वर्ष 2026 भारत के ऊर्जा इतिहास (energy history) में बहुत महत्वपूर्ण रूप से याद किया जाने हो गया है । पश्चिम एशिया में विशेषकर होर्मुज जलडमरू के मध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों (geopolitical tensions) के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और natural gas supply chain बाधित हुई, इसका सीधा असर भारत के घरों की रसोई पर पड़ा है| भारत अपनी कुल LPG की जरूरतों का औसतन 60-65% आयात करता है। आपूर्ति में आई इस कमी ने भारत सरकार को एक बड़ा ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लेने पर मजबूर किया है – देश का LPG से इलेक्ट्रिक कुकिंग (Induction) की ओर संक्रमण।
LPG आपूर्ति की वर्तमान चुनौतियाँ और संकट का कारण (Challenges and Crisis)
पिछले कुछ समय से आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में बाधाओं के कारण LPG की उपलब्धता और कीमतों पर गहरा असर पड़ा है।
- आयात पर निर्भरता – भारत अपनी LPG खपत का लगभग 55-60% हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे भारतीय रसोई के बजट को प्रभावित करता है।
- सब्सिडी (subsidy) का बोझ – सरकार पर उर्वरक और ईंधन सब्सिडी (subsidy) का भारी दबाव है जिससे राजकोषीय घाटा प्रभावित होता है।
- लॉजिस्टिक्स और वितरण की समस्या – दूरदराज के क्षेत्रों में सिलेंडर पहुँचाना आज भी एक बड़ी चुनौती है जिससे लागत बढ़ती है।
‘ऊर्जा दक्षता 2026’ नीति – एक विहंगम दृष्टि (Energy Efficiency 2026 Policy)
भारत सरकार ने “Go Electric” अभियान के अगले चरण के रूप में 2026 तक रसोई के पूर्ण आधुनिकीकरण का लक्ष्य रखा है। इसका मुख्य उद्देश्य LPG के स्थान पर Induction कुकटॉप्स (Induction Cooktops) को हर घर का हिस्सा बनाना है।
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सरकार का बड़ा कदम – Induction कुकटॉप पर विशेष छूट
LPG पर निर्भरता कम करने के लिए भारत सरकार ने ‘नेशनल एफिशिएंट कुकिंग प्रोग्राम’ (NECP) को एक नए अवतार में पेश किया है। ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (EESL) के माध्यम से सरकार ने Induction कुकिंग को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित विशेष प्रावधान किए हैं
विशेष छूट और सब्सिडी (subsidy) विवरण
- भारी मूल्य कटौती – सरकार ने थोक खरीद के माध्यम से Induction कुकटॉप की कीमतों को बाजार मूल्य से 30-40% तक कम कर दिया है।
- उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए प्राथमिकता – PMUY (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना) के तहत आने वाले परिवारों को Induction कुकटॉप पर विशेष नकद सब्सिडी (subsidy) दी जा रही है। यह सब्सिडी (subsidy) सीधे बैंक खाते (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की जा रही है।
- EMI सुविधा – निम्न-मध्यम वर्ग के लिए बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के साथ मिलकर ‘बिजली बिल पर किस्त’ (On-Bill Financing) की सुविधा शुरू की गई है। यानी उपभोक्ता Induction खरीद सकते हैं और उसका भुगतान अपने मासिक बिजली बिल के साथ छोटी किस्तों में कर सकते हैं।
- बर्तनों पर कॉम्बो ऑफर – Induction के साथ उपयोग होने वाले विशेष बर्तनों (Ferromagnetic Cookware) पर भी सरकार ने GST में कटौती की है और कई राज्यों में किट के साथ मुफ्त बर्तन भी दिए जा रहे हैं।
Induction कुकिंग के तकनीकी और आर्थिक लाभ
क्यों सरकार LPG की तुलना में Induction को प्राथमिकता दे रही है?
| विशेषता | LPG (रसोई गैस) | Induction (विद्युत) |
| दक्षता | लगभग 40-55% ऊर्जा का उपयोग होता है | 85-90% ऊर्जा सीधे बर्तन तक पहुँचती है |
| सुरक्षा | गैस रिसाव और आग का खतरा | ऑटो-कट ऑफ और नो-फ्लेम तकनीक |
| लागत | प्रति माह औसतन ₹900 – ₹1100 | प्रति माह औसतन ₹400 – ₹600 (बिजली खर्च) |
| पर्यावरण | CO2 और अन्य गैसों का उत्सर्जन | शून्य प्रत्यक्ष उत्सर्जन (Zero Emission) |
ग्रामीण भारत के लिए ‘मिशन मोड’ कार्यान्वयन
सरकार का ध्यान केवल शहरों तक सीमित नहीं है। 2026 के इस रोडमैप में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान हैं
- सामुदायिक रसोई – गाँवों में सामुदायिक सौर-आधारित Induction किचन की स्थापना।
- आशा और आंगनवाड़ी केंद्र – इन्हें पूरी तरह से LPG-मुक्त कर Induction आधारित बनाया जा रहा है।
- आसान EMI सुविधा – जन धन खातों के माध्यम से ₹100-₹200 की मासिक किस्तों पर Induction उपलब्ध कराना।
उद्योग जगत और MSME की भूमिका
Induction क्रांति से भारत में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्थानीय कंपनियों को Induction कॉइल्स और ग्लास-टॉप बनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन (PLI Scheme) दिया जा रहा है। इससे विदेशी आयात (विशेषकर चीन से) पर निर्भरता कम होगी।
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उपभोक्ता के लिए मार्गदर्शिका – Induction अपनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें
यदि आप इस सरकारी छूट का लाभ उठाना चाहते हैं तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें
- बर्तनों का चयन – हमेशा ‘फेरोमैग्नेटिक’ (ferromagnetic) आधार वाले बर्तनों (जैसे स्टेनलेस स्टील या कच्चा लोहा) का उपयोग करें।
- वाटेज (Wattage) – सामान्य खाना पकाने के लिए 1800W से 2000W का Induction सबसे उपयुक्त है।
- ISI मार्क – सुरक्षा के लिए केवल ISI प्रमाणित उपकरणों का ही चुनाव करें।
भविष्य की राह – 2026 और उसके बाद
2026 तक सरकार का लक्ष्य 10 करोड़ परिवारों को आंशिक या पूर्ण रूप से Induction कुकिंग पर शिफ्ट करना है। यह न केवल भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाएगा (LPG आयात कम करके), बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ लड़ाई में भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगा।
LPG Supply की अनिश्चितता और बढ़ती कीमतों के बीच, Induction कुकिंग एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन गई है। सरकार द्वारा दी जा रही विशेष छूट और ‘Energy Efficiency 2026’ का यह कदम आम आदमी के बजट को राहत देने के साथ-साथ देश को हरित ऊर्जा की ओर ले जाने वाला है।
सावधान रहें – किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल (जैसे MyGov या ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट) पर ही पंजीकरण करें।







