PNG (Piped Natural Gas), यानी पाइप वाली प्राकृतिक गैस, रसोई और उद्योगों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन का एक आधुनिक और सुरक्षित माध्यम है। सरल शब्दों में कहें तो जिस तरह आपके घर में नल से पानी आता है ठीक उसी तरह पाइप के जरिए गैस की सप्लाई की जाती है।
PNG गैस कैसे काम करती है?
PNG मुख्य रूप से मीथेन (CH_4) गैस होती है। इसे स्टील और पॉलीथीन (MDPE) पाइपों के एक नेटवर्क के जरिए सीधे आपके घर की रसोई या फैक्ट्रियों तक पहुँचाया जाता है। इसके लिए आपको एलपीजी (LPG) की तरह सिलेंडर बुक करने या उसे उठाने की जरूरत नहीं होती।
PNG के मुख्य लाभ
- निरंतर आपूर्ति – यह 24×7 उपलब्ध रहती है। सिलेंडर खत्म होने या रिफिलिंग का इंतज़ार करने का झंझट नहीं होता।
- सुरक्षा – PNG हवा से हल्की होती है इसलिए यदि कभी लीक होती भी है तो यह तुरंत हवा में ऊपर उड़ जाती है और आग लगने का खतरा कम होता है। इसके विपरीत, एलपीजी भारी होने के कारण जमीन पर जमा हो जाती है।
- किफ़ायती – आमतौर पर यह पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर की तुलना में सस्ती पड़ती है क्योंकि इसमें ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम होता है।
- जगह की बचत – रसोई में सिलेंडर रखने की जगह बच जाती है।
- सटीक बिलिंग – इसमें पानी या बिजली के मीटर की तरह गैस मीटर लगा होता है। आप जितनी गैस इस्तेमाल करेंगे, बिल उतना ही आएगा।
एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) में अंतर
| विशेषता | एलपीजी (LPG) | पीएनजी (PNG) |
| वितरण | सिलेंडर में भरकर आता है | पाइपलाइन के जरिए आती है |
| प्रकृति | हवा से भारी (जमीन पर बैठती है) | हवा से हल्की (हवा में मिल जाती है) |
| भुगतान | एडवांस (सिलेंडर लेते समय) | पोस्टपेड (इस्तेमाल के बाद बिल) |
| दबाव | अधिक दबाव | बहुत कम दबाव (सुरक्षित) |
कनेक्शन कैसे लें?
भारत में अलग-अलग शहरों में अलग-अलग कंपनियां जैसे IGL, MGL, Adani Gas, GAIL आदि यह सेवा प्रदान करती हैं। आप उनकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर ‘New Connection’ के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कुछ बुनियादी दस्तावेजों जैसे आईडी प्रूफ और एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता होती है।
देश में गहराते गैस संकट को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने एक ऐतिहासिक और सख्त फैसला लिया है। सरकार ने ‘तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) संशोधन आदेश, 2026’ को लागू कर दिया है।
इस नए आदेश के अनुसार अब उन सभी उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर रखना प्रतिबंधित कर दिया गया है जिनके पास पहले से पीएनजी (PNG – Piped Natural Gas) का कनेक्शन मौजूद है। यह कदम मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण उत्पन्न हुई एलपीजी आपूर्ति की कमी को प्रबंधित करने के लिए उठाया गया है।
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नए सरकारी आदेश का मुख्य सारांश
पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना के अनुसार नियमों में निम्नलिखित प्रमुख बदलाव किए गए हैं
- दोहरे कनेक्शन पर प्रतिबंध – यदि आपके घर में पाइप वाली गैस (PNG) है तो आप अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर नहीं रख सकते।
- रिफिलिंग पर रोक – सरकारी तेल कंपनियाँ (IOCL, BPCL, HPCL) और उनके डिस्ट्रीब्यूटर्स उन ग्राहकों को सिलेंडर रिफिल नहीं देंगे जिनके पास PNG कनेक्शन है।
- सरेंडर करना अनिवार्य – ऐसे सभी ग्राहकों को अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन और सिलेंडर तुरंत अपने संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर के पास सरेंडर (जमा) करने होंगे।
- नए कनेक्शन पर पाबंदी – PNG उपयोगकर्ताओं को भविष्य में भी कोई नया घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा।
- कंपनियों के लिए निर्देश – तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को आदेश दिया गया है कि वे अपने डेटाबेस को अपडेट करें और PNG क्षेत्रों में सिलेंडर की आपूर्ति रोकें।
यह फैसला क्यों लिया गया? (गैस संकट के कारण)
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60% आयात करता है जिसका 90% हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। वर्तमान संकट के पीछे निम्नलिखित बड़े कारण हैं
- मध्य पूर्व का युद्ध – ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी – दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और भारी मात्रा में एलपीजी इसी रास्ते से गुजरती है। इसकी बंदी के कारण भारत में आयातित गैस की आवक अप्रैल 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है।
- पैनिक बुकिंग – संकट की खबरों के बीच देश में सिलेंडर की बुकिंग में 60% तक का उछाल देखा गया। सामान्यतः प्रतिदिन 55 लाख बुकिंग के मुकाबले यह आंकड़ा 88 लाख को पार कर गया जिससे सरकार को सख्ती बरतनी पड़ी।
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PNG यूजर्स के लिए क्या बदल जाएगा?
