टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी बैठक में बंगाल के चुनावी में जीते हुए उम्मीदवारों को संबोधित किया। यह बैठक कालीघाट स्थित उनके निवास पर हुई। बैठक में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे। बैठक में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर जाना चाहते है वह जा सकते है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को एक नए सिरे से खड़ा करना होगा। इस चुनाव में भले ही हमें हार का सामना करना पड़ा है लेकिन टीएमसी फिर से खड़ी होगी और बेहतर करेगी।
जहां के पार्टी कार्यालय अस्त व्यस्त हो गए है वहां एक नए सिरे से पार्टी कार्यालय को सुधारने का काम करना है। राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी ममता बनर्जी की बातों का समर्थन किया। इस बैठक में बंगाल विधानसभा में टीएमसी के जीते हुए उम्मीदवार और टीएमसी कार्यकर्ता मौजूद थे।
जो जा रहे है उन्हें मैं नहीं रोकूंगी
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की बैठक में कहा कि जो भी नेता पार्टी को छोड़कर जाना चाहते है वह जा सकते है उन्हें मैं नहीं रोकूंगी। हो सकता है कि जो नेता पार्टी छोड़कर जा रहे है उनकी कुछ मजबूरी हो। उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर जाना चाहते है उन्हें रोकने पर वह विश्वास नहीं रखती।
टीएमसी ने लगातार 15 साल तक बंगाल की जनता का विश्वास जीता है। एक हार के बाद कुछ ज्यादा नहीं बदलने वाला है। अगले विधानसभा चुनाव में टीएमसी जबरदस्त वापसी करेगी। ममता बनर्जी कुछ भी कहे लेकिन वह खुद भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी से हार चुकी है। वह अब केवल टीएमसी की संस्थापक और अध्यक्ष ही रह गई है। एक भी सीट न जीत पाने पर वह अब विधायक भी नहीं रही।
ममता बनर्जी और उनके मंत्री चुनाव हारे
ममता बनर्जी जितना भी प्रेरणादाई बाते अपने उम्मीदवारों के सामने कर ले लेकिन बंगाल विधानसभा चुनाव में खुद वह भी हार गई और उनके मंत्रियों को भी हार का सामना करना पड़ा। ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने 15000 वोटो के अंतर से भवानीपुर सीट से मात दी। बंगाल विधानसभा चुनाव 291 सीटो पर हुआ था जिसमें तृणमूल कांग्रेस महज 80 सीटों में सिमट गई। चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी ने अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ा था। उन्होंने कहा था कि EVM की चोरी के साथ साथ बंगाल में 27 लाख मतदाताओं का नाम हटाया जाना प्रमुख कारण रहा है। वह नहीं मानती कि टीएमसी चुनाव हारी है। बीजेपी ने वोट चोरी की है और इंडिया गठबंधन इस प्रकरण के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन करेगी।
7 दिनों के अंदर रिपोर्ट देने को कहा
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि कार्यकर्ता 7 दिनों के अंदर चुनाव हारने की समीक्षा बैठक कर चुनाव में हार किन कारणों से मिली इसकी जानकारी पार्टी कार्यालय को दे। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने यह भी आग्रह किया कि टीएमसी के ब्लॉक स्तर के नेता छोटे छोटे स्तरों में बैठक कर पार्टी कार्यकर्ताओं में मनोबल बढ़ाने का प्रयास करे। जहां जहां पार्टी कार्यालयों को क्षति पहुंची है वहां टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी खुद जाकर पेंट करेगी।
ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को गलत बयान से बचने का भी आग्रह किया। उन्होंने पार्टी बैठक में अपने उम्मीदवारों को कहा कि अगर किसी भी कार्यकर्ता को परेशानी है तो वह सीधा उनसे चर्चा करे न कि सीधा मीडिया पर जाकर गलत बयान दें।
दल फेरबदल से टीएमसी को होता है घाटा
चाहे ममता बनर्जी कितना भी कह ले कि जो लोग पार्टी को छोड़कर जाना चाहते हैं वह जा सकते है लेकिन सुबेंदु अधिकारी इसी घटना के नेता है। शुभेंदु अधिकारी लंबे वर्षों तक टीएमसी के साथ जुड़े रहे। टीएमसी ने उन्हें विधायक से लेकर संसद तक पहुंचाया। बाद में वो ममता बनर्जी की सरकार में राज्य मंत्री बने।
साल 2019 में शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी का दामन छोड़ बीजेपी का दामन थामा था। तब शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर और ममता बनर्जी पर परिवारवाद का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी में जान उनका आंतरिक विचार है। उस समय ममता बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी को मनाने की भरपूर कोशिश की लेकिन किसी भी तरीके से बात नहीं बनी। बाद में शुभेंदु अधिकारी को बीजेपी में जाने का फल मिला और 2026 में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर सीट से चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया था। उनके मेहनत का फल बीजेपी ने उन्हें बंगाल का मुख्यमंत्री बना कर दिया।







