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निपाह वायरस से बांग्लादेश की एक महिला की मौत WHO ने पुष्टि दो हफ्ते पहले भारत में भी मिले थे दो मामले 

निपाह वायरस से बांग्लादेश की एक महिला की मौत WHO ने पुष्टि दो हफ्ते पहले भारत में भी मिले थे दो मामले 
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 7, 2026 9:14 अपराह्न
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निपाह वायरस (Nipah Virus – NiV) वर्तमान में वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों और विशेष रूप से दक्षिण एशिया के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। हाल ही में बांग्लादेश में एक महिला की मृत्यु और भारत के कुछ हिस्सों में छिटपुट मामलों ने इस वायरस की भयावहता को फिर से चर्चा में ला दिया है।

निपाह वायरस क्या है? (What is Nipah Virus?)

निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस (Zoonotic Virus) है, जिसका अर्थ है कि यह जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। यह ‘हेनिपावायरस’ (Henipavirus) जीनस का हिस्सा है और ‘पैरामाइक्सोविरिडे’ (Paramyxoviridae) परिवार से संबंधित है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस की मृत्यु दर (Fatality Rate) 40% से 75% के बीच है, जो इसे कोरोना वायरस (COVID-19) से कहीं अधिक घातक बनाती है।

वायरस की उत्पत्ति और इतिहास (Origin and History)

  • पहला मामला –  निपाह वायरस की पहचान सबसे पहले 1998-1999 में मलेशिया और सिंगापुर में हुई थी।
  • नामकरण –  इसका नाम मलेशिया के एक गांव ‘सुंगाई निपाह’ (Sungai Nipah) के नाम पर रखा गया, जहाँ सुअर पालने वाले किसानों में इसके लक्षण सबसे पहले देखे गए थे।
  • प्राकृतिक आवास –  इस वायरस का प्राकृतिक स्रोत ‘फ्रूट बैट्स’ (Pteropus genus) यानी फलों को खाने वाले चमगादड़ हैं।

यह कैसे फैलता है? (Transmission Channels)

निपाह वायरस के फैलने के मुख्य रूप से तीन तरीके हैं:

  • जानवरों से मनुष्यों में – संक्रमित चमगादड़ों के मल, मूत्र या लार से दूषित फलों (विशेषकर खजूर का रस या ताड़ी) का सेवन करने से।
  • संक्रमित भोजन – ऐसे फल खाना जिन पर चमगादड़ के दांतों के निशान हों या जो उनकी लार से दूषित हों।
  • मानव-से-मानव – संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थ (जैसे रक्त, लार, या मूत्र) के सीधे संपर्क में आने से। यह अक्सर अस्पतालों में या परिवार के सदस्यों के बीच देखा जाता है।

क्या यह आसानी से फैलता है? (Ease of Spread)

कोविड-19 की तुलना में निपाह वायरस उतनी आसानी से हवा के जरिए नहीं फैलता। हालांकि, यह बेहद खतरनाक इसलिए है क्योंकि –

  • इसका इंक्यूबेशन पीरियड (Incubation Period) 4 से 14 दिनों का होता है (कभी-कभी 45 दिन तक)।
  • यह सीधे संपर्क के माध्यम से बहुत तेजी से घातक प्रभाव डालता है।
  • वर्तमान में यह ‘महामारी’ (Pandemic) नहीं बल्कि ‘स्थानिक’ (Endemic) स्तर पर फैलता है, लेकिन इसकी घातकता इसे वैश्विक खतरा बनाती है।

लक्षण (Symptoms)

संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, लेकिन यह जल्दी ही गंभीर रूप ले लेते हैं

  • बुखार और सिरदर्द।
  • खांसी और गले में खराश।
  • सांस लेने में कठिनाई (Acute Respiratory Infection)।
  • एंसेफलाइटिस (Encephalitis) –  मस्तिष्क में सूजन, जिसके कारण भ्रम, मानसिक भटकाव, दौरे पड़ना और अंततः कोमा में जाना शामिल है।

वर्तमान स्थिति – भारत और बांग्लादेश (Current Global Status)

  • बांग्लादेश  – यहाँ निपाह एक वार्षिक समस्या बन गई है। हाल ही में एक महिला की मौत की पुष्टि WHO ने की है, जिसका कारण दूषित खजूर का रस पीना बताया गया है। 
  • भारत  –  केरल (विशेषकर कोझिकोड) में इसके मामले बार-बार देखे गए हैं। हाल ही में दो संदिग्ध मामले सामने आए थे, जिन पर सरकार कड़ी निगरानी रख रही है। 
  • अन्य देश  –  फिलीपींस और मलेशिया में भी पूर्व में इसके मामले दर्ज किए जा चुके हैं। 

 रोकथाम और हवाई अड्डों पर बंदोबस्त (Prevention & Airport Protocols)

सरकार और स्वास्थ्य विभाग निपाह को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठा रहे हैं

हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग

  • थर्मल स्कैनिंग –  अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, विशेषकर प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
  • क्वारंटाइन वार्ड – संदिग्ध यात्रियों को तुरंत अलग करने के लिए हवाई अड्डों के पास विशेष वार्ड बनाए गए हैं।
  • सेल्फ-डिक्लेरेशन – यात्रियों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति और यात्रा इतिहास की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।

सामान्य रोकथाम

  •   प्रभावित इलाकों में ‘कंटेनमेंट ज़ोन’ बनाना।
  •   चमगादड़ों के आवास के पास जाने से रोकना।
  •  सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाना।

क्या इसके लिए कोई वैक्सीन है? (Is there a Vaccine?)

वर्तमान में, मनुष्यों के लिए निपाह वायरस की कोई स्वीकृत वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं है। इलाज मुख्य रूप से ‘सपोर्टिव केयर’ (लक्षणों के आधार पर उपचार) पर आधारित है। कुछ मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (Monoclonal Antibodies) पर परीक्षण चल रहे हैं। मलेशिया में सुअरों के लिए वैक्सीन विकसित की गई थी, लेकिन मनुष्यों के लिए अभी यह शोध के चरण में है।

क्या यह दूसरी महामारी का संकेत है? (Signs of a New Pandemic?)

विशेषज्ञों का मानना है कि निपाह में महामारी बनने की क्षमता है क्योंकि

  • यह उत्परिवर्तित (Mutate) हो सकता है।
  • इसकी मृत्यु दर बहुत अधिक है।
  • WHO ने इसे अपनी ‘Priority Pathogens’ सूची में रखा है, जिनका अध्ययन भविष्य की महामारियों को रोकने के लिए जरूरी है।

हालांकि, इसका धीमा प्रसार फिलहाल इसे वैश्विक लॉकडाउन जैसी स्थिति से दूर रखता है।

क्या करें और क्या न करें (Dos and Don’ts)

क्या करें (Dos)

  • फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं और छीलें।
  • नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं।
  • यदि आप प्रभावित क्षेत्र में हैं, तो मास्क पहनें।
  • बीमार व्यक्ति की देखभाल करते समय व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का प्रयोग करें।

क्या न करें (Don’ts)

  • जमीन पर गिरे हुए फल न खाएं।
  • ऐसे फल न खरीदें जिन पर पक्षियों या जानवरों के काटने के निशान हों।
  • पेड़ से सीधे निकलने वाला कच्चा खजूर का रस (ताड़ी) न पिएं।
  • संक्रमित व्यक्ति के बर्तन या कपड़ों का उपयोग न करें।

निपाह वायरस एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और व्यक्तिगत सतर्कता के माध्यम से हम इस वायरस के प्रसार को रोक सकते हैं। डरे नहीं, जागरूक बनें।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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