी कैसे हुए फरार
आतंकियों के भागने की प्रक्रिया अचानक नहीं थी, बल्कि यह क्षेत्र में बदलते राजनीतिक और सैन्य समीकरणों का परिणाम थी|
- अराजकता का लाभ – सीरियाई सेना (Damascus forces) और SDF के बीच शहर के नियंत्रण को लेकर चल रही झड़पों के कारण जेल की सुरक्षा व्यवस्था ढीली पड़ गई।
- सुरक्षा का हटना – जैसे ही सीरियाई सेना शद्दादी की ओर बढ़ी, जेल की सुरक्षा में तैनात SDF के गार्ड वहां से पीछे हटने लगे। इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर कैदियों ने जेल के अंदर दंगे जैसी स्थिति पैदा कर दी।
- जेल पर हमला – कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय कबीलाई समूहों और दमिश्क समर्थित लड़ाकों ने जेल के गेट खोल दिए, जिससे कैदियों को बाहर निकलने का रास्ता मिल गया।
क्या किसी ने मदद की
इस घटना में ‘मदद’ को लेकर भारी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है|
- SDF पर आरोप – सीरियाई सरकार (दमिश्क) का दावा है कि SDF ने जानबूझकर ISIS आतंकियों को रिहा किया ताकि क्षेत्र में अस्थिरता पैदा की जा सके और सीरियाई सेना की बढ़त को रोका जा सके।
- सीरियाई सरकार पर आरोप – दूसरी ओर, SDF का कहना है कि सीरियाई सेना के साथ आए सशस्त्र गुटों ने जेल पर हमला किया और सुरक्षा घेरा तोड़ दिया, जिससे आतंकी भागने में सफल रहे।
स्थानीय कबीलों की भूमिका ‘ स्थानीय सूत्रों का कहना है कि शद्दादी के कुछ स्थानीय निवासियों और कबीलाई लड़ाकों ने जेल परिसर में घुसकर अपने करीबी लोगों (जो निम्न स्तर के ISIS लड़ाके थे) को छुड़ाने में मदद की।
प्रशासन और सेना की भूमिका (Role of Administration)
फरार होने की घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने निम्नलिखित कदम उठाए है
- कर्फ्यू लागू करना – सीरियाई सेना ने शद्दादी शहर और उसके आसपास के इलाकों में पूर्ण कर्फ्यू (Complete Curfew) लगा दिया है।
- सर्च ऑपरेशन (Sweep Operations) – सीरिया के आंतरिक मंत्रालय और विशेष सैन्य इकाइयों ने शहर को घेर लिया है और घर-घर तलाशी ली जा रही है।
- अंतरराष्ट्रीय चिंता – अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि शद्दादी जेल में कई ‘हाई-प्रोफाइल’ और विदेशी आतंकी बंद थे।
अमेरिका ने ऑपरेशन हॉकआई के दौरान सीरिया के ISIS के 70 से अधिक ठिकानो को किया नेस्तनाबूद
अब तक का कुल डेटा
| विवरण | संख्या (रिपोर्ट्स के अनुसार) |
| जेल में कुल कैदी (अनुमानित) | 1,500 से 2,000 |
| फरार होने वाले आतंकियों का दावा (SDF/मीडिया) | 1500 |
| आधिकारिक रूप से पुष्टि (सीरियाई सरकार) | 120 |
| दोबारा गिरफ्तार किए गए | 81 |
| फिलहाल फरार (जारी तलाश) | 39 से 1,400+ (स्रोतों के अनुसार) |
इस घटना के गंभीर परिणाम (Impact of the Escape)
ISIS का पुनरुत्थान – इतनी बड़ी संख्या में आतंकियों का बाहर आना ISIS को फिर से संगठित होने का मौका दे सकता है।
क्षेत्रीय अस्थिरता – फरार आतंकी अब सीरिया, इराक और तुर्की की सीमाओं के पास नए ‘स्लीपर सेल’ बना सकते हैं।
सुरक्षा में सेंध – यह घटना दर्शाती है कि सीरिया में जेलों की सुरक्षा वर्तमान में कितनी नाजुक है, खासकर तब जब सत्ता का हस्तांतरण विवादित हो।
भविष्य की चुनौतियां
सीरियाई प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती उन “कट्टर विदेशी लड़ाकों” को पकड़ना है जो जेल से निकलने में सफल रहे हैं। यदि ये लड़ाके सीरिया की सीमा पार कर जाते हैं, तो यह वैश्विक आतंकवाद के खतरे को कई गुना बढ़ा सकता है।
नोट – यह जानकारी 20 जनवरी 2026 तक के समाचारों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। सीरिया में स्थिति बहुत तेज़ी से बदल रही है, इसलिए आंकड़ों में परिवर्तन संभव है।







