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इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 : 10 खिलाड़ियों से खेल रही ईस्ट बंगाल ने बेंगलुरु को 3-3 पर रोका

इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 : 10 खिलाड़ियों से खेल रही ईस्ट बंगाल ने बेंगलुरु को 3-3 पर रोका
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 17, 2026 3:13 अपराह्न
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कोलकाता । फुटबॉल के मैदान पर कभी-कभी आंकड़े और रणनीतियां धरी की धरी रह जाती हैं और सिर्फ एक चीज मायने रखती है—मैदान पर लड़ रहे खिलाड़ियों का ‘जिगर’। साल्ट लेक स्टेडियम (विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन) एक ऐसे ही ऐतिहासिक पल का गवाह बना जब इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में ईस्ट बंगाल एफसी ने वह करिश्मा कर दिखाया।लगभग 70 मिनट तक सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने के बावजूद, तीन बार पिछड़ने के बाद, ईस्ट बंगाल ने बेंगलुरु एफसी को 3-3 की बराबरी पर रोक दिया।

तेज रफ्तार के साथ हुई खेल की शुरुआत

 मैच में दोनों ही टीमों ने डिफेंस के बजाय अटैक पर भरोसा जताया। बेंगलुरु एफसी, जो इस सीजन में बेहतरीन फॉर्म में चल रही है, उसने 12वें मिनट में ही अपनी ताकत दिखा दी। आशिक कुरुनियान ने विंग से दौड़ लगाते हुए एक ऐसा पावरफुल शॉट लगाया कि ईस्ट बंगाल के गोलकीपर प्रभसुखन गिल गेंद को सिर्फ हवा में हाथ मारते रह गए। स्कोर 1-0 होते ही बेंगलुरु के खेमे में जश्न शुरू हो गया।ईस्ट बंगाल के खिलाड़ियों ने आपसी तालमेल बिठाया और जवाबी हमले शुरू किए। 21वें मिनट में अनवर अली ने बॉक्स के अंदर मिली एक गेंद पर ऐसी सटीक ‘ओवरहेड किक’ लगाई कि गेंद सीधे जाल में जा उलझी। यह इस सीजन के सबसे खूबसूरत गोलों में से एक था। 

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रेड कार्ड ने बढ़ाई ईस्ट बंगाल की मुश्किलें

मुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 24वें मिनट में आया, जब ईस्ट बंगाल के खिलाड़ी मिगुएल फरेरा को रेड कार्ड दिखा दिया गया। इसके बाद टीम को पूरे मैच में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। बेंगलुरु ने इस संख्या बल का फायदा उठाने में देर नहीं की। 39वें मिनट में सुरेश सिंह वांगजाम ने एक सधे हुए मूव को गोल में तब्दील कर स्कोर 2-1 कर दिया।

दोबारा वापसी और हौसलों की आजमाइश

दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल के खिलाड़ियों ने जो खेल दिखाया, उसे आने वाले सालों तक  मिसाल के तौर पर याद रखा जाएगा। 56वें मिनट में साउल क्रेस्पो ने बेंगलुरु के डिफेंस की सुस्ती का फायदा उठाया और स्कोर 2-2 कर दिया।

लेकिन बेंगलुरु ने फिर हमला बोला। 71वें मिनट में रयान विलियम्स के हेडर ने स्कोर 3-2 कर दिया।घड़ी की सुइयां 90 मिनट पार कर चुकी थीं। बेंगलुरु के खेमे में जश्न की तैयारी थी और ईस्ट बंगाल के फैंस मायूस होकर स्टेडियम से निकलने ही वाले थे।

आखिरी मिनट में बदला मैच का नतीजा

इंजरी टाइम के 7 मिनट दिए गए थे। 96 मिनट बीत चुके थे। रेफरी सीटी बजाने ही वाले थे कि ईस्ट बंगाल को आखिरी हमला करने का मौका मिला। गेंद एंटोन सोजबर्ग के पास पहुंची। सोजबर्ग ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट के कोने में डाल दिया। यह सिर्फ एक गोल नहीं था, यह उन 10 खिलाड़ियों की मेहनत और हजारों फैंस की दुआओं का असर था। स्कोर 3-3 हो गया और इसके साथ ही रेफरी ने मैच खत्म होने की सीटी बजा दी।

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अंक तालिका का समीकरण: किसे मिला फायदा, किसे नुकसान?

इस रोमांचक ड्रॉ के बाद अंक तालिका की गणित भी काफी  दिलचस्प हो गई है। बेंगलुरु एफसी के लिए यह मैच ‘दो अंक गंवाने’ जैसा रहा। अगर वे यह मैच जीत जाते, तो शीर्ष स्थान पर उनकी पकड़ और भी मजबूत हो जाती, लेकिन आखिरी सेकंड में गोल खाने की वजह से उन्हें सिर्फ एक अंक से संतोष करना पड़ा।वहीं, ईस्ट बंगाल के लिए यह एक अंक किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। 10 खिलाड़ियों के साथ संघर्ष करके कमाया गया यह अंक उन्हें तालिका  में शीर्ष चार में बनाए हुए है । इस मैच के बाद ईस्ट बंगाल और बेंगलुरु एफसी के 15-15 अंक है लेकिन बेहतर गोल औसत के कारण बंगाल तीसरे और बेंगलुरु चौथे स्थान पर है और प्ले ऑफ की तगड़ी दावेदार बनी हुई हैं।

तकनीकी रूप से यह मैच ड्रॉ रहा, लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से यह ईस्ट बंगाल की बड़ी जीत है। बेंगलुरु के लिए यह शर्मिंदगी की बात है कि 11 खिलाड़ी होने के बावजूद वे तीन बार लीड लेकर भी मैच नहीं जीत सके। वहीं, ईस्ट बंगाल के कोच कार्लस कुआड्राट के लिए यह मैच उनके खिलाड़ियों के ‘करेज’ (साहस) का सर्टिफिकेट है।कोलकाता की इस रात ने एक बार फिर याद दिला दिया कि फुटबॉल में आप तब तक सुरक्षित नहीं हैं, जब तक रेफरी की आखिरी सीटी न बज जाए। ईस्ट बंगाल के फैंस के लिए यह एक अंक नहीं, बल्कि उनके गौरव की वापसी है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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