असम की राजनीति में इस समय हलचल अपने चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा सहित 88 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। यह सूची न केवल भाजपा की भावी रणनीति को दर्शाती है बल्कि राज्य के बदलते राजनीतिक ध्रुवीकरण का भी प्रमाण है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा – भाजपा के ‘संकटमोचक’
असम की राजनीति के आधुनिक चाणक्य कहे जाने वाले हिमंता बिस्व सरमा एक बार फिर अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से मैदान में हैं। सरमा का दबदबा न केवल उनके निर्वाचन क्षेत्र में है बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत में वे भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं।
- विकास का एजेंडा – उनकी उम्मीदवारी के पीछे ‘विकास’ और ‘असमिया पहचान’ का एक मजबूत मिश्रण है।
- रणनीतिक नेतृत्व – पहली सूची में उनके नाम का होना कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और गुटबाजी को समाप्त करने का एक स्पष्ट संकेत है।
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चौंकाने वाला दलबदल – दिसपुर का नया चेहरा
इस चुनावी सूची की सबसे बड़ी सुर्खी दिसपुर सीट को लेकर है। चर्चा है कि कांग्रेस के मजबूत स्तंभ रहे नेताओं का भाजपा में शामिल होना विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका है। भाजपा ने रणनीतिक रूप से उन चेहरों को अपनी सूची में जगह दी है जो स्थानीय स्तर पर भारी जनाधार रखते हैं। दिसपुर, जो राज्य की सत्ता का केंद्र है, वहां से अनुभवी चेहरों को उतारना भाजपा की “मिशन 100+” रणनीति का हिस्सा है।
टिकट वितरण का गणित – पुराने और नए का मेल
भाजपा की 88 नामों वाली इस सूची में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है।
| श्रेणी | विशेषता | उद्देश्य |
| युवा चेहरे | 20 से अधिक नए प्रत्याशी | सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) को कम करना |
| महिला प्रतिनिधित्व | करीब 12% सीटें | महिला वोट बैंक (लाखपति बैदेव योजना का प्रभाव) को साधना |
| जातीय संतुलन | अहोम, चाय बागान श्रमिक और जनजातीय समुदाय | सर्वस्पर्शी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना |
मुख्य उम्मीदवारों के नाम और उनके चुनावी क्षेत्र
यहाँ पहली सूची के कुछ सबसे प्रमुख नाम और उनकी सीटों का विवरण दिया गया है
| उम्मीदवार का नाम | विधानसभा क्षेत्र | मुख्य जानकारी |
| डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा | जालुकबारी (Jalukbari) | असम के वर्तमान मुख्यमंत्री; 2001 से लगातार इस सीट से विधायक हैं। |
| प्रद्युत बोरदोलोई | दिसपुर (Dispur) | पूर्व कांग्रेस सांसद; चुनाव से ठीक एक दिन पहले भाजपा में शामिल हुए। |
| भूपेन कुमार बोराह | बिहपुरिया (Bihpuria) | पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष; हाल ही में भाजपा का दामन थामा। |
| रंजीत कुमार दास | भवानीपुर-सोरभोग | असम सरकार में कैबिनेट मंत्री और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष। |
| जयंत मल्ला बरुआ | नलबाड़ी (Nalbari) | मुख्यमंत्री के करीबी और वर्तमान कैबिनेट मंत्री। |
| पीयूष हजारिका | जागीरोड (SC) | असम सरकार के जल संसाधन मंत्री। |
| अशोक सिंघल | ढेकियाजुली | वर्तमान आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री। |
| भवेश कलिता | रंगिया (Rangia) | असम भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष। |
| चंद्रमोहन पटोवारी | तिहू (Tihu) | वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री। |
| बिश्वजीत दैमारी | तामुलपुर (ST) | असम विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष। |
अन्य महत्वपूर्ण उम्मीदवार (सूची के अंश)
भाजपा की इस 88 नामों वाली लिस्ट में राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों को कवर करने की कोशिश की गई है
- गुवाहाटी क्षेत्र – न्यू गुवाहाटी से दिप्लु रंजन सरमा और सेंट्रल गुवाहाटी से विजय कुमार गुप्ता को मैदान में उतारा गया है।
- महिला उम्मीदवार – पार्टी ने माधवी दास (बिरसिंग-जरुआ), ज्योत्स्ना कलिता (चमरिया) और नीलिमा देवी (मंगलदई) जैसी महिला नेताओं को भी मौका दिया है।
- ऊपरी असम – तिनसुकिया से पुलोक गोहेन, डिगबोई से सुरेन फुकन और मरियानी से रुपज्योति कुर्मी (उपचुनावों के बाद फिर से) प्रमुख नाम हैं।
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प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र और उम्मीदवार
सूची में शामिल कुछ अन्य महत्वपूर्ण नाम इस प्रकार हैं
- माजुली – यहाँ से भाजपा ने सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार तय किया है।
- बोकाखाट – गठबंधन सहयोगियों (AGP) के साथ समन्वय बिठाते हुए भाजपा ने यहाँ अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
- बोंगाईगाँव – इस क्षेत्र में भी पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी है।
भाजपा की चुनावी रणनीति के 5 मुख्य बिंदु
- कल्याणकारी योजनाएं – ‘अरुणोदय’ और ‘सद्भावना’ जैसी योजनाओं के लाभार्थियों को पार्टी अपना सबसे बड़ा साइलेंट वोटर मान रही है।
- घुसपैठ और सीमा सुरक्षा – सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट है, जिसे वह चुनावी रैलियों में प्रमुखता से उठा रही है।
- बुनियादी ढांचा – ब्रह्मपुत्र पर पुलों का निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछाना भाजपा का मुख्य चुनावी कार्ड है।
- विपक्ष में बिखराव – कांग्रेस और एआईयूडीएफ (AIUDF) के बीच गठबंधन की अस्पष्टता का लाभ उठाना।
- दलबदलुओं को महत्व – विपक्षी दलों के कद्दावर नेताओं को पार्टी में शामिल कर उनके प्रभाव क्षेत्र पर कब्जा करना।
विस्तृत जानकारी और विश्लेषण
- दलबदलुओं को प्राथमिकता – इस बार की सूची की सबसे बड़ी खबर प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन कुमार बोराह का नाम है। कांग्रेस के इन दोनों बड़े स्तंभों के भाजपा में आने से विपक्षी खेमे को बड़ा झटका लगा है।
- जालुकबारी का किला – मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा यहाँ से अपनी छठी जीत की तैयारी कर रहे हैं। वे 2001 से अजेय रहे हैं।
- सीट शेयरिंग – भाजपा राज्य की कुल 126 सीटों में से 89 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि बाकी सीटें सहयोगियों (AGP को 26 और BPF को 11) के लिए छोड़ी गई हैं।
- चुनाव तिथि – असम में इस बार 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान होगा और परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
क्या फिर खिलेगा कमल?
भाजपा की यह पहली सूची दर्शाती है कि पार्टी किसी भी तरह के जोखिम को मोल लेने के मूड में नहीं है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में पार्टी ने एक ऐसा अभेद्य किला तैयार करने की कोशिश की है जिसे भेदना विपक्ष के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। नए चेहरों और दलबदलुओं को जगह देकर भाजपा ने यह साफ कर दिया है कि उसके लिए ‘जीत’ ही एकमात्र पैमाना है।
”असम की जनता विकास और शांति चाहती है। हमारी सूची इसी आकांक्षा का प्रतिबिंब है।” – भाजपा नेतृत्व का आधिकारिक रुख।







