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इंडियन सुपर लीग (ISL)2025-26 – घरेलू मैदान पर फिर निराश हुई चेन्नईयन इंटर काशी ने किया 2-1 से पराजित

इंडियन सुपर लीग (ISL)2025-26 - घरेलू मैदान पर फिर निराश हुई चेन्नईयन इंटर काशी ने किया 2-1 से पराजित
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 8, 2026 12:58 अपराह्न
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चेन्नई। मंगलवार की शाम चेन्नई के मरीना एरिना (जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम) में फुटबॉल का जो रोमांच देखने को मिला, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह खेल सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि मौकों को भुनाने का है। इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में घरेलू टीम चेन्नईयन एफसी (CFC) को नवोदित लेकिन आक्रामक इंटर काशी के खिलाफ 1-2 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। 

करीब 15,000 दर्शकों की मौजूदगी में खेला गया यह मैच उतार-चढ़ाव की एक ऐसी दास्तां रहा, जिसे चेन्नई के प्रशंसक शायद ही याद रखना चाहें।मैच की शुरुआत से ही कोच क्लिफोर्ड मिरांडा की टीम चेन्नईयन एफसी ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। खेल के पहले 15 मिनटों में गेंद पर चेन्नई का नियंत्रण 65 प्रतिशत से अधिक रहा। मिडफील्ड में अनिरुद्ध थापा और विंसी बारेटो की जुगलबंदी ने इंटर काशी के डिफेंस की नाक में दम कर दिया था। 

ऐसा लग रहा था कि चेन्नई किसी भी क्षण बढ़त बना लेगी।22वें मिनट में चेन्नई को गोल करने का एक सुनहरा मौका मिला जब विंसी ने राइट विंग से एक सटीक क्रॉस बॉक्स के भीतर भेजा, लेकिन वहां खड़े स्ट्राइकर तालमेल की कमी के कारण गेंद को नेट में नहीं डाल सके। इंटर काशी की रक्षापंक्ति ने इस दौरान ‘लो-ब्लॉक’ रणनीति अपनाई। कोच एंटोनियो लोपेज हाबास ने अपनी टीम को निर्देश दिए थे कि वे अपनी शेप न बिगाड़ें और काउंटर अटैक का इंतजार करें। पहले 45 मिनट तक स्कोरबोर्ड 0-0 रहा, लेकिन मैच की लय पूरी तरह से चेन्नई के पक्ष में झुकती नजर आ रही थी।

दूसरे हाफ में बदला मैच का मिजाज

ब्रेक के बाद जब खेल शुरू हुआ तो इंटर काशी की टीम बिल्कुल बदली हुई मानसिकता के साथ मैदान पर उतरी। 46वें मिनट में, जब चेन्नई के खिलाड़ी शायद अभी खेल में पूरी तरह ध्यान केंद्रित भी नहीं कर पाए थे, तभी अल्फ्रेड प्लानास ने जादू कर दिया। मिडफील्ड से मिले एक लंबे थ्रू-बॉल को लेकर प्लानास ने चेन्नई के डिफेंडर को बीट करते हुए गोल के सामने पहुंचे  और गोलकीपर को पूरी तरह छकाते हुए गेंद को गोल पोस्ट के बाएं कोने में डाल दिया।यह गोल चेन्नई के लिए एक गहरे सदमे की तरह था। 

अभी घरेलू टीम इस झटके से संभलने की कोशिश कर ही रही थी कि 54वें मिनट में प्लानास ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। इस बार यह गोल चेन्नई के डिफेंस की एक बचकानी गलती का नतीजा था। एक गलत क्लीयरेंस ने गेंद सीधे प्लानास के पैरों में डाल दी, और उन्होंने कोई गलती न करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। मात्र आठ मिनट के भीतर पूरे स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया था।

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चेन्नईयन की कोशिशें, लेकिन देर से जागी उम्मीद

दो गोल से पिछड़ने के बाद चेन्नईयन एफसी के पास खोने के लिए कुछ नहीं था। कोच मिरांडा ने तुरंत तीन बदलाव किए और आक्रामक खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा। मैच का अंतिम आधा घंटा पूरी तरह से वन-वे ट्रैफिक की तरह था। चेन्नई ने लगातार हमले किए, कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इंटर काशी का गोलकीपर आज जैसे दीवार बनकर खड़ा था।80वें मिनट के बाद मैच और भी रोमांचक हो गया। 

इंटर काशी ने समय बिताने की रणनीति अपनाई, जिससे मैच में थोड़ी गर्माहट भी देखने को मिली। इंजरी टाइम के रूप में 7 मिनट जोड़े गए। जब उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी थीं, तब 90+5वें मिनट में डैनियल चीमा चुक्वु ने एक पावरफुल हेडर के जरिए गोल कर स्कोर 1-2 कर दिया। अगले दो मिनट तक चेन्नई ने पागलों की तरह बराबरी के लिए हमला किया, लेकिन रेफरी की अंतिम सीटी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

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आंकड़ों में आगे, नतीजे में पीछे

अगर आंकड़ों को गौर से देखा जाए तो चेन्नईयन एफसी ने इस मैच में कुल 18 शॉट लिए, जिनमें से 7 टारगेट पर थे। वहीं, इंटर काशी ने पूरे मैच में केवल 5 शॉट लिए और उनमें से 2 को गोल में तब्दील कर दिया। यही वह अंतर है जो एक अच्छी टीम और एक ‘विजेता’ टीम के बीच होता है। चेन्नई का पासिंग एक्यूरेसी 82 प्रतिशत रहा, जबकि इंटर काशी का केवल 68 प्रतिशत। लेकिन फुटबॉल के मैदान पर अंत में स्कोरबोर्ड ही राजा होता है।

रणनीति और प्रदर्शन पर सवाल

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि चेन्नईयन एफसी की सबसे बड़ी कमजोरी उनका ‘ट्रांजिशन’ रहा। जब वे हमले से बचाव की मुद्रा में आते हैं, तो उनके डिफेंस में काफी गैप नजर आता है। अल्फ्रेड प्लानास ने ठीक इसी कमजोरी का फायदा उठाया। वहीं, इंटर काशी के कोच हाबास ने एक बार फिर अपनी मास्टरक्लास रणनीति का प्रदर्शन किया। उन्होंने जानते हुए कि चेन्नई एक आक्रामक टीम है, अपनी टीम को पीछे रखकर खेलने और सही मौके पर वार करने के लिए तैयार किया था।

अंक तालिका में असर और भविष्य

इस जीत के साथ इंटर काशी अब अंक तालिका में शीर्ष पांच के करीब पहुंच गई है। उनके लिए यह तीन अंक संजीवनी की तरह हैं। दूसरी ओर, चेन्नईयन एफसी के लिए अब प्लेऑफ की राह कठिन होती जा रही है। उन्हें अपने अगले मैचों में न केवल मिडफील्ड में सुधार करना होगा, बल्कि स्ट्राइकर्स को गोल के सामने अधिक क्लिनिकल होना पड़ेगा।

यह मैच उन युवाओं के लिए एक सबक है जो फुटबॉल को सिर्फ दौड़ने का खेल समझते हैं। यह मैच दिमाग, धैर्य और सटीकता का था। इंटर काशी ने चेन्नई के समुद्र तट पर अपनी जीत का परचम लहरा दिया है, जबकि चेन्नईयन को अब अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करने के लिए ड्राइंग बोर्ड पर लौटना होगा।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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