मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। इसका सीधा असर भारत में रसोई गैस की कीमतों पर पड़ा है। आज यानी 1 अप्रैल 2026 से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने कमर्शियल एलपीजी (19 किलोग्राम) सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है।
मार्च 2026 के बाद यह लगातार दूसरी बड़ी वृद्धि है जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
1 अप्रैल 2026 – कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई दरें
आज से देश के प्रमुख महानगरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं
| शहर | नई कीमत (₹) | वृद्धि (लगभग) |
| दिल्ली | ₹2,078.50 | +₹195.50 |
| मुंबई | ₹2,031.00 | + ₹195.00 |
| कोलकाता | ₹2,208.00 | +₹218.00 |
| चेन्नई | ₹2,246.50 | +₹203.00 |
नोट – स्थानीय वैट (VAT) और परिवहन शुल्क के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
कीमतों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण
विशेषज्ञों और पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार इस भारी वृद्धि के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं
- मिडिल ईस्ट संकट – ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है। दुनिया की लगभग 20-30% एलपीजी सप्लाई इसी मार्ग पर अटकी हुई है।
- सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) में उछाल – अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के रूप में माना जाने वाला सऊदी सीपी मार्च में $542 प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर अप्रैल के लिए $780 प्रति मीट्रिक टन हो गया है। यह लगभग 44% की सीधी वृद्धि है।
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी – पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 50% तक बढ़ गई हैं जिसका असर एलपीजी और एटीएफ (हवाई ईंधन) की उत्पादन लागत पर पड़ा है।
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घरेलू रसोई गैस (14.2 kg) पर क्या असर हुआ?
राहत की बात यह है कि सरकार ने आम आदमी के रसोई के बजट को फिलहाल सुरक्षित रखा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- दिल्ली में घरेलू सिलेंडर – ₹913.00
- कोलकाता में घरेलू सिलेंडर – ₹939.00
- पटना में घरेलू सिलेंडर – ₹1,002.50
हालांकि याद दिला दें कि मार्च 2026 के पहले सप्ताह में घरेलू गैस की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी। फिलहाल 1 अप्रैल की समीक्षा में इसे स्थिर रखा गया है।
सिलेंडर वितरण और रिफिलिंग के नए नियम (2026)
हाल ही में सरकार ने कमर्शियल और घरेलू दोनों तरह के सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘अनिवार्य बुकिंग अंतराल’ (Mandatory Booking Interval) के नियमों में कड़ा बदलाव किया है।
घरेलू सिलेंडर (Domestic LPG) – कब मिलेंगे?
मार्च 2026 के मध्य में जारी गाइडलाइंस के अनुसार अब उपभोक्ता अपनी मर्जी से कभी भी सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। इसके लिए निम्नलिखित समय सीमा तय की गई है
- शहरी क्षेत्र (Urban Areas) – एक सिलेंडर प्राप्त करने के बाद, अगला सिलेंडर आप केवल 25 दिन के अंतराल के बाद ही बुक कर सकते हैं। पहले यह सीमा 15 से 21 दिन के बीच लचीली थी।
- ग्रामीण क्षेत्र (Rural Areas) – ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में यह सीमा बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है। पहले यहाँ भी 25-30 दिन में रिफिल मिल जाती थी।
कमर्शियल सिलेंडर (Commercial LPG): आपूर्ति की स्थिति
होटल और ढाबों के लिए कमर्शियल सिलेंडर की मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ कड़े कदम उठाए गए हैं
- प्राथमिकता क्षेत्र – वर्तमान में कमर्शियल आपूर्ति में अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी मेस को प्राथमिकता दी जा रही है।
- डिलीवरी समय.- पहले कमर्शियल सिलेंडर बुकिंग के 24 घंटे के भीतर मिल जाते थे। वर्तमान संकट और भारी मांग को देखते हुए अब डिलीवरी में 2 से 3 कार्यदिवस (Working Days) का समय लग रहा है।
- नियम – होटल और रेस्तरां को अब अपनी औसत मासिक खपत का रिकॉर्ड डिजिटल पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य है ताकि स्टॉक की जमाखोरी रोकी जा सके।
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तुलनात्मक विश्लेषण – पहले और अब
| श्रेणी | पहले का नियम/स्थिति | नया नियम (1 अप्रैल 2026 से प्रभावी) |
| घरेलू बुकिंग अंतराल (शहरी) | 15-21 दिन | 25 दिन (अनिवार्य प्रतीक्षा) |
| घरेलू बुकिंग अंतराल (ग्रामीण) | 25-30 दिन | 45 दिन (अनिवार्य प्रतीक्षा) |
| कमर्शियल डिलीवरी समय | तत्काल (24 घंटे) | 48 से 72 घंटे |
| कीमतों में बदलाव (Commercial) | स्थिर या मामूली गिरावट | ₹195.50 – ₹220 तक की वृद्धि |
आम जनता और व्यापार पर प्रभाव
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹195 से ₹218 तक की वृद्धि का सीधा असर बाजार पर पड़ेगा
- बाहर खाना महंगा होगा – रेस्टोरेंट, कैफे और ढाबा मालिकों के लिए लागत बढ़ जाएगी जिससे वे थाली और डिशेज के दाम बढ़ा सकते हैं।
- कैटरिंग सेवाएं – शादी-ब्याह के सीजन में कैटरिंग के खर्च बढ़ सकते हैं।
- लघु उद्योग – छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों (Food Processing Units) पर भी इसका वित्तीय दबाव बढ़ेगा।
आगे की राह
पेट्रोलियम मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता है तो आने वाले महीनों में ऊर्जा की कीमतें और अधिक अस्थिर रह सकती हैं। ओएमसी कंपनियां हर महीने की 1 तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं इसलिए अगली बड़ी अपडेट 1 मई को संभावित है।
महत्वपूर्ण टिप – गैस सिलेंडर के आधिकारिक रेट्स के लिए आप हमेशा IndianOil (IOCL), BPCL या HPCL की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं।







