एयरटेल ग्राहकों के लिए एक खुशखबरी है। एयरटेल अब दुनिया में टेलकॉम कम्पनियों की रैंक में दूसरे स्थान पर आ गया है। एयरटेल अब 65 करोड़ ग्राहकों के साथ जिओ कंपनी को पछाड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया है। रैंक का सर्वे GSMA इंटेलिजेंस द्वारा किया है जो कि टेलकॉम जगत की प्रतिष्ठित इंटेलिजेंस है। एयरटेल रिलायंस की जिओ कंपनी को पछाड़ते हुए दूसरे स्थान पर आ पहुंचा है।
चाइना मोबाइल पहले नंबर पर है। जो 1 बिलियन से अधिक यूजर्स के साथ पहले नंबर पर कब्जा बनाए हुए है। एयरटेल के यूजर्स विश्व में 14 देशों तक फैले हुए है। जो एयरटेल सेवा का लाभ ले रहे है। एयरटेल पिछले कई दिनों से अपने नेटवर्क को बढ़ा रहा है और समय समय ग्राहकों के जरूरत के आधार पर अपने सर्विसेज में बदलाव भी करते आ रहा है।
एयरटेल ने कैसे यह मुकाम हासिल किया
बहुत से ग्राहकों के आधार पर जिओ कंपनी पहले नंबर पर है। रिलायंस के कस्टमर 500 मिलियन से अधिक है लेकिन वो केवल भारत में है। जिओ लगभग 50 करोड़ ग्राहकों को कवर करता है। एयरटेल 37 करोड़ ग्राहकों को कवर करता है। अगर भारत में इन टेलीकॉम कंपनियों की स्थिति की बात करे तो जियो नंबर वन है लेकिन वैश्विक स्तर की बात करे तो एयरटेल जिओ को पीछे करते हुए दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में आती है क्योंकि एयरटेल के ग्राहक पूरी दुनिया में फैले हुए है। एयरटेल लगातार अपनी सर्विसेज में बदलाव करते आ रहा है जिसका सफल परिणाम एयरटेल को मिला है।
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कौन है एयरटेल के मालिक
एयरटेल के मालिक और संस्थापक सुनील भारती मित्तल है। उन्होंने एयरटेल में अपना निवेश किया और एयरटेल भारत की दूसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है। पूरे विश्व में एयरटेल के यूजर्स एयरटेल सर्विस का लाभ ले रहे है। एयरटेल अपनी सेवाएं दक्षिण एशिया और अफ्रीका के कई देशों में प्रदान कर रहा है।
अफ्रीका में भी एयरटेल के कई ग्राहक है जो एयरटेल सर्विस का लाभ उठा रहे है। एयरटेल के मालिक और संस्थापक सुनील मित्तल का कहना है कि एयरटेल केवल टेक्नोलॉजी पर ध्यान नहीं दे रहा है बल्कि एयरटेल अब कनेक्टिविटी पर भी जोर दे रहा है। गांव गांव तक एयरटेल की सेवा पहुंचे इसके लिए एयरटेल सर्विस कंपनी लगातार काम कर रही है।
चाइना मोबाइल पहले नंबर पर है
टेलीकॉम कंपनियों की रेस में चीन की चाइना मोबाइल पहले नंबर पर है। 1 बिलियन से अधिक यूजर्स के साथ चाइना मोबाइल ने पहले नंबर का तमका हासिल किया हुआ है। चीन अपने टेक्नोलॉजी पर बहुत ध्यान देता है और यही वजह है कि चाइना मोबाइल पहले नंबर पर है। चाइना मोबाइल नेटवर्किंग सिस्टम में भी पहले स्थान पर है। चाइना मोबाइल डेटा तेजी में भी पहले नंबर है । नेटवर्किंग सिस्टम पर लगातार चाइना मोबाइल काम कर रही है। चीन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रोज नए नए मशीनों का निर्माण कर रहा है जो मानव के लिए जरूरत साबित होते जा रहा है। अगर चीन से मुकाबला भारतीय कंपनियां करना चाहती है तो भारतीय टेलीकॉम कंपनियों को अपना नेटवर्किंग सिस्टम में सुधार लाना होगा।







