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महंगाई का चौका –  पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG भी हुई महंगी 2 हफ्ते में चौथी बार बढ़े दाम 

महंगाई का चौका -  पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG भी हुई महंगी 2 हफ्ते में चौथी बार बढ़े दाम 
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 26, 2026 12:44 अपराह्न
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​देश में आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच अब सीएनजी (CNG) इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को भी बड़ा झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और अन्य तेल विपणन कंपनियों ने देश के कई हिस्सों में सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। पिछले दो हफ्तों के भीतर यह चौथी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। 

​कब और कितनी बढ़ीं कीमतें?

​मई महीने के पिछले 15 दिनों के भीतर देश में सीएनजी की कीमतों में चार बार संशोधन किया गया है। ताजा बढ़ोतरी 26 मई 2026 को की गई है  जिसमें सीएनजी के दाम में सीधे 2 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है।

​अगर पिछले दो हफ्तों के सफर को देखें, तो कीमतों में क्रमिक बढ़ोतरी इस प्रकार हुई है

  • 15 मई – 2 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी।
  • 17 मई –  1 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी।
  • 23 मई – 2 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी।
  • 26 मई (ताजा अपडेट) –  2 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी।

​इन चार संशोधनों के बाद देश के अलग-अलग शहरों में सीएनजी की कीमतें एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।

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​कहां-कहां बढ़े दाम? (प्रमुख शहरों की नई दरें)

​सीएनजी की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर दिल्ली-एनसीआर (NCR) और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में देखा जा रहा है। नई दरों के लागू होने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में कीमतें कुछ इस प्रकार हैं

शहर/क्षेत्रनई कीमत ( रुपए प्रति किलोग्राम)
दिल्ली (Delhi)83.09 रुपए
नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा91.70 रुपए
गुरुग्राम (Gurugram)88.12 रुपए
अजमेर (Rajasthan)₹92.44 रुपए

इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई अन्य जिलों में भी स्थानीय टैक्स के आधार पर सीएनजी की कीमतों में भारी उछाल आया है।

​सीएनजी के दाम बढ़ने के मुख्य कारण

​पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी के दामों में आ रही इस लगातार तेजी के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण कारण जिम्मेदार हैं

  • वैश्विक ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनाव –  मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में व्यवधान – वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में उपजे गतिरोध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गई हैं।
  • आयात पर अत्यधिक निर्भरता –  भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल की कुल आवश्यकता का लगभग 85% हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कीमतों में होने वाली मामूली हलचल का सीधा और बड़ा असर भारत के घरेलू बाजारों पर पड़ता है।
  • तेल कंपनियों का घाटा (Under-recoveries) –  सरकारी तेल विपणन कंपनियां लंबे समय से बाजार से कम दरों पर ईंधन बेच रही थीं जिसके कारण उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस घाटे की भरपाई के लिए अब कंपनियां लगातार खुदरा कीमतों में संशोधन कर रही हैं।

​आम आदमी और आपकी जेब पर इसका क्या असर होगा?

​सीएनजी को अब तक पेट्रोल और डीजल के मुकाबले एक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता था। लेकिन लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है

  • ट्रांसपोर्टेशन और किराए में बढ़ोतरी –  सीएनजी के दाम बढ़ने का सीधा असर ऑटो-रिक्शा, टैक्सियों, ओला-उबर और सिटी बसों पर पड़ता है। दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े महानगरों में दैनिक यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए अब सफर करना और महंगा हो जाएगा।
  • माल ढुलाई महंगी होने से बढ़ेगी महंगाई – अधिकांश कमर्शियल गाड़ियां और लॉजिस्टिक्स टेंपो अब सीएनजी पर चलते हैं। ईंधन महंगा होने से शहरों के भीतर सामान और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई महंगी होगी जिसका सीधा असर फल, सब्जियों और राशन की कीमतों पर पड़ेगा।
  • घर का बजट प्रभावित –  एक तरफ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में पिछले दिनों 7.5 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है और अब सीएनजी के भी दाम बढ़ जाने से मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।

पेट्रोल और डीजल के बाद सीएनजी की कीमतों में लगी यह ‘चौकी’ आम उपभोक्ताओं के लिए दोहरी मार जैसी है। जहां एक तरफ लोग महंगे पेट्रोल से बचने के लिए सीएनजी गाड़ियों का रुख कर रहे थे वहीं अब सीएनजी की बढ़ती कीमतों ने उनके सामने एक नया आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव जल्द शांत नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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