व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 – चेन्नईयन एफसी को 3-1 से हराकर ईस्ट बंगाल अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंचा

इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 - चेन्नईयन एफसी को 3-1 से हराकर ईस्ट बंगाल अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंचा
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 12, 2026 2:35 अपराह्न
Follow Us:

चेन्नई। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2025-26 के एक रोमांचक मुकाबले में ईस्ट बंगाल एफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नईयन एफसी को 3-1 से पराजित कर दिया। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले में ईस्ट बंगाल ने शुरुआती बढ़त लेने के बाद संयम बनाए रखा और अंत में देर से किए गए गोलों के दम पर जीत अपने नाम की।यह जीत ईस्ट बंगाल के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही, क्योंकि इस जीत के साथ टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गई, जबकि चेन्नईयन एफसी निचले पायदान पर ही संघर्ष करता नजर आया। मुकाबले की शुरुआत से ही ईस्ट बंगाल ने आक्रामक रुख अपनाया। 

मैच के 7वें मिनट में ही टीम को सफलता मिल गई जब एडमंड ललरिंदिका ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल टीम के कप्तान साउल क्रेस्पो के बेहतरीन पास का नतीजा था, जिसने चेन्नईयन की रक्षा पंक्ति को चीर दिया। ईस्ट बंगाल की यह रणनीति साफ थी— शुरुआत में ही दबाव बनाओ। कोच का यह दांव सही बैठा और रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड ने शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। लेकिन चेन्नई की टीम भी कोई नई खिलाड़ी नहीं थी। उन्होंने इस झटके से उबरने के लिए थोड़ा वक्त लिया, लेकिन जब वापसी की, तो खेल का मजा दोगुना हो गया।

चेन्नईयन की वापसी, मुकाबला हुआ बराबरी का

पहले गोल के बाद चेन्नई ने मिडफील्ड में अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की। टीम के अनुभवी खिलाड़ियों ने खेल की गति को धीमा किया और छोटे-छोटे पास के जरिए ईस्ट बंगाल के बॉक्स में सेंध लगानी शुरू की। दर्शकों का शोर तब सातवें आसमान पर पहुंच गया जब इरफान यादवाड ने एक बेहतरीन तालमेल का नमूना पेश करते हुए गेंद को नेट के अंदर धकेल दिया।इस गोल ने न सिर्फ स्कोर 1-1 किया, बल्कि मैच में एक नई जान फूंक दी। पहले हाफ के खत्म होने तक दोनों टीमें बराबरी पर थीं, लेकिन मनोवैज्ञानिक बढ़त चेन्नई के पास दिख रही थी क्योंकि उन्होंने पिछड़ने के बाद वापसी की थी।

kkj

दूसरे हाफ में कड़ा संघर्ष, लेकिन गोल का इंतजार

हाफ टाइम के बाद जब खिलाड़ी मैदान पर लौटे, तो खेल का मिजाज बदला हुआ था। अब दोनों टीमें सावधानी बरत रही थीं। कोई भी ऐसी गलती नहीं करना चाहता था जिससे मैच हाथ से निकल जाए। चेन्नईयन एफसी ने अपने घरेलू मैदान और फैंस के समर्थन का फायदा उठाने के लिए आक्रमण तेज किए, लेकिन ईस्ट बंगाल की डिफेंस लाइन किसी चट्टान की तरह खड़ी हो गई।इस दौरान मैदान पर कई बार तीखी झड़पें भी देखने को मिलीं, जो इस मैच की अहमियत को बयां कर रही थीं। 

ईस्ट बंगाल के डिफेंस ने जिस तरह से चेन्नई के फॉरवर्ड्स को ब्लॉक किया, उसने कोच की मेहनत साफ दिखाई। धीरे-धीरे मैच 80वें मिनट की ओर बढ़ रहा था और कमेंट्री बॉक्स से लेकर स्टैंड्स तक, हर कोई यही मान बैठा था कि मुकाबला ड्रॉ पर खत्म होगा और दोनों टीमें एक-एक अंक बांट लेंगी।

read more :

अंतिम मिनटों में ईस्ट बंगाल का धमाका

मैच के 83वें मिनट में बिपिन सिंह ने मौका मिलते ही शानदार फिनिश किया और ईस्ट बंगाल को 2-1 की बढ़त दिला दी। यह गोल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

चेन्नईयन एफसी ने बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन इसी कोशिश में उनकी डिफेंस खुल गई। इंजरी टाइम में नंधा कुमार ने तीसरा गोल दागकर मुकाबले पर पूरी तरह मुहर लगा दी।

भारतीय खिलाड़ियों का जलवा

इस मैच की जो बात सबसे ज्यादा दिल जीत लेने वाली थी, वो थी ‘देसी जलवा’। विदेशी खिलाड़ियों के दबदबे वाले इस लीग में, इस मैच के चारों गोल भारतीय खिलाड़ियों ने किए। एडमंड, इरफान, बिपिन और नंधा—इन चारों ने यह साबित कर दिया कि भारतीय फुटबॉल का भविष्य सही हाथों में है।बिपिन सिंह को उनके खेल और सूझबूझ के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने न सिर्फ गोल किया, बल्कि पूरे मैच के दौरान विपक्षी टीम के डिफेंडर्स को व्यस्त रखा।

आंकड़ों से ज्यादा अहम रहा जज्बा

अगर आंकड़ों की बात करें तो मुकाबला काफी हद तक संतुलित रहा। पजेशन और मौके दोनों टीमों के पास थे, लेकिन फर्क सिर्फ इतना रहा कि ईस्ट बंगाल ने अपने मौके सही समय पर भुनाए।चेन्नईयन एफसी ने भी अच्छा खेल दिखाया, लेकिन निर्णायक पलों में चूक उन्हें भारी पड़ गई।ईस्ट बंगाल की इस जीत ने अंक तालिका के समीकरण बदल दिए हैं। टॉप-3 में जगह बनाना किसी भी टीम के लिए सीजन के इस मोड़ पर बहुत बड़ी बात होती है। 

चेन्नई के लिए खतरे की घंटी

चेन्नईयन एफसी के लिए यह हार सिर्फ तीन अंकों का नुकसान नहीं है, बल्कि यह उनकी रणनीति पर एक बड़ा सवालिया निशान है। अपने घर में, अपने दर्शकों के सामने इस तरह आखिरी मिनटों में बिखर जाना कोच के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। उन्हें यह देखना होगा कि डिफेंस में कहां चूक हो रही है और क्यों टीम मैच के अंतिम समय में एकाग्रता खो देती है। अगर उन्हें प्ले-ऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो अगले मैचों में इस गलती को सुधारना ही होगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment