दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में सहायक प्राध्यापक देवोस्मिता पॉल की किसी अज्ञात व्यक्ति ने हत्या कर दी है। देवोस्मिता पॉल दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध शिवाजी कॉलेज में अंग्रेजी विषय की सहायक प्राध्यापक थी। वह दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय थी। वह पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एंक्लेव स्थित एक अपार्टमेंट में अकेले रहती थी। वह अपार्टमेंट से दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में प्रतिदिन अध्यापन कार्य के लिए जाती थी। उनके जानने वाले लोग बताते है कि सहायक प्राध्यापक देवोस्मिता पॉल के संबंध सभी कॉलेज के सदस्यों और छात्र छात्राओं के साथ काफी अच्छे थे। इन दिनों देवोस्मिता पॉल और उनके पति एक साथ नहीं रहते थे। उनके पति बेंगलुरु में रहते है। बताया यह भी जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से उन दोनों के बीच संबंध ठीक नहीं चल रहे थे और तलाक की प्रक्रिया भी चल रही थी। देवोस्मिता पॉल के अपार्टमेंट में किसी संदिग्ध व्यक्ति के देखने की भी खबर सामने आ रही हैं। पुलिस जांच कर रही है।
हत्या का संकेत
देवोस्मिता पॉल रोज की तरह शिवाजी कॉलेज से अपने अपार्टमेंट वापस आ गई थी। शाम के समय कोई पहचान का ही व्यक्ति उनसे मिलने पहुंचा। कयास यह भी लगाए जा रहे है कि इसी पहचान के व्यक्ति के द्वारा हत्या का जुर्म किया गया हो। पुलिस के शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि देवोस्मिता पॉल की मौत किसी भारी चीज के लगने से हुई है। शरीर के कई अंगों में चोट के निशान है। सिर पर किसी भारी चीज से हमला किया गया होगा तब ही देवोस्मिता पॉल की जान तुरंत चली गई। देवोस्मिता पॉल को जानने वाले लोग बताते है कि वह काफी सुलझी हुई प्राध्यापक थी और छात्रों की बीच उनकी काफी लोकप्रियता थी। पुलिस छात्रों से भी पूछताछ कर रही है लेकिन किसी छात्र द्वारा इस जुर्म को अंजाम देना थोड़ा मुश्किल ही है। अपार्टमेंट में स्थित देवोस्मिता पॉल के फ्लैट में किसी पहचान के व्यक्ति को जाते देखा गया था और सीसीटीवी फुटेज में भी संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया था। इशारा इसी ओर है कि किसी पहचान के व्यक्ति द्वारा ही सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई है।
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पति से अनबन तो नहीं हत्या का कारण
शिवाजी कॉलेज में अंग्रेजी विषय की सहायक प्राध्यापक देवोस्मिता पॉल और उनके पति के बीच तलाक की प्रक्रिया जारी थी। पुलिस शुरुआत के जांच में इस प्रकरण को भी हत्या में जोड़ रही है। देवोस्मिता पॉल के पति से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। हो सकता है कि उसके पति के जान पहचान वाले ने फ्लैट में घुसकर इस कृत्य को अंजाम दिया हो। छात्र छात्राओं में काफी लोकप्रिय देवोस्मिता पॉल का यूं हत्या हो जाना अब तक किसी को हजम नहीं हो रहा है। जानने वाले बताते है कि देवोस्मिता पॉल काफी सुलझी हुई महिला थी और उनका व्यवहार काफी अच्छा था। देवोस्मिता पॉल के फोन की जांच भी पुलिस साइबर टीम से करवा रही है। हो सकता है किसी पहचान के व्यक्ति ने फोन में ब्लैकमेल किया हो और बाद में देवोस्मिता पॉल की हत्या कर दी हो।
महिला सुरक्षा में सरकार नाकाम
दिल्ली सरकार एक बार फिर इस घटना के बाद कटघरे में आ गई है। दिल्ली में मुख्यमंत्री खुद एक महिला है। सीएम रेखा गुप्ता खुद महिला होने के बाद भी दिल्ली में महिला सुरक्षा का जिम्मा नहीं उठा पा रही है। आए दिन महिलाओं के साथ हो रहे घटना के बाद दिल्ली की आम जनता डरी हुई हैं। दिल्ली की महिलाएं अब डर के साए में जी रही है। जिन महिलाओं को सरकार आत्मनिर्भर बनाने का सपना दिखाती है उन्हीं महिलाओं के साथ यह सब घटना होते रहती है। रेखा गुप्ता को खुद इस विषय कर संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि एक प्रोफेसर की हत्या कोई आम बात नहीं है। जिस शिक्षक को छात्रों के सपनों की धुरी कहा जाता है तो उन्हीं के भविष्य को गढ़ने वाले शिक्षकों पर जोर जुर्म होता है। CM रेखा गुप्ता को खुद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पर सख्त से सख्त से सजा दिलवानी चाहिए।
सजा दिलवाने से प्रोफेसर की जान तो वापस नहीं आ सकती है लेकिन दिल्ली की सभी महिलाओं को एक आधार मिलेगा कि वह दिल्ली जैसे महानगर में अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है।







