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वेनेजुएला पर हमला और राष्ट्रपति और  उनकी पत्नी के पकड़े जाने के बाद वेनेजुएला मे अमेरिका का  कब्जा

वेनेजुएला पर हमला और राष्ट्रपति और  उनकी पत्नी के पकड़े जाने के बाद वेनेजुएला मे अमेरिका का  कब्जा
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 4, 2026 1:11 अपराह्न
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3 जनवरी 2026 को वैश्विक राजनीति में एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाली घटना घटी जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला पर एक बड़ा हमला (Operation Absolute Resolve) किया है और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) व उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस (Cilia Flores) को हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाया गया है। ​इस घटना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। 

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और मादुरो की गिरफ्तारी

​शनिवार 3 जनवरी 2026 की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकस (Caracas) और आसपास के राज्यों जैसे मिरांडा और अरागुआ में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पुष्टि की कि अमेरिका ने एक “बड़े पैमाने पर स्ट्राइक” की है।

​ऑपरेशन का स्वरूप – इस मिशन को अमेरिकी सेना की एलीट यूनिट ‘डेल्टा फोर्स’ ने अंजाम दिया। ट्रंप के अनुसार मादुरो के महल (Presidential Palace) को एक किले की तरह सुरक्षित किया गया था लेकिन अमेरिकी सेना ने “मैसिव ब्लोटॉर्च” और उन्नत तकनीक का उपयोग कर वहां सेंध लगाई।

​गिरफ्तारी –  राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को एक अमेरिकी युद्धपोत (USS Iwo Jima) के माध्यम से देश से बाहर ले जाया गया है। उन्हें न्यूयॉर्क ले जाने की खबरें हैं जहां उन पर “नार्को-टेररिज्म” (मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद) के मुकदमे चलाए जाएंगे।

क्यों किया अमेरिका ने हमला

​अमेरिकी प्रशासन ने इस सैन्य हस्तक्षेप के पीछे कई रणनीतिक और कानूनी तर्क दिए हैं

  • नार्को-स्टेट और ड्रग तस्करी का आरोप

​अमेरिका लंबे समय से निकोलस मादुरो पर वेनेजुएला को एक “नार्को-स्टेट” मादक पदार्थों की तस्करी पर आधारित देश बनाने का आरोप लगाता रहा है। 2020 में भी अमेरिका ने मादुरो पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मादुरो सरकार कोलंबियाई विद्रोही समूहों और ड्रग कार्टेल के साथ मिलकर अमेरिका में “जहर” नशीली दवाएं भेज रही थी।

  • अवैध अप्रवास (Illegal Immigration) का मुद्दा

​वेनेजुएला की आर्थिक बदहाली के कारण लाखों लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं जिनमें से बड़ी संख्या अमेरिकी सीमा पर पहुंच रही है। ट्रंप ने इसे एक राष्ट्रीय सुरक्षा संकट बताया है। उनका मानना है कि जब तक वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता नहीं आएगी तब तक शरणार्थियों का संकट खत्म नहीं होगा।

2024 के चुनावों में धांधली

​वेनेजुएला में 2024 के राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद था। विपक्षी नेता एडमुंडो गोंजालेज ने जीत का दावा किया था लेकिन मादुरो ने सत्ता छोड़ने से इनकार कर दिया। अमेरिका ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया और कहा कि वे केवल एक “निष्पक्ष परिवर्तन” चाहते हैं।

क्या फायदा मिलेगा अमेरिका को इससे

​इस हमले के पीछे केवल मानवाधिकार या ड्रग्स ही कारण नहीं हैं बल्कि गहरे आर्थिक और भू-राजनीतिक हित भी छिपे हैं

तेल भंडार पर नियंत्रण –  वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार लगभग 300 बिलियन बैरल है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में जाकर वहां के तेल बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करेंगी। इससे वैश्विक तेल बाजार में अमेरिका का दबदबा बढ़ेगा।

​रूस चीन और ईरान का प्रभाव कम करना – मादुरो सरकार के रूस ईरान और चीन के साथ बहुत करीबी संबंध थे। वेनेजुएला पर नियंत्रण करके अमेरिका दक्षिण अमेरिका में अपने इन प्रतिद्वंद्वियों के प्रभाव को पूरी तरह खत्म करना चाहता है।

​अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती –  ट्रंप का मानना है कि वेनेजुएला के संसाधनों का उपयोग करके वे न केवल वेनेजुएला को अमीर बनाएंगे, बल्कि अमेरिकी व्यापारिक हितों को भी बढ़ावा देंगे।

डोनाल्ड ट्रंप का “कब्जे” पर ऐलान

​राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला का शासन संभालेगा। उनके प्रमुख बयानों के अंश इस प्रकार हैं –

  • ​हम तब तक देश चलाएंगे जब तक कि वहां एक सुरक्षित उचित और न्यायपूर्ण सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता। हम किसी और को वहां कब्जा करने का मौका नहीं दे सकते।
  • ​उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वेनेजुएला का पुनर्निर्माण अमेरिकी तेल कंपनियों के निवेश से किया जाएगा। ट्रंप ने इस ऑपरेशन को अमेरिकी सैन्य शक्ति की “सटीकता और सक्षमता” का उदाहरण बताया।

वर्तमान स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

​वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने इस हमले को “साम्राज्यवादी आक्रामकता” कहा है और मादुरो के जीवित होने का सबूत मांगा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस हमले की निंदा करने की अपील की है।

​वहीं दुनिया के कई देशों ने संप्रभुता के उल्लंघन पर चिंता जताई है, जबकि अमेरिकी समर्थकों का मानना है कि यह एक तानाशाही के अंत की शुरुआत है।

​वेनेजुएला पर यह हमला आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य घटनाओं में से एक है। यह देखना बाकी है कि क्या अमेरिका वहां वास्तव में लोकतंत्र स्थापित कर पाएगा या यह क्षेत्र लंबे समय तक अस्थिरता की चपेट में रहेगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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