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भारतीय शेयर बाजार समीक्षा – उतार-चढ़ाव के बीच लाल निशान में बाजार आईटी सेक्टर ने संभाली कमान

भारतीय शेयर बाजार समीक्षा - उतार-चढ़ाव के बीच लाल निशान में बाजार आईटी सेक्टर ने संभाली कमान
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 29, 2026 2:27 अपराह्न
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​​भारतीय शेयर बाजार में आज 29 मई 2026 को दोपहर के सत्र के दौरान भारी उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिल रहा है। सुबह के शुरुआती कारोबारी सत्र में वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों के चलते बाजार ने बढ़त के साथ शुरुआत की थी। हालांकि, दोपहर होते-होते निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और लाल निशान में आ गया।

​फिलहाल, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 300 अंकों की गिरावट के साथ 75,565 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 125 अंक टूटकर 23,780 के स्तर पर आ गया है। इस गिरावट के बावजूद सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के शेयरों में जोरदार तेजी देखी जा रही है, जिसने बाजार को और अधिक गिरने से रोका है।

​बाजार में गिरावट के मुख्य कारण

​दोपहर के सत्र में आई इस गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं

  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली –  साल 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार से लगातार अपना फंड निकाल रहे हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती यूएस बॉन्ड यील्ड के कारण विदेशी निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी संपत्तियों में लगा रहे हैं।
  • ग्लोबल एआई (AI) बूम की तरफ फंड डायवर्जन – वैश्विक स्तर पर इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर कंपनियों में भारी निवेश हो रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय बाजारों में इस थीम का सीधा एक्सपोजर कम होने के कारण भी वैश्विक फंड्स का रुख दूसरे बाजारों की तरफ हो रहा है।
  • महंगे वैल्यूएशन और कंसोलिडेशन –  भारतीय बाजारों का वैल्यूएशन पिछले कुछ समय से काफी ऊंचा बना हुआ है। निफ्टी और सेंसेक्स के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तरों (जैसे निफ्टी का 24,000 और सेंसेक्स का 76,000) को पार न कर पाने के कारण शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स और संस्थागत निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) करना बेहतर समझा।

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​टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स (Top Gainers & Top Losers)

​बाजार के इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में कुछ चुनिंदा शेयरों ने जहां मजबूती दिखाई, वहीं कुछ बड़े दिग्गजों पर बिकवाली का भारी दबाव रहा।

टॉप गेनर्स (Top Gainers)

  • TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) –  आईटी सेक्टर में आई तेजी की अगुवाई करते हुए शेयर में शानदार बढ़त देखी जा रही है।
  • Infosys (इन्फोसिस) – वैश्विक स्तर पर टेक खर्चों में सुधार की उम्मीद से शेयर मजबूत हुआ है।
  • Wipro & Tech Mahindra: इन दोनों ही आईटी दिग्गजों में दोपहर के सत्र में अच्छी खरीदारी देखने को मिली है।
  • Sun Pharma –  फार्मा सेक्टर के इस बड़े शेयर ने भी रक्षात्मक (Defensive) खरीदारी के चलते बाजार को सहारा दिया।

टॉप लूजर्स (Top Losers)

  • HDFC Bank –  बैंकिंग इंडेक्स में दबाव के कारण इस बड़े निजी बैंक के शेयर में गिरावट दर्ज की गई।
  • ICICI Bank –  वित्तीय क्षेत्र में मुनाफावसूली के कारण शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहा है।
  • Tata Steel –  मेटल सेक्टर में वैश्विक मांग को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बिकवाली देखी गई।
  • Reliance Industries (RIL) – बाजार के इस हैवीवेट शेयर में आई गिरावट ने सूचकांकों पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया।

​सबसे ज्यादा खरीदारी और बिकवाली वाले सेक्टर्स

​दोपहर के सत्र में सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां कुछ सेक्टर्स ने बाजार को संभालने की कोशिश की, वहीं दूसरों ने नीचे खींचा।

सबसे ज्यादा खरीदारी वाले सेक्टर्स (Top Buying Sectors)सबसे ज्यादा बिकवाली वाले सेक्टर्स (Top Selling Sectors)
निफ्टी आईटी (Nifty IT) –  लगभग 2.5% से 3% की जोरदार तेजी के साथ आज का सबसे बेस्ट परफॉर्मिंग सेक्टर रहा।निफ्टी बैंक (Nifty Bank) –  निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों के बैंकों में मुनाफावसूली से इंडेक्स पर दबाव रहा।
निफ्टी फार्मा (Nifty Pharma) –  बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशकों ने फार्मा को सुरक्षित विकल्प माना।निफ्टी मेटल (Nifty Metal) –  धातु और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते आज बिकवाली हावी रही।
निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) –  मजबूत डोमेस्टिक डिमांड और ऑटो बिक्री के आंकड़ों के बूते कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी रही।निफ्टी एफएमसीजी (Nifty FMCG) –  उपभोक्ता सेंटिमेंट थोड़ा सुस्त रहने की आशंका के चलते एफएमसीजी इंडेक्स नीचे आया।

बाजार का आगे का आउटलुक

​तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,750 – 23,700 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन के रूप में काम करेगा। यदि बाजार इस स्तर को बनाए रखने में कामयाब होता है, तो अगले सत्रों में दोबारा रिकवरी देखी जा सकती है। हालांकि, जब तक सेंसेक्स 76,200 और निफ्टी 24,000 के पार नहीं निकलता, तब तक बाजार में इसी तरह का रेंज-बाउंड और उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल सकता है। निवेशकों को इस समय आक्रामक दांव लगाने के बजाय क्वालिटी और मजबूत अर्निंग वाले शेयरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

संक्षिप्त नोट –  शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। ऊपर दी गई जानकारी केवल 29 मई 2026 के लाइव मार्केट ट्रेंड्स और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। कृपया कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (SEBI-रजिस्टर्ड) से परामर्श अवश्य लें।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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