सीरियाई गृहयुद्ध, जो 2011 में शुरू हुआ, ने एक ऐसी शक्ति शून्यता पैदा की जिसमें ISIS (Islamic State of Iraq and Syria) जैसे कट्टरपंथी समूहों को पनपने का मौका मिला। 2014 तक, ISIS ने इराक और सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया और “खिलाफत” की घोषणा की। इसके जवाब में, अमेरिका ने ‘ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व’ (Operation Inherent Resolve) की शुरुआत की।
अमेरिका ने हवाई हमले क्यों किए
अमेरिका के इन हमलों के पीछे कई रणनीतिक और सुरक्षात्मक कारण थे|
- वैश्विक सुरक्षा का खतरा – ISIS ने न केवल मध्य पूर्व बल्कि पश्चिमी देशों में भी आतंकी हमलों की साजिश रची थी।
- क्षेत्रीय स्थिरता – इराक और सीरिया में लोकतांत्रिक और मित्र सरकारों को गिरने से बचाना।
- मानवीय संकट – ISSI द्वारा अल्पसंख्यकों (जैसे यज़ीदी) का नरसंहार और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन रोकना।
- सहयोगियों की सुरक्षा – सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) और कुर्द लड़ाकों को हवाई सहायता प्रदान करना, जो जमीन पर ISIS से लड़ रहे थे।
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हमलों की रणनीतिक प्रक्रिया
अमेरिकी हवाई हमले केवल बमबारी नहीं थे, बल्कि एक सोची-समझी सैन्य रणनीति का हिस्सा थे|
| चरण | रणनीति | उद्देश्य |
| चरण 1 | बुनियादी ढांचे पर हमला | तेल रिफाइनरियों और रसद (Logistics) को नष्ट करना ताकि ISIS की कमाई बंद हो। |
| चरण 2 | नेतृत्व को निशाना बनाना | ड्रोन हमलों के जरिए ISIS के कमांडरों और ‘खलीफा’ को खत्म करना। |
| चरण 3 | जमीनी समर्थन | SDF के आगे बढ़ने के दौरान उन्हें ‘क्लोज एयर सपोर्ट’ (CAS) देना। |
महत्वपूर्ण अभियान और परिणाम
अमेरिका ने पिछले दशक में कई बड़े हमले किए जिन्होंने ISIS की कमर तोड़ दी
- रक्का की मुक्ति (2017) – रक्का ISIS की तथाकथित राजधानी थी। महीनों तक चले हवाई हमलों ने शहर को ISIS के चंगुल से मुक्त कराया।
- अबू बक्र अल- बगदादी का अंत (2019) – इदलिब प्रांत में एक विशेष अमेरिकी ऑपरेशन और हवाई कवर के दौरान ISIS का प्रमुख मारा गया।
- अल-हसाका जेल हमला (2022) – जब ISIS ने अपने कैदियों को छुड़ाने की कोशिश की, तो अमेरिकी हवाई हमलों ने इस प्रयास को विफल कर दिया।
हमलों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक
अमेरिका ने इन हमलों में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया ताकि नागरिक हताहतों (Civilian Casualties) की संख्या कम रखी जा सके|
- MQ-9 Reaper Drones – सटीक निशाना लगाने के लिए।
- F-15E Strike Eagle और F-22 Raptors – भारी बमबारी और हवाई वर्चस्व के लिए।
- Precision-Guided Munitions (PGM) – लेजर-निर्देशित बम जो केवल विशिष्ट लक्ष्यों को भेदते हैं।
चुनौतियां और विवाद
अमेरिकी हवाई हमलों को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा|
- रूसी हस्तक्षेप – सीरियाई आसमान में रूसी विमानों की उपस्थिति से टकराव का खतरा हमेशा बना रहता था।
- नागरिक हताहत – कई बार खुफिया जानकारी की कमी के कारण आम नागरिकों की मृत्यु हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई।
- संप्रभुता का मुद्दा – सीरिया की असद सरकार ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया, क्योंकि अमेरिका ने आधिकारिक अनुमति नहीं ली थी।
वर्तमान स्थिति (2024-2026)
आज भी अमेरिका के लगभग 900 सैनिक सीरिया में मौजूद हैं। हालांकि ISIS अब किसी बड़े क्षेत्र पर नियंत्रण नहीं रखता, लेकिन उसके ‘स्लीपर सेल्स’ (Sleeper Cells) अभी भी सक्रिय हैं। अमेरिका समय-समय पर इन ठिकानों पर हवाई हमले करता रहता है ताकि ISIS दोबारा संगठित न हो सके।
सीरिया में अमेरिकी हवाई हमले आतंकवाद के खिलाफ एक दीर्घकालिक युद्ध का हिस्सा रहे हैं। इन हमलों ने न केवल ISIS के भौतिक साम्राज्य को नष्ट किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर कट्टरवाद के प्रसार को भी धीमा किया। हालांकि, सीरिया में स्थायी शांति के लिए केवल सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि राजनीतिक समाधान की भी आवश्यकता है।
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