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अमेरिका ने ऑपरेशन हॉकआई के दौरान सीरिया के ISIS के 70 से अधिक ठिकानो को किया नेस्तनाबूद

ऑपरेशन हॉकआई
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 20, 2025 9:26 अपराह्न
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​​मध्य पूर्व की भू-राजनीति और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक जंग में एक नया और निर्णायक अध्याय तब जुड़ा जब कुछ दिन पूर्व सीरिया में तैनात अमेरिकन जवानों को मर गया था  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका ने ऑपरेशन हॉकआई के तहत सीरिया में सक्रिय आतंकी संगठन ISIS इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी हवाई और ज़मीनी कार्रवाई को अंजाम दिया। 

ऑपरेशन हॉकआई

इस सैन्य अभियान में ISIS के 70 से अधिक ठिकानो को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया जिससे न केवल इस आतंकी संगठन की कमर टूट गई है  बल्कि क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ी उम्मीद भी जगी है।

​ऑपरेशन हॉकआई की पृष्ठभूमि

​सीरिया और इराक के बड़े हिस्से पर एक समय कब्जा करने वाले ISIS को 2019 में भौगोलिक रूप से पराजित घोषित कर दिया गया था। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में यह संगठन स्लीपर सेल्स के रूप में फिर से पनपने लगा था। सीरिया के रेगिस्तानी इलाकों और सुदूर गांवों में इन आतंकियों ने अपने प्रशिक्षण केंद्र हथियार डिपो और कमांड सेंटर दोबारा स्थापित कर लिए थे।

​अमेरिकी खुफिया एजेंसियों CIA और DIA ने महीनों तक इन ठिकानों की निगरानी की। उपग्रह चित्रों Satellite Imagery और स्थानीय जासूसों के माध्यम से यह पुष्टि हुई कि ISIS अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े हमलों की योजना बना रहा है। इसी खतरे को भांपते हुए पेंटागन ने ऑपरेशन हॉकआई को हरी झंडी दी।​

मिशन की रूपरेखा और तकनीकी सटीकता

​ऑपरेशन हॉकआई का मुख्य उद्देश्य ISIS की लॉजिस्टिक क्षमता को खत्म करना था। इस मिशन में अमेरिका ने अपनी अत्याधुनिक सैन्य तकनीक का प्रदर्शन किया| ​ड्रोन स्ट्राइक्स MQ-9 रीपर ड्रोन्स का उपयोग करके आतंकियों के उन गुप्त ठिकानों को निशाना बनाया गया जहाँ घनी आबादी के बीच आतंकी छिपे हुए थे।

​स्टील्थ फाइटर जेट्स F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग जैसे लड़ाकू विमानों ने सीरियाई हवाई क्षेत्र में बिना रडार की पकड़ में आए प्रवेश किया। ​सटीक गाइडेड हथियार लेजर गाइडेड बमों का उपयोग किया गया ताकि नागरिक हताहतों Collateral Damage की संख्या शून्य या न्यूनतम रहे।​

70 ठिकानों का विनाश क्या-क्या हुआ नष्ट

  • ​अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के अनुसार नष्ट किए गए 70 से अधिक ठिकानों में निम्नलिखित शामिल थी| 
  • ​प्रशिक्षण शिविर जहाँ नए लड़ाकों को आत्मघाती हमलों और आईईडी IED बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी।
  • ​हथियार भंडार भारी मात्रा में गोला बारूद रॉकेट लॉन्चर और विदेशी निर्मित हथियार बरामद या नष्ट किए गए।
  • ​वित्तीय केंद्र ISIS की अवैध फंडिंग और हवाला नेटवर्क को संचालित करने वाले संचार केंद्रों को ध्वस्त कर दिया गया।
  • ​सुरक्षित घर Safe Houses उच्च स्तरीय कमांडरों के छिपने के स्थानों को लक्षित किया गया जिसमें कई महत्वपूर्ण सरगनाओं के मारे जाने की भी खबर है।

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रणनीतिक महत्व ISIS के लिए एक बड़ा झटका

​यह ऑपरेशन केवल बमबारी तक सीमित नहीं था। इसके दूरगामी परिणाम सामने आए हैं-​

नेतृत्व का संकट

 इस हमले में ISIS के मध्य-स्तर और उच्च-स्तर के कई रणनीतिकारों का सफाया हो गया है। किसी भी आतंकी संगठन के लिए नेतृत्व का अचानक खत्म होना सबसे बड़ी हार होती है।

​मनोवैज्ञानिक दबाव हॉकआई के नाम के अनुरूप अमेरिका ने यह संदेश दिया है कि उसकी बाज जैसी नज़र हर आतंकी गतिविधि पर है। इससे आतंकियों के बीच भय और अविश्वास का माहौल पैदा हुआ है।

​क्षेत्रीय स्थिरता

सीरिया में सक्रिय अन्य विद्रोही समूहों और स्थानीय प्रशासन को इस कार्रवाई से राहत मिली है जिससे पुनर्निर्माण के कार्यों में तेजी आ सकती है।​

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चुनौतियां

​जहाँ एक ओर वैश्विक समुदाय ने आतंकवाद के खिलाफ इस कड़े प्रहार की सराहना की है वहीं दूसरी ओर सीरिया की संप्रभुता और जटिल क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर बहस भी छिड़ गई है। रूस और ईरान जैसे देश जो सीरिया में सक्रिय हैं इस तरह के एकतरफा अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर सतर्क रहते हैं। ​हालाँकि अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य सीरियाई राजनीति में हस्तक्षेप करना नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

आगे की राह क्या ISIS पूरी तरह खत्म हो गया

​इतिहास गवाह है कि सैन्य बल से ठिकानों को तो नष्ट किया जा सकता है लेकिन विचारधारा को खत्म करने के लिए निरंतर सतर्कता और सामाजिक-आर्थिक सुधारों की आवश्यकता होती है। ऑपरेशन हॉकआई ने ISIS को दशकों पीछे धकेल दिया है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सीरिया में एक स्थिर सरकार और मजबूत सुरक्षा तंत्र नहीं होता तब तक इन आतंकियों के पुनरुत्थान का खतरा बना रहेगा|

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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