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बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद के घर पर आज सुबह लगी अचानक आग

बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद के घर पर आज सुबह लगी अचानक आग
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 14, 2026 1:23 अपराह्न
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भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय कानून एवं आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर हाल ही में हुई आग की घटना ने सुरक्षा मानकों और लुटियंस दिल्ली की पुरानी इमारतों के रखरखाव पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 

घटना की पृष्ठभूमि और समय-सारणी

घटना की शुरुआत एक सामान्य सुबह के दौरान हुई। दिल्ली के हाई-प्रोफाइल इलाके में स्थित रवि शंकर प्रसाद का सरकारी आवास 2, जंतर मंतर रोड अचानक धुआं-धुआं हो गया।

समय –  सुबह लगभग 7:00 से 8:00 बजे के बीच।

स्थान –  जंतर मंतर रोड स्थित आधिकारिक बंगला।

प्रारंभिक सूचना – धुआं सबसे पहले बंगले के पिछले हिस्से या स्टोर रूम के पास से निकलते देखा गया।

आग लगने का कारण – शॉर्ट सर्किट की आशंका

प्रारंभिक जांच और दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की रिपोर्ट के अनुसार, आग लगने का प्राथमिक कारण इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

लुटियंस दिल्ली के अधिकांश बंगले दशकों पुराने हैं। समय के साथ बिजली की तारों (Wiring) में होने वाली टूट-फूट या ओवरलोडिंग ऐसे हादसों का मुख्य कारण बनती है। रवि शंकर प्रसाद के आवास पर भी संभवतः एयर कंडीशनिंग यूनिट या मुख्य बिजली पैनल में स्पार्किंग की वजह से चिंगारी उठी, जिसने पास रखे ज्वलनशील पदार्थों को पकड़ लिया।

आग पर काबू कैसे पाया गया? (रेस्क्यू ऑपरेशन)

जैसे ही आग की सूचना मिली, सुरक्षा कर्मियों और घरेलू सहायकों ने तुरंत मोर्चा संभाला। दिल्ली फायर सर्विस को तुरंत सूचित किया गया।

दमकल विभाग की भूमिका

त्वरित कार्रवाई – सूचना मिलते ही दमकल की 3 से 5 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।

घेराबंदी –  दमकलकर्मियों ने पहले आग को फैलने से रोकने के लिए इमारत के उस हिस्से को अलग-थलग किया जहाँ लपटें तेज थीं।

कुलिंग ऑपरेशन –  आग बुझने के बाद भी घंटों तक ‘कुलिंग ऑपरेशन’ चलाया गया ताकि किसी भी दबे हुए अंगारे से दोबारा आग न भड़क सके।

स्थानीय मदद-आस-पास के हाई-प्रोफाइल पड़ोसियों और सुरक्षा घेरे में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी शुरुआती स्तर पर अग्निशामक यंत्रों (Fire Extinguishers) का उपयोग किया।

क्या हानि हुई? (नुकसान का आकलन)-सौभाग्य से, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। रवि शंकर प्रसाद और उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित रहा। हालांकि, संपत्ति का कुछ नुकसान हुआ है|

दस्तावेज और फाइलें – चूंकि वह एक वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व मंत्री हैं, उनके कार्यालय क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज और किताबें रखी थीं। आग की तपिश और धुएं से कुछ फाइलों को नुकसान पहुंचने की खबर मिली।

फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण –  एसी यूनिट, कंप्यूटर और कमरे के फर्नीचर को आग और पानी (बुझाने के दौरान) से क्षति पहुंची।

भवन का ढांचा –  आग जिस हिस्से में लगी थी, वहां की दीवारें और छत काली पड़ गईं और उन्हें मरम्मत की आवश्यकता है।

सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां

यह घटना वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा और दिल्ली के ऐतिहासिक बंगलों के रखरखाव पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

“पुरानी वायरिंग और लकड़ी के काम की अधिकता के कारण ये बंगले आग के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। नियमित फायर ऑडिट ही ऐसे हादसों को रोक सकता है।” 

सुरक्षा विशेषज्ञ

रवि शंकर प्रसाद के आवास पर लगी आग एक चेतावनी की तरह है। दिल्ली दमकल विभाग की मुस्तैदी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद लुटियंस जोन के अन्य बंगलों में भी बिजली की फिटिंग और सुरक्षा उपकरणों की जांच तेज कर दी गई है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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