उत्तरप्रदेश धीरे धीरे हर क्षेत्र में अपनी पकड़ बना रहा है। उद्योग विभाग, खेल विभाग, बिजली विभाग, मत्स्य विभाग या सड़क निर्माण विभाग हर क्षेत्र में उत्तरप्रदेश सभी को पछाड़ कर अव्वल आ राह हैं इसी क्रम में दूध उत्पादन के मामले में भी उत्तरप्रदेश अब सभी राज्यों को पछाड़कर नंबर 1 बन गया है। उत्तरप्रदेश अब डेयरी बिजनेस में लाखों लोगों को रोजगार दे रहा है। दूध उत्पादन में ग्रामीण महिलाओं की अहम भूमिका रही है।
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि पहले की तुलना में मध्यप्रदेश अब 40% ज्यादा दूध उत्पादन कर रहा है। यह किसी भी राज्य का सबसे ज्यादा दूध उत्पादन है। उत्तरप्रदेश पूरे देश को दूध की सप्लाई कर रहा है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात जैसे दूध उत्पादन वाले राज्यों की तुलना में उत्तरप्रदेश में ज्यादा दूध उत्पादन हो रहा है।
388 लाख मीट्रिक टन दूध उत्पादन कर रहा उत्तरप्रदेश
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने जानकारी दी कि उत्तरप्रदेश अब 388 लाख मीट्रिक टन दूध उत्पादन कर रहा है। 388 लाख मीट्रिक टन दूध उत्पादन अचानक से नहीं बढ़ा है। हम आपको बता दे कि 2016–17 में 277 लाख मीट्रिक टन दूध उत्पादन होता था तो वही 2024–25 में बढ़कर दूध उत्पादन 388 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया। इस जबरदस्त वृद्धि में उत्तरप्रदेश की ग्रामीण महिलाओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा सकती है। महिलाओं के जमीनी स्तर के काम के कारण दूध उत्पादन में उत्तरप्रदेश नंबर 1 बना है।
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ग्रामीण महिलाओं की विशेष भूमिका
उत्तरप्रदेश सरकार छोटे छोटे क्षेत्रों के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार दे रही है। डेयरी बिजनेस से भी वह ग्रामीण लोगों को रोज़गार से जोड़ रही है। ग्रामीण महिला गांव में दूध का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन कर डेयरी को देती है जिससे डेयरी से वह दूध आगे लोगों तक पहुंचता है। इससे महिलाओं को भी पैसे मिलते है और डेयरी बिजनेस चलाने वाले संचालकों को भी। डेयरी बिजनेस में संचालक अच्छा खासा टैक्स यूपी सरकार को देते है जिससे यूपी सरकार को मुनाफा होता है। उत्तरप्रदेश की ग्रामीण महिलाएं आजीविका मिशन के अंतर्गत खुद का रोजगार सृजन कर रही है। ग्रामीण महिलाएं दूध उत्पादन से खुद आत्मनिर्भर बन रही है।
5000 करोड़ रुपए का हो रहा लाभ
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि दूध उत्पादन का सम्पूर्ण कारोबार 5000 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है। कुछ प्रमुख कंपनियों के माध्यम से दूध उत्पादन का कारोबार बढ़ रहा है। इन चुनिंदा कंपनियों में ग्रामीण महिलाएं जुड़ रही है और रोजगार प्राप्त कर रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र से भी खूब फायदा मिल रहा है। इसी प्रकार बरिली MPCL से भी मुनाफा पहुंच रहा है। काशी MPCL भी ग्रामीण महिलाओं को रोजगार दे रहा है। ये कंपनियां सीधे ग्रामीण महिलाओं के दम पर कार्य करती है।कुल मिलाकर उत्तरप्रदेश अब गुंडा राज से आगे निकलकर रोजगार सृजन का एक क्षेत्र बनता जा रहा है जहां महिलाएं अपने कौशल के आधार पर खुद का रोजगार सृजित कर स्वयं आत्मनिर्भर बनती जा रही है।







