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​ओडिशा राज्यसभा चुनाव 2026 –  क्रॉस-वोटिंग का साया और ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ का उदय

क्रॉस-वोटिंग का साया और 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' का उदय
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 16, 2026 5:48 अपराह्न
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​ओडिशा की राजनीति में 16 मार्च 2026 का दिन बेहद निर्णायक होने जा रहा है। राज्य की 4 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले मतदान से ठीक पहले सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच शह-मात का खेल अपने चरम पर पहुँच गया है। चुनावी गणित और भीतरघात की आशंकाओं ने राजनीतिक दलों को अपने ही विधायकों की ‘किलाबंदी’ करने पर मजबूर कर दिया है।

​भाजपा की रणनीति –  पारादीप में ‘प्रशिक्षण शिविर’

​भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जिसके पास वर्तमान में विधानसभा में 82 विधायक हैं ने अपने सभी विधायकों को पारादीप के एक निजी लग्जरी रिजॉर्ट में स्थानांतरित कर दिया है।

​पारादीप भेजने के पीछे का मुख्य उद्देश्य

  • वोटिंग ट्रेनिंग –  भाजपा आलाकमान का तर्क है कि राज्यसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया जटिल होती है। वरीयता क्रम (Preference Voting) में एक छोटी सी गलती भी वोट को अमान्य (Invalid) कर सकती है। पार्टी ने कहा है कि पारादीप में विधायकों को डमी बैलेट पेपर के जरिए अभ्यास कराया जाएगा।
  • एकजुटता का प्रदर्शन –  सभी विधायकों को एक साथ रखकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी भी प्रकार के प्रलोभन का उन पर असर नहीं होगा।
  • क्रॉस-वोटिंग से बचाव –  सूत्रों के अनुसार, कुछ विधायकों के अन्य दलों के संपर्क में होने की खुफिया रिपोर्ट के बाद पार्टी ने यह कदम उठाया है।

​कांग्रेस की ‘बेंगलुरु शिफ्टिंग’ –  आठ विधायकों का मोर्चा

​कांग्रेस जिसके पास 8 विधायक हैं ने भाजपा से भी पहले अपने कुनबे को बचाने की कवायद शुरू कर दी थी। कांग्रेस ने अपने विधायकों को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु भेज दिया है।

  • सुरक्षित ठिकाना –  कांग्रेस को डर है कि उनके विधायकों को पाला बदलने के लिए दबाव में लिया जा सकता है। बेंगलुरु, जहाँ कांग्रेस की अपनी मजबूत पकड़ है, को सबसे सुरक्षित माना गया।
  • किंगमेकर की भूमिका –  4 सीटों पर हो रहे इस चुनाव में कांग्रेस के 8 वोट बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं, खासकर यदि मुकाबला करीबी होता है।

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​राज्यसभा का चुनावी गणित (ओडिशा 2026)

ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए होने वाले चुनाव का गणित समझना बहुत दिलचस्प है। राज्यसभा चुनावों में जीत के लिए एक निश्चित संख्या में प्रथम वरीयता (First Preference) वोटों की आवश्यकता होती है जिसे ‘कोटा’ कहा जाता है।

​संक्षिप्त में इसका गणित इस प्रकार है

जीत के लिए आवश्यक वोटों का फार्मूला

​राज्यसभा चुनाव में कोटा निकालने के लिए इस सूत्र का उपयोग किया जाता है 

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​ओडिशा राज्यसभा चुनाव 2026 -  क्रॉस-वोटिंग का साया और 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' का उदय 4

ओडिशा (2026) के लिए गणना

​चूँकि ओडिशा विधानसभा में 147 सीटें हैं और चुनाव 4 सीटों पर हो रहे हैं

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​ओडिशा राज्यसभा चुनाव 2026 -  क्रॉस-वोटिंग का साया और 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' का उदय 5

यहाँ 29.4 को पूर्णांक (29) मानकर 1 जोड़ा जाता है, जिससे 30 वोट का आंकड़ा निकलकर आता है।

निष्कर्ष – ओडिशा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 30 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होगी।

पार्टीविधायक संख्यासंभावित सीटें
भाजपा (BJP)822 (निश्चित) + 1 (संघर्ष)
बीजद (BJD)511 (निश्चित) + 1 (संघर्ष)
कांग्रेस (INC)8किंगमेकर
अन्य/निर्दलीय6निर्णायक भूमिका

पार्टियों की वर्तमान स्थिति (16 मार्च 2026 के परिप्रेक्ष्य में)

  • भाजपा (82 विधायक) – 30 + 30 = 60 वोट खर्च करके 2 सीटें आसानी से जीत सकती है। उसके पास 22 अतिरिक्त वोट बचेंगे।
  • बीजद (51 विधायक) – 30 वोट खर्च करके 1 सीट निश्चित तौर पर जीत सकती है। उसके पास 21 अतिरिक्त वोट बचेंगे।
  • चौथी सीट का पेच: चौथी सीट के लिए मुकाबला रोमांचक है। यहाँ भाजपा (22 वोट + निर्दलीय) और विपक्ष (बीजद के बचे हुए 21 + कांग्रेस के 8 + वामदल 1 = 30 वोट) के बीच कड़ी टक्कर है।

क्रॉस-वोटिंग की आशंका क्यों?

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव केवल सीटों का नहीं बल्कि ‘अस्तित्व’ का है।

  • चौथी सीट का सस्पेंस – तीन सीटों पर स्थिति स्पष्ट है लेकिन चौथी सीट के लिए भाजपा और बीजद के बीच कड़ा मुकाबला है।
  • बीजद की वापसी की कोशिश –  नवीन पटनायक की पार्टी बीजद अपने खोए हुए आधार को वापस पाने के लिए इस चुनाव में भाजपा को पटखनी देने की पूरी कोशिश कर रही है।
  • गुप्त मतदान का अभाव – हालांकि राज्यसभा में ‘ओपन बैलेट’ सिस्टम होता है (विधायकों को अपना वोट अपनी पार्टी के अधिकृत एजेंट को दिखाना होता है), फिर भी ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर वोट देने के नाम पर क्रॉस-वोटिंग का खतरा बना रहता है।

BJP releases second list for Rajya Sabha elections

​ आगामी 24 घंटे – क्या होगा?

  • 15 मार्च शाम –  भाजपा विधायक पारादीप से सीधे भुवनेश्वर विधानसभा पहुंचेंगे।
  • 16 मार्च सुबह 9 बजे –  विधानसभा परिसर में मतदान शुरू होगा।
  • 16 मार्च शाम 5 बजे – मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

​ओडिशा का यह राज्यसभा चुनाव भारतीय लोकतंत्र में ‘पार्टी अनुशासन’ बनाम ‘व्यक्तिगत निष्ठा’ की एक और अग्निपरीक्षा है। पारादीप से लेकर बेंगलुरु तक की यह हलचल बताती है कि हर एक वोट की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। कल का परिणाम न केवल 4 सांसदों का भविष्य तय करेगा बल्कि ओडिशा की आने वाली राजनीति की दिशा भी निर्धारित करेगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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