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25th Annual Press Conference – क्या बोले पुतिन अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस 

25th Annual Press Conference
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 20, 2025 1:00 पूर्वाह्न
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हमेशा से ही वैश्विक राजनीति का एक बड़ा केंद्र रही है। दिसंबर 2025 में आयोजित उनकी 25th Annual Press Conference ने एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। लगभग 4 घंटे से अधिक समय तक चली इस लंबी चर्चा में पुतिन ने न केवल रूस की आंतरिक अर्थव्यवस्था पर बात की बल्कि उनका सबसे कड़ा रुख यूक्रेन युद्ध  पर केंद्रित रहा।​

25th Annual Press Conference

​व्लादिमीर पुतिन के सत्ता में 25 वर्ष पूरे होने के साथ ही यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उनके नेतृत्व की स्थिरता दिखाने का एक मंच बनी। इसमें हजारों रूसी और विदेशी पत्रकारों ने हिस्सा लिया। पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस की संप्रभुता और सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है। ​उन्होंने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि जब तक लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते शांति संभव नहीं है।​

यूक्रेन युद्ध पर मुख्य रुख लक्ष्यों की प्राप्ति ही एकमात्र विकल्प

​प्रेस कॉन्फ्रेंस का लगभग 60% समय यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम के साथ तनाव पर केंद्रित रहा। पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने रखे|

विसैन्यीकरण  और डी-नाजीफिकेशन

​पुतिन ने दोहराया कि यूक्रेन का विसैन्यीकरण रूस के लिए अनिवार्य है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी हथियार यूक्रेन को केवल विनाश की ओर ले जा रहे हैं और रूस ने इस साल अग्रिम मोर्चे पर अपनी पकड़ और मजबूत की है।​

रणनीतिक बढ़त का दावा

​पुतिन ने जानकारी दी कि 2025 में रूसी सेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 300 से अधिक बस्तियों पर नियंत्रण किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूसी सेना अब पूरे युद्ध क्षेत्र में रणनीतिक पहल बनाए हुए है।​

नई हथियार प्रणालियों का संदेश

​पुतिन ने ओरेश्निक जैसी नई मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों का जिक्र करते हुए पश्चिम को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रूस अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी आधुनिक हथियार के उपयोग से पीछे नहीं हटेगा।​

शांति वार्ता और पश्चिमी देशों की भूमिका

​जब शांति वार्ता पर सवाल पूछा गया तो पुतिन का रुख काफी सख्त था। ​अमेरिका के साथ संबंध पुतिन ने कहा कि रूस अमेरिका के साथ समानता और सम्मान के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है लेकिन उन्होंने वर्तमान अमेरिकी प्रशासन और नाटो की विस्तारवादी नीतियों को इस संघर्ष का मूल कारण बताया।

​यूरोप की स्थिति उन्होंने यूरोपीय नेताओं पर कटाक्ष करते हुए उन्हें स्वतंत्रता खो चुके नेता बताया जो अपने हितों के बजाय अमेरिकी हितों की रक्षा कर रहे हैं। ​शांति का आधार  पुतिन ने स्पष्ट किया कि कोई भी शांति समझौता मौजूदा जमीनी हकीकत को स्वीकार करने पर ही आधारित होगा।

रूसी अर्थव्यवस्था युद्ध के साये में विकास

​एक बड़ा हिस्सा इस बात पर भी था कि प्रतिबंधों के बावजूद रूस की अर्थव्यवस्था कैसे टिकी हुई है।​GDP वृद्धि पुतिन ने गर्व से बताया कि रूस की जीडीपी में 3.9% से 4% तक की वृद्धि होने की उम्मीद है।

​सैन्य-औद्योगिक परिसर

उन्होंने बताया कि रूस ने अपनी सैन्य उत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ा लिया है जिससे न केवल युद्ध की जरूरतें पूरी हो रही हैं बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। ​डॉलर का विकल्प पुतिन ने ब्रिक्स  देशों के साथ मिलकर एक नई वित्तीय व्यवस्था बनाने की बात कही ताकि पश्चिमी प्रतिबंधों का असर कम हो सके।

सैनिकों और उनके परिवारों के लिए संदेश

​पुतिन ने रूसी सैनिकों को राष्ट्रीय नायक बताते हुए उनके लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रूस के भविष्य की सुरक्षा इन बहादुर सैनिकों के हाथों में है।

​वैश्विक व्यवस्था और बहुध्रुवीयता 

​पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया अब एकध्रुवीय (Unipolar) नहीं रही। ​चीन और भारत के साथ संबंध उन्होंने भारत और चीन को रूस का भरोसेमंद साथी बताया। उन्होंने हालिया भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि रूस और भारत के आर्थिक संबंध $100 बिलियन के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। ​पश्चिम का अंत पुतिन ने तर्क दिया कि पश्चिम का वर्चस्व खत्म हो रहा है और ग्लोबल साउथ Global South की आवाज अब बुलंद हो रही है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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