कोलकाता। इंडियन सुपर लीग (ISL) के एक मुकाबले में मोहन बागान सुपर जायंट्स ने पंजाब एफसी को 3-2 से पराजित किया । युवा भारती क्रीड़ांगन (साल्ट लेक स्टेडियम) में खेला गया यह मुकाबला अंतिम समय तक रोमांच से भरपूर रहा और दर्शकों को शानदार खेल देखने को मिला
मैच की शुरुआत: पंजाब की तेज शुरुआत
मैच की शुरुआत किसी ने ऐसी सोची नहीं थी। कोलकाता के घरेलू मैदान पर मोहुन बागान को उम्मीद थी कि वे शुरू से ही दबदबा बनाएंगे, लेकिन पंजाब FC के कोच ने एक अलग ही रणनीति तैयार की थी। विंग्स का इस्तेमाल करते हुए पंजाब ने खेल के पहले 10 मिनट में ही बागान की डिफेंस को पूरी तरह से एक्सपोज कर दिया।पंजाब ने हाई-प्रेसिंग गेम खेला और इसका फल उन्हें तब मिला जब बागान के डिफेंडर्स एक साधारण से क्रॉस को क्लियर करने में चूक गए। पंजाब के स्ट्राइकर ने कोई गलती नहीं की और गेंद को जाली में उलझा दिया। पूरा स्टेडियम सन्न था। बागान के मिडफील्ड में तालमेल की भारी कमी दिख रही थी और पासिंग इतनी खराब थी कि कोच विन्सेन्जो अल्बर्टो भी डगआउट में परेशान नजर आ रहे थे।
बागान की वापसी, खेल में लौटा संतुलन
पहला गोल खाने के बाद करीब 20 मिनट तक मोहन बागान की टीम बिखरी हुई दिखी। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने खेल पर पकड़ बनाना शुरू किया। साहल अब्दुल समद और लिस्टन कोलासो ने अपनी ड्रिब्लिंग से पंजाब के फुल-बैक को परेशान करना शुरू किया। हाफ-टाइम की सीटी बजने से कुछ मिनट पहले बागान को वह मौका मिला जिसकी उसे तलाश थी। एक बेहतरीन टीम वर्क के जरिए बागान ने बराबरी का गोल दागा। 1-1 के स्कोर के साथ जब टीमें टनल की ओर बढ़ीं, तो लगा कि मैच अब बागान के कंट्रोल में आ जाएगा।
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दूसरे हाफ में फिर बदला समीकरण
ब्रेक के बाद उम्मीद थी कि बागान हावी होगा, लेकिन कहानी में एक और ट्विस्ट बाकी था। पंजाब एफसी ने दूसरे हाफ की शुरुआत में ही एक बिजली जैसी तेजी वाला काउंटर-अटैक किया। मोहुन बागान की डिफेंस एक बार फिर ‘ऑफ-गार्ड’ पकड़ी गई। पंजाब ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-1 कर दिया।
साहल का जादू, उम्मीद जिंदा
जब मैच बागान के हाथों से फिसलता दिख रहा था, तब साहल अब्दुल समद ने अपना क्लास दिखाया। करीब 25 गज की दूरी से साहल ने एक ऐसा ‘कर्व्ड’ शॉट लिया जिसने हवा में अपनी दिशा बदली और सीधे गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में जा घुसी। यह एक ऐसा गोल था जिसे बार-बार रिप्ले में देखा जा सकता है। इस गोल ने न सिर्फ स्कोर 2-2 किया, बल्कि पंजाब के खिलाड़ियों के मनोबल को भी हिलाकर रख दिया। अब मैदान पर बागान की टीम एक अलग ही ऊर्जा के साथ खेल रही थी।
आखिरी पलों का रोमांच
मैच 90 मिनट पार कर चुका था। चौथे अंपायर ने स्टॉपेज टाइम का बोर्ड दिखाया। हर कोई मान चुका था कि दोनों टीमें अंक बांटने पर राजी हो जाएंगी। लेकिन तभी बॉक्स के ठीक बाहर मोहुन बागान को एक फ्री-किक मिली। जेसन कमिंग्स ने गेंद उठाई और उसे स्पॉट पर रखा।स्टेडियम में सन्नाटा था। कमिंग्स ने छोटा सा रन-अप लिया और एक सटीक किक लगाई। गेंद पंजाब के डिफेंसिव वॉल के ऊपर से निकलते हुए गोलकीपर के बाईं ओर से जाली में जा धंसी। स्कोर 3-2! कमिंग्स का यह गोल निर्णायक साबित हुआ।
पंजाब की अच्छी कोशिश, लेकिन अंत में चूक
पंजाब एफसी ने इस मैच में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। दो बार बढ़त लेना आसान नहीं होता, खासकर एक मजबूत टीम के खिलाफ।
लेकिन मैच के अंतिम पलों में डिफेंस में एकाग्रता की कमी उन्हें भारी पड़ गई। यही छोटी-सी चूक हार का कारण बनी।
अंक तालिका पर असर
इस जीत के साथ मोहन बागान ने अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली, अब वह 17 अंकों के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है। टीम ने लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखते हुए खिताबी दौड़ में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है। वहीं पंजाब एफसी को इस हार से झटका लगा है और उसे आगामी मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
यह मुकाबला फुटबॉल प्रेमियों के लिए किसी रोमांचक कहानी से कम नहीं था। दो बार पीछे रहने के बावजूद जिस तरह मोहुन बागान ने वापसी की, वह टीम की मानसिक मजबूती और जीत की भूख को दर्शाता है।दूसरी ओर, पंजाब एफसी ने भी साबित किया कि वह किसी भी बड़ी टीम को चुनौती दे सकती है। हालांकि, उसे अपने खेल में निरंतरता और अंत तक फोकस बनाए रखने की जरूरत है।
इस तरह, इंडियन सुपर लीग 2025-26 का यह मुकाबला यादगार बन गया, जिसमें संघर्ष, कौशल और नाटकीयता – तीनों का बेहतरीन संगम देखने को मिला।







