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ट्रम्प ने किया दावा पुतिन कीव और अन्य शहरों पर 7 दिन तक हमला न करने के लिए सहमत 

ट्रम्प ने किया दावा पुतिन कीव और अन्य शहरों पर 7 दिन तक हमला न करने के लिए सहमत 
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 30, 2026 12:59 अपराह्न
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रूस-यूक्रेन युद्ध और डोनाल्ड ट्रंप के हालिया दावों से जुड़ी आपकी जिज्ञासा बहुत महत्वपूर्ण है। जनवरी 2026 में सामने आई इन खबरों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। ट्रंप का दावा, युद्ध की वर्तमान स्थिति और इसके आर्थिक-सैन्य पहलुओं पर आधारित विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।

डोनाल्ड ट्रंप का दावा – पुतिन और 7 दिन का युद्धविराम

दावा कब और क्यों किया गया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 जनवरी 2026 को व्हाइट हाउस में एक कैबिनेट बैठक के दौरान यह दावा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से व्यक्तिगत रूप से बात की है और पुतिन 7 दिनों तक कीव (Kyiv) और अन्य यूक्रेनी शहरों पर हमला न करने के लिए सहमत हो गए हैं।

क्यों किया गया यह दावा

  • भीषण ठंड (Winter Crisis) –  यूक्रेन इस समय रिकॉर्ड तोड़ ठंड और शून्य से नीचे के तापमान का सामना कर रहा है। रूस लगातार यूक्रेन के बिजली घरों (Power Grids) और बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहा था, जिससे लाखों लोग बिना हीटर और बिजली के रहने को मजबूर थे। ट्रंप ने मानवीय आधार पर इस भीषण ठंड के दौरान हमलों को रोकने का अनुरोध किया।
  • शांति वार्ता के लिए माहौल – ट्रंप प्रशासन अबू धाबी में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता शुरू करने की कोशिश कर रहा है। यह 7 दिन का “पॉज” एक विश्वास-निर्माण उपाय (Confidence Building Measure) के रूप में देखा जा रहा है।

क्या रूस ने सहमति दी है?

ट्रंप के अनुसार, पुतिन सहमत हैं। हालांकि, क्रेमलिन (रूस) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक लिखित पुष्टि नहीं आई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस पर सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि उन्हें डर है कि रूस इस समय का उपयोग अपनी सेना को फिर से संगठित करने के लिए कर सकता है।

युद्ध की वर्तमान स्थिति (जनवरी 2026 तक)

रूस-यूक्रेन युद्ध कब से चल रहा है?

यह युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था। अब इसे चलते हुए लगभग 4 साल होने वाले हैं।

हताहतों की संख्या और नुकसान युद्ध में हुई मौतों के सटीक आंकड़े विवादित हैं, लेकिन विभिन्न खुफिया रिपोर्टों (जैसे CSIS) के अनुसार-

  • सैन्य हताहत –  रूस के लगभग 12 लाख सैनिक (मारे गए और घायल) और यूक्रेन के लगभग 5 से 6 लाख सैनिक हताहत हुए हैं।
  • नागरिक मौतें – हजारों नागरिक मारे जा चुके हैं और करोड़ों लोग विस्थापित हुए हैं।
  • आर्थिक नुकसान –  यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को $500 बिलियन से अधिक का सीधा नुकसान हुआ है। रूस पर लगे प्रतिबंधों और युद्ध खर्च के कारण उसकी अर्थव्यवस्था भी भारी दबाव में है, जिसका 2026 का रक्षा बजट उसके कुल बजट का 38% है।

रूस का कब्जा और जमीनी विवा-रूस ने यूक्रेन के लगभग 18% से 20% हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जिसमें क्रीमिया (2014 से), लुहान्स्क, डोनेट्स्क, ज़ापोरिज्जिया और खेरसॉन के बड़े हिस्से शामिल हैं।