सरकार का मानना है कि PNG एक सुरक्षित और निरंतर माध्यम है इसलिए संकट के समय एलपीजी सिलेंडर उन ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों के लिए आरक्षित किए जाने चाहिए जहाँ अभी तक पाइपलाइन नहीं पहुँची है।
| स्थिति | नया नियम (2026) |
| मौजूदा सिलेंडर | तुरंत सरेंडर करना होगा, घर में रखना अब ‘अवैध’ श्रेणी में आ सकता है। |
| बुकिंग | यदि आप PNG यूजर हैं, तो आपकी ऑनलाइन या ऑफलाइन बुकिंग स्वीकार नहीं होगी। |
| सुरक्षा जमा (Refund) | सिलेंडर सरेंडर करने पर ग्राहक को उसकी सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि वापस मिलेगी। |
| विकल्प | ग्राहक केवल PNG पर निर्भर रहेंगे। सरकार ने PNG आपूर्ति को 100% प्राथमिकता देने का आदेश दिया है। |
सरकार की तैयारी और आश्वासन
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने संकट से निपटने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं
- घरेलू उत्पादन में वृद्धि – भारतीय रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने का आदेश दिया गया है जिससे घरेलू उत्पादन में 28-30% की वृद्धि हुई है।
- PNG को प्राथमिकता – ‘अनिवार्य वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) के तहत पाइप वाली गैस को ‘प्रायोरिटी सेक्टर-1’ में रखा गया है ताकि घरों में गैस की सप्लाई कभी न रुके।
- नए आयात स्रोत – भारत अब अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा और रूस जैसे देशों से अतिरिक्त एलपीजी कार्गो मंगवाने के लिए बातचीत कर रहा है।
- कीमतों पर नियंत्रण – मांग को नियंत्रित करने के लिए 7 मार्च 2026 को घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 7% की वृद्धि की गई थी दिल्ली में अब ₹913।
सिलेंडर सरेंडर करने की प्रक्रिया
PNG उपभोक्ता नीचे दिए गए चरणों का पालन कर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं
- डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाएँ – अपने गैस डीलर के पास ‘सब्सक्रिप्शन वाउचर’ (SV) लेकर जाएँ।
उपकरण जमा करें – खाली सिलेंडर और रेगुलेटर जमा करें।
- रसीद प्राप्त करें – सरेंडर की रसीद और रिफंड वाउचर लें।
- सुरक्षित अभिरक्षा (Safe Custody) – यदि आप भविष्य में फिर से कनेक्शन लेना चाहते हैं (PNG कटने की स्थिति में), तो आप ‘सेफ कस्टडी’ का विकल्प चुन सकते हैं जिसमें आपको बाद में बिना अतिरिक्त शुल्क के कनेक्शन मिल सकता है।
सरकार का यह निर्णय “एक घर, एक ईंधन” की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित करना है ताकि गरीब परिवारों और उन क्षेत्रों को गैस मिल सके जहाँ पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है। PNG यूजर्स के लिए यह थोड़ा असुविधाजनक हो सकता है लेकिन राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के हित में इसे अनिवार्य बनाया गया है।







