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भारतीय शेयर बाजार समीक्षा –  11 जून 2026 –  शुरुआती भारी गिरावट के बाद बाजारों में जोरदार रिकवरी निवेशकों ने राहत की सांस ली

भारतीय शेयर बाजार समीक्षा -  11 जून 2026 -  शुरुआती भारी गिरावट के बाद बाजारों में जोरदार रिकवरी निवेशकों ने राहत की सांस ली
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 11, 2026 2:12 अपराह्न
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भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में 11 जून 2026 का दिन अत्यधिक उतार-चढ़ाव (Volatility) और बुल्स (Bulls) की शानदार वापसी के गवाह के रूप में दर्ज हो गया है। आज सुबह जब घरेलू शेयर बाजारों ने अपने कारोबार की शुरुआत की तो चौतरफा बिकवाली के दबाव के चलते दलाल स्ट्रीट लाल निशान में डूब गया था। वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की उछलती कीमतों ने घरेलू निवेशकों को शुरुआत में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। लेकिन दोपहर आते-आते कहानी पूरी तरह बदल गई। निचले स्तरों पर सक्रिय हुए संस्थागत खरीदारों और चुनिंदा सेक्टर्स में आई शॉर्ट-कवरिंग के दम पर बाजार ने न केवल अपनी पूरी गिरावट को थाम लिया बल्कि एक मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करने लगा।

​बाजार का ताजा हाल –  सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़े

​दिन के मध्य सत्र के दौरान भारतीय सूचकांकों ने जो रिकवरी दिखाई उसने तकनीकी विश्लेषकों को भी चौंका दिया।

  • बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) – शुरुआती कारोबार में करीब 400 अंकों से अधिक की गिरावट देखने के बाद सेंसेक्स ने निचले स्तरों से जबरदस्त छलांग लगाई। मध्य-दिन के कारोबार तक सेंसेक्स 275 अंक की शानदार बढ़त दर्ज करते हुए 74,259 के मजबूत स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
  • एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) –  निफ्टी 50 इंडेक्स जो सुबह के सत्र में 23,100 के अहम सपोर्ट स्तर से भी नीचे फिसलकर 23,034 के निचले स्तर तक चला गया था उसने वहां से 250 अंकों से अधिक की रिकवरी की। सूचकांक तेजी से रिकवर होकर 23,285 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर वापस लौट आया।

​बाजार में सुबह क्यों मची थी हाहाकार? मुख्य कारण

​सुबह के सत्र में बाजारों के धराशायी होने के पीछे कई बड़े वैश्विक और घरेलू आर्थिक कारण जिम्मेदार थे जिन्होंने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया

  • अमेरिका-ईरान भू-राजनीतिक तनाव –  अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर की गई नई सैन्य कार्रवाई ने पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका को गहरा कर दिया। ईरान द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को बंद करने की चेतावनी ने वैश्विक बाजारों को डरा दिया।
  • कच्चे तेल (Crude Oil) में उबाल – इस तनाव के सीधे असर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें अचानक उछलकर 94 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक तेल आयात करता है इसलिए महंगा क्रूड भारतीय अर्थव्यवस्था और मुद्रा के लिए हमेशा नकारात्मक माना जाता है।
  • रुपये में ऐतिहासिक कमजोरी – कच्चे तेल के दाम बढ़ने और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे कमजोर होकर 95.60 के अब तक के सबसे निचले रिकॉर्ड स्तर पर खुला जिससे बाजार का मूड खराब हुआ।
  • FIIs की लगातार बिकवाली –  विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा भारतीय बाजारों से लगातार फंड निकालना जारी रहा जिससे बाजार के ऊपरी स्तरों पर दबाव बना हुआ था।

​दोपहर में कैसे पलटी बाजी – रिकवरी के उत्प्रेरक

​बाजार ने अपनी सुबह की पूरी गिरावट को धोकर जो शानदार रिकवरी दिखाई उसके पीछे घरेलू फंड्स (DIIs) की खरीदारी और कुछ सकारात्मक खबरें थीं

  • निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग –  निफ्टी के 23,000 के बेहद मजबूत सपोर्ट स्तर के पास आते ही घरेलू निवेशकों और रिटेलर्स ने दिग्गज शेयरों में ‘बाय ऑन डिप्स’ रणनीति के तहत खरीदारी शुरू कर दी।
  • बैंकिंग और पावर शेयरों का सहारा –  बैंकिंग सेक्टर में आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एसबीआई जैसे हेवीवेट शेयरों में अचानक आई तेजी ने सूचकांकों को ऊपर खींचने का मुख्य काम किया। पावर ग्रिड और भारती एयरटेल जैसे शेयरों ने भी बाजार को भरपूर सपोर्ट दिया।

​आज सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले प्रमुख शेयर्स (Corporate Updates)

​आज के सत्र में कई ऐसे शेयर रहे जो बड़ी कॉरपोरेट खबरों, ब्लॉक डील और रणनीतिक फैसलों के कारण निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बने रहे

  • ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) –  ज़ी के शेयर आज खबरों में शीर्ष पर रहे। कंपनी के बोर्ड ने विभिन्न चरणों के माध्यम से न्यूनतम ₹2,300 करोड़ जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस फंड रेजिंग का उपयोग कंपनी अपनी भविष्य की विस्तार योजनाओं और रणनीतिक पहलों के लिए करेगी।
  • लेंसकार्ट सॉल्यूशंस (Lenskart) – इस अनलिस्टेड/चर्चा में रहने वाले ग्रुप से जुड़ी बड़ी खबर आई। अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) की एक इकाई द्वारा ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट में लगभग 2.3% हिस्सेदारी बेचने की खबरें रहीं, जिसकी वैल्यू करीब ₹1,944 करोड़ आंकी गई। इस बड़ी डील ने पूरे रिटेल और टेक इकोसिस्टम का ध्यान खींचा।
  • पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन (Power Grid) –  पावर ग्रिड के बोर्ड ने ₹485.04 करोड़ की लागत से SCADA प्रणालियों के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी। साथ ही कंपनी ने भारी-भरकम जापानी येन (JPY 80 बिलियन) की असुरक्षित टर्म लोन सुविधा को मंजूरी दी जिससे शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी।
  • केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया (Kaynes Technology) – यह स्टॉक आज वायदा और विकल्प (F&O) प्रतिबंध सूची के तहत होने के कारण ट्रेडर्स के बीच हॉट टॉपिक बना रहा। मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) के 95% को पार करने के कारण इस पर यह प्रतिबंध लगा था।
  • मीशो (Meesho) –  फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स द्वारा बल्क डील के जरिए करीब ₹988 करोड़ मूल्य के 5.97 करोड़ शेयर बेचे जाने की हलचल के कारण यह नाम भी बाजार के गलियारों में गूंजता रहा।

​11 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने अपनी आंतरिक मजबूती का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध के बादलों और कच्चे तेल के झटकों को दरकिनार करते हुए सेंसेक्स का 74,259 और निफ्टी का 23,285 पर आना यह दर्शाता है कि भारतीय बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारों का भरोसा बेहद मजबूत है।

यह जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। शेयर बाजार में निवेश अत्यधिक जोखिमों के अधीन है कृपया कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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