मिडिल ईस्ट तनाव पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है। हॉर्मुज की खाड़ी से LPG गैस मुश्किल से भारत पहुंच पा रहा है। इस समय पूरे देश में पेट्रोल डीजल और गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। बिहार सरकार ने इस परेशानी के समाधान के लिए राशन दुकानों को चुना है। घर में खाना बनाने के लिए LPG गैस की मदद ली जाती है। बिहार सरकार ने राशन की दुकानों पर कोयला बेचने की मंजूरी दे दी है। अब राशन की दुकानों एक सौ किलोग्राम कोयला अर्थात एक क्विंटल कोयला बेच सकते है। यह कोयला उन्हीं को मिलेगा जिनके पास मान्य राशन कार्ड होगा। बिना राशन कार्ड वालों के लिए अभी कुछ नहीं कहा गया है।
कोयला से होगा वायु प्रदूषण भी
बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने कोयला राशन की दुकानों से बेचने का निर्णय ले तो लिया है लेकिन कोयला जहां समस्या का समाधान करेगा तो वही कोयला वायु प्रदूषण भी करेगा। बिहार की अधिकांश जनता गांव में निवास करती है। गांव में अगर कोई व्यक्ति कोयला जलाकर खाना बनाता है तो कोयला से निकलने वाला धुआं वातावरण में आसानी से मिल जाता है। लेकिन अगर शहर में कोयले को जलाया गया तो बड़ी बड़ी बिल्डिंग और धुंआ निकलने का रास्ता न मिल पाने से प्रदूषण और भी बढ़ेगा। सम्राट चौधरी की नेतृत्व वाली सरकार ने कोयला खरीदने का फरमान तो जारी कर दिया है लेकिन जनता इसका कितना सही उपयोग करती है यह देखने वाली बात होगी।
read more :
- नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री
- पंजाब सरकार ने राघव चड्डा से z+ security ली वापस
CNG गैस अपनाने का आग्रह
केंद्र सरकार ने यह माना है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट तनाव के कारण पेट्रोल डीजल और LPG गैस की किल्लत है। केंद्र सरकार ने देशवासियों को CNG गैस अपनाने को कहा है। सीएनजी गैस से प्रदूषण बिल्कुल नहीं होता और रिसाइकल होते रहता है। बड़े बड़े शहरों में LPG गैस की जगह CNG गैस अपनाया जा रहा है। मिडिल ईस्ट तनाव कब तक रहेगा यह कोई नहीं बता सकता। ईरान जहां अपनी नीतियों पर अडिग है तो वही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को तबाह करने की धमकी बार बार दे रहे है। पाकिस्तान युद्ध के बीच शांति दूत बनकर सामने आया है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का आयोजन हो रहा है जिससे काफी उम्मीदें है कि शांति वार्ता से युद्ध रुक जाएगा।
कैसे संभालेंगे सम्राट नीतीश कुमार की विरासत…?
सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में अभी अभी शपथ ली है। वह नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर थे। नितीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता घोषित किया गया था। सम्राट चौधरी बिहार में बीजेपी के काफी भरोसेमंद नेता माने जाते है। सम्राट चौधरी बिहार में बेरोजगारी, भुखमरी, भ्रष्टाचार पर काम कैसे करते हैं इस पर बिहार की जनता नजर बनाए हुए है। सम्राट चौधरी बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी की पकड़ बिहार में और अधिक मजबूत हो गई है।