ट्रंप का शांति फॉर्मूला (Land Dispute):-रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप यूक्रेन पर डोनेट्स्क (Donetsk) और संभवतः डोनबास के अन्य हिस्सों को छोड़ने के लिए दबाव बना रहे हैं ताकि युद्ध समाप्त हो सके। उनका मानना है कि “जमीन के बदले शांति” (Land for Peace) ही एकमात्र रास्ता है।

युद्ध में इस्तेमाल हुईं ‘हाई-प्रोफाइल’ मिसाइलें

इस युद्ध में दोनों पक्षों ने आधुनिक और घातक हथियारों का प्रयोग किया है:

रूस द्वारा – 

  • Kh-22 और Kh-32- ये सुपरसोनिक मिसाइलें हैं जिन्हें रोकना बेहद मुश्किल है।
  • Zircon (जिरकॉन) –  हाइपरसोनिक मिसाइल, जिसे रूस ने कीव पर हमलों के लिए इस्तेमाल किया है।
  • Kh-101 – लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें (2026 के नए वर्जन का भी इस्तेमाल हुआ है)।

यूक्रेन द्वारा (पश्चिमी सहयोग से)

  • ATACMS –  अमेरिका द्वारा दी गई लंबी दूरी की मिसाइलें।
  • Storm Shadow –  ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा दी गई मिसाइलें जो रूसी ठिकानों को निशाना बनाती हैं।
  • Patriot System- अमेरिकी एयर डिफेंस जो रूसी मिसाइलों को गिराने में सक्षम है।

क्यों खत्म करना चाहते हैं ट्रंप युद्ध 

अमेरिका का आर्थिक बोझ ‘-  ट्रंप का तर्क है कि यूक्रेन को अरबों डॉलर की सहायता देना “अमेरिका फर्स्ट” नीति के खिलाफ है। वे इस पैसे को अमेरिकी बुनियादी ढांचे पर खर्च करना चाहते हैं।

नाटो और यूरोप – ट्रंप चाहते हैं कि यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद लें। वे अमेरिका को एक अंतहीन विदेशी युद्ध से बाहर निकालना चाहते हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था –  इस युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल, गैस और अनाज की कीमतें बढ़ी हैं। युद्ध रुकने से वैश्विक महंगाई कम हो सकती है।

7 दिन के युद्धविराम का भविष्य – क्या युद्ध रुक जाएगा?

यह 7 दिन का हमला न होना युद्ध पर पूर्ण विराम (Permanent Ceasefire) नहीं है, बल्कि एक “मानवीय विराम” है।

  • सफलता की संभावना – यदि इन 7 दिनों में कोई बड़ा हमला नहीं होता, तो इससे ट्रंप की मध्यस्थता को मजबूती मिलेगी और अबू धाबी में होने वाली वार्ता सफल हो सकती है।
  • चुनौती – यूक्रेन को डर है कि रूस इस समय का उपयोग अपनी नई भर्तियों (Recruitment) को फ्रंटलाइन पर लाने के लिए करेगा। वहीं रूस चाहता है कि यूक्रेन नाटो में शामिल होने का विचार हमेशा के लिए छोड़ दे।

किसे क्या होगा फायदा

  • ट्रंप को – एक “शांतिदूत” के रूप में उनकी छवि बनेगी और वे अपने चुनावी वादे को पूरा होता दिखा सकेंगे।
  • यूक्रेन को –  कड़ाके की ठंड में बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए समय मिलेगा और नागरिक मौतों में कमी आएगी।
  • रूस को – अंतरराष्ट्रीय दबाव कम होगा और वे अपनी आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए समय पाएंगे।

यह 7 दिन की सहमति एक नाजुक मोड़ है। अगर यह सफल रहती है, तो यह 2026 में शांति की पहली किरण साबित हो सकती है। हालांकि, जमीन और संप्रभुता के मुद्दों पर दोनों देश अभी भी एक-दूसरे से कोसों दूर हैं।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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