राजनीतिक दलों ने बिहार विधानसभा चुनावों के परिणामों के लगभग चार महीने के बाद चुनाव आयोग को अपनी व्यय विवरण दी है। बीजेपी ने बिहार में सबसे ज्यादा धन खर्च किया है, जबकि कांग्रेस ने भले ही कम धन खर्च किया हो, लेकिन अपना बहुत सा धन खर्च किया है। रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी ने चुनाव प्रचार, यात्रा और अन्य कार्यक्रमों पर 146 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। कांग्रेस ने दूसरी ओर लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च किए। इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि अलग-अलग पार्टी चुनाव जीतने के लिए चुनाव प्रचार और अभियान पर कितनी धनराशि खर्च कर रहे हैं।
बीजेपी ने सबसे अधिक चुनावी खर्च किया
चुनाव आयोग को भेजे गए विवरण के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी ने कुल 146.71 करोड़ रुपये खर्च किए। विभिन्न चुनावी गतिविधियों पर यह खर्च हुआ। पार्टी ने प्रचार अभियान और विज्ञापन पर काफी धन खर्च किया। बताया गया कि विज्ञापन और प्रचार पर ही लगभग ४३ करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। स्टार प्रचारकों की यात्रा पर भी बहुत पैसा खर्च हुआ। स्टार प्रचारकों के कार्यक्रमों, बैठकों और यात्राओं पर लगभग 37 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। अन्य नेताओं की यात्रा, चुनावी कार्यक्रम और गतिविधियों पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए गए। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बीजेपी ने चुनाव के दौरान व्यापक प्रचार अभियान चलाया था।
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कांग्रेस ने 35 करोड़ खर्च किए
कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव में 35.07 करोड़ रुपये खर्च किए। बीजेपी की तुलना में यह राशि कम है, लेकिन पार्टी ने अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए चुनाव प्रचार पर बहुत पैसा खर्च किया। कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की यात्रा पर रिपोर्ट के अनुसार लगभग 12.83 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके अलावा, प्रचार सामग्री, सोशल मीडिया अभियान और विभिन्न चुनावी कार्यक्रमों पर भी धन खर्च किया गया। चुनाव के दौरान राज्य में कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने सभाएं और यात्राएं कीं। पार्टी ने इन कार्यक्रमों को आयोजित करने और प्रचार को मजबूत करने के लिए भी बहुत पैसा खर्च किया।
अन्य दल भी खर्च कर रहे हैं
चुनाव आयोग को दी गई जानकारी में कुछ अन्य दलों द्वारा खर्च की गई रकम भी सामने आई है। Indian Communist Party (Marxist) ने चुनाव प्रचार पर लगभग 26.75 लाख रुपये खर्च किए। साथ ही, बहुजन समाज पार्टी ने 9.01 करोड़ रुपये खर्च किए। कांग्रेस और बीजेपी की तुलना में इन दलों ने बहुत कम धन खर्च किया। हालाँकि, कुछ प्रमुख दलों, जैसे राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड, ने अभी तक चुनाव आयोग को अपने चुनावी खर्चों का पूरा विवरण नहीं भेजा है। इसलिए, उनके कुल खर्च की स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
कांग्रेस ने जमा पूंजी से अधिक खर्च किया
रिपोर्ट में कांग्रेस ने कुल जमा पूंजी से अधिक खर्च किया है। बीजेपी चुनाव से पहले 7235 करोड़ रुपये का धन था। कांग्रेस ने इसके मुकाबले लगभग 124 करोड़ रुपये की राशि दी थी। कांग्रेस ने चुनाव प्रचार पर अधिक धन खर्च किया, जबकि बीजेपी ने चुनाव में केवल एक छोटा हिस्सा खर्च किया। कांग्रेस ने अपनी आर्थिक क्षमता के हिसाब से चुनाव में अधिक धन खर्च किया।
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एक विधायक जीतने पर कितना खर्च हुआ?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों को देखते हुए, प्रति विधायक खर्च में भी स्पष्ट अंतर है। बीजेपी ने इस चुनाव में 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई। बीजेपी को इस प्रकार एक विधायक जीतने में लगभग 1 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च करने पड़े। कांग्रेस को चुनाव में सिर्फ छह सीटें मिलीं। ऐसे में प्रति विधायक कांग्रेस का खर्च बहुत अधिक था। कांग्रेस को प्रत्येक विधायक को जीतने में औसतन 5 करोड़ 83 लाख रुपये खर्च करने पड़े।
2020 से तीन गुना अधिक खर्च किया
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में, बिहार राज्य इकाई ने लगभग 28.02 करोड़ रुपये और केंद्रीय मुख्यालय ने 26.69 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस चुनाव में भाजपा ने सबसे अधिक धन खर्च किया। 2020 में कांग्रेस ने चुनाव प्रचार में भारी रकम खर्च की—लगभग 12.35 करोड़ रुपये। इस रकम का अधिकांश हिस्सा, लगभग 11.69 करोड़ रुपये, दिल्ली स्थित मुख्य कार्यालय द्वारा खर्च किया गया। विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की छोटी शाखाओं ने कम पैसा खर्च किया। साथ ही, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इस बार अपने चुनाव प्रचार में पिछली बार की तुलना में तीन गुना अधिक पैसा खर्च किया।






