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जीवनदान का महापर्व- विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day)

जीवनदान का महापर्व- विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day)
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 12, 2026 7:30 अपराह्न
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​रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। विज्ञान ने चाहे कितनी भी प्रगति कर ली हो लेकिन आज भी किसी इंसान की जान बचाने के लिए दूसरे इंसान के रक्त की ही आवश्यकता होती है। इसी मानवीय सेवा और निस्वार्थ योगदान को सम्मान देने के लिए हर साल वैश्विक स्तर पर विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day) मनाया जाता है। यह दिन न केवल स्वैच्छिक रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है बल्कि आम जनता को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करने का एक बड़ा अभियान भी है।

​इतिहास और इसकी शुरुआत

​विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वर्ष 2004 में इस दिवस को मनाने की शुरुआत की गई थी। इसके बाद 2005 में विश्व स्वास्थ्य सभा (World Health Assembly) ने आधिकारिक तौर पर इसे एक वार्षिक वैश्विक आयोजन के रूप में घोषित किया।

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14 जून को ही क्यों मनाया जाता है?

यह विशेष दिन नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner) के जन्मदिन (14 जून 1868) की याद में मनाया जाता है। उन्होंने ही मानव रक्त समूहों (ABO Blood Group System) की खोज की थी। उनकी इस महत्वपूर्ण खोज ने चिकित्सा विज्ञान में सुरक्षित रक्त आधान (Blood Transfusion) की नींव रखी जिससे करोड़ों लोगों की जान बचाना संभव हो सका।

​विश्व रक्तदाता दिवस का मुख्य उद्देश्य

​इस वैश्विक अभियान के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य छिपे हैं

  • स्वैच्छिक दाताओं का आभार- बिना किसी वित्तीय लाभ के, नियमित रूप से रक्तदान करने वाले निस्वार्थ लोगों को सम्मानित करना।
  • जागरूकता बढ़ाना- समाज में सुरक्षित रक्त और रक्त उत्पादों जैसे प्लाज्मा, प्लेटलेट्स की आवश्यकता के बारे में जागरूकता फैलाना।
  • युवाओं को प्रेरित करना- नई पीढ़ी और युवाओं को नियमित रूप से सुरक्षित रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना- सरकारों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्त दान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करना।

​रक्तदान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ

​कई लोग सोचते हैं कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है। नियमित रक्तदान करने से स्वास्थ्य को कई तरह के फायदे होते हैं

  • हृदय स्वास्थ्य में सुधार- नियमित रक्तदान से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है। आयरन की अधिकता से रक्त गाढ़ा हो सकता है जिससे दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने का खतरा बढ़ता है।
  • कैंसर के खतरे में कमी- शरीर में आयरन का स्तर नियंत्रित रहने से कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे कि लिवर और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम कम होता है।
  • नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण- रक्तदान के बाद शरीर खोए हुए रक्त की पूर्ति के लिए तेजी से काम करता है। इससे अस्थि मज्जा (Bone Marrow) सक्रिय होती है और नई स्वस्थ रक्त कोशिकाओं (New Blood Cells) का निर्माण होता है।
  • मुफ्त स्वास्थ्य जांच- रक्तदान करने से पहले दाता के हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, वजन और पल्स की जांच की जाती है। इसके अलावा रक्त की संक्रामक बीमारियों जैसे HIV, हेपेटाइटिस के लिए भी मानद जांच होती है।
  • कैलोरी बर्न होना- एक बार रक्तदान करने से शरीर से लगभग 650 कैलोरी बर्न होती है जो वजन को नियंत्रित रखने में थोड़ी मददगार हो सकती है।

​रक्तदान के लिए पात्रता और नियम

​सुरक्षित रक्तदान के लिए कुछ बुनियादी मानकों का पूरा होना बेहद जरूरी है ताकि दाता और प्राप्तकर्ता दोनों सुरक्षित रहें

  • आयु- दाता की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • वजन- न्यूनतम वजन 45 किलोग्राम होना आवश्यक है (कुछ स्थानों पर यह 50 किलोग्राम है)।
  • हीमोग्लोबिन- रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर कम से कम 12.5 g/dl होना चाहिए।
  • स्वास्थ्य स्थिति- दाता को किसी भी तरह के गंभीर संक्रमण, सर्दी, जुकाम या हाल ही में कोई बड़ी सर्जरी से नहीं गुजरना होना चाहिए।
  • अंतराल- एक स्वस्थ पुरुष हर 3 महीने में और महिला हर 4 महीने में सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकती है।

​समाज में व्याप्त कुछ भ्रांतियां और सच्चाई

​भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में रक्तदान को लेकर कई तरह के भ्रम फैले हैं जिन्हें दूर करना आवश्यक है

  • भ्रम- रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है और बीमारी का खतरा बढ़ता है।
  • सच्चाई- रक्तदान के दौरान केवल 350 से 450 मिलीलीटर रक्त लिया जाता है जिसकी पूर्ति हमारा शरीर अगले 24 से 48 घंटों में तरल पदार्थों के सेवन से कर लेता है। कोशिकाएं कुछ ही हफ्तों में पूरी तरह पुनर्जीवित हो जाती हैं।
  • भ्रम- इससे संक्रमण होने का खतरा रहता है।
  • सच्चाई- हर बार रक्तदान के लिए पूरी तरह से नई निष्फल (Sterilized) सुई और उपकरणों का उपयोग किया जाता है जिससे संक्रमण की कोई संभावना नहीं रहती।

रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं बल्कि मानवता के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारा दिया हुआ एक यूनिट रक्त तीन अलग-अलग जिंदगियों (लाल रक्त कोशिकाएं, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा के रूप में) को बचा सकता है। इस विश्व रक्तदाता दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम केवल आपातकाल में ही नहीं बल्कि एक नियमित आदत के रूप में स्वैच्छिक रक्तदान करेंगे क्योंकि आपका थोड़ा सा रक्त किसी के बुझते हुए जीवन का उजाला बन सकता है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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