जमीयत उलेमा-ए-हिंद (AM) के प्रमुख अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर होने वाले विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने को कहा है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से गाय पर होने वाली मॉब लिचिंग ( भीड़ हत्या ) हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के पक्ष में सबसे ज्यादा बहुसंख्यक ही हैं।
अगर सरकार बहुसंख्यकों की आवाज नहीं सुन रही तब भारतीय जनता पार्टी वाली केंद्र सरकार के काम पर सवाल उठना लाजमी है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि केवल बहुसंख्यक लोग ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करवाना चाहते है बल्कि अल्पसंख्यक समाज भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। अरशद मदनी ने कहा कि मुस्लिमों पर शुरू से ही गौ हत्या और गाय के अपमान जैसे आरोप लगते आए है। ऐसे में मुस्लिमों की पुकार सरकार ने अगर सुन ली तो मुसलमानों पर लगने वाले आरोप बंद हो जाएंगे।
गाय के नाम पर राजनीति
अरशद मदनी ने दावा किया कि गाय के नाम पर हमेशा से ही राजनीति होती आई है। जब चुनाव होते है तब नेताओं द्वारा खूब भावनात्मक मुद्दों पर भाषण बाजी होती है लेकिन चुनाव जीतने के बाद जानता से वादा किए हुए उन मुद्दों को आसानी से भुला दिया जाता है। ऐसा ही मुद्दा गाय है। जब चुनाव होते है तब विभिन्न दलों के द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का वादा किया जाता है लेकिन वर्षों से संसद पर गाय के विषय पर कोई बात नहीं होती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस भारत में लोग गाय को पूजते है उसी भारत देश के उत्तरप्रदेश राज्य ने गौ हत्या सबसे ज्यादा होती है।
गौ हत्या कर उसके मांस को विदेशों में निर्यात किया जाता है। आज के वर्तमान समय में गौ मांस की बिक्री कई ज्यादा बढ़ी है। सरकार लगातार कहती तो है कि हमने गौ हत्या पर अंकुश लगा दिया है लेकिन सच्चाई यह है कि सरकार के नाक के नीचे से गौ मांस का अवैध व्यापार धड़ल्ले से हो रहा है।
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मुस्लिमों को कोई आपत्ति नहीं
अरशद मदनी ने मुस्लिम समाज को लेकर भी विशेष टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुसलमान किसी समाज का बुरा नहीं चाहता और न ही अपनी परंपरा का। अरशद मदनी ने कहा कि मुसलमान कब से मांग कर रहा है कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए लेकिन सरकार उनकी बातों को दरकिनार करती है। उन्होंने सरकार की पोल खोलते हुए कहा कि सरकार को यह डर है कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया गया तो उनका गौ मांस का व्यापार कम हो जाएगा जिससे उनको होने वाले मुनाफे में कटौती होगी। अरशद मदनी की बात कई लोगों को सही भी लग रही है। अरशद मदनी मुस्लिम समाज से आते है और जो बात हिंदू समाज को करनी चाहिए वो बात वो एक मुस्लिम होकर कर रहे है। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता पर भी बात कही। उन्होंने कहा कि जब चुनाव होता है तो कोई भी राजनीतिक दल अपने अपने फायदे के लिए हिन्दू और मुस्लिम को लड़वाते है जबकि इस झगड़े से समाज को फायदा नहीं होने वाला। फायदा उन राजनीतिक दलों को पहुंचता है जो चुनाव लड़ रहे होते हैं
तस्करी पर रोक लगे और कानून बने
अरशद मदनी ने गौ तस्करी पर रोक लगाने की बात कहते हुए एक विशेष कानून बनाने की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि जिस देश में लोग गाय को राष्ट्रीय पशु और गौ माता मानते है उसी देश में सबसे ज्यादा गौ तस्करी होती है। गौ तस्करी कर गौ मांस का व्यापार होता है। गौ मांस से कई वस्तुओं का निर्माण किया जाता है फिर उन वस्तुओं को बाजारों में क्रय किया जाता है। अगर सरकार विशेष क़ानून बनाते हुए गौ तस्करी पर रोक लगा दे तो गौ हत्या बंद हो सकती है।
उन्होंने गाय के नाम पर होने वाली राजनीति को भी बंद करने का आग्रह किया है। अरशद मदनी के बयान को सुनकर कई लोग उनके समर्थन में है और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे है। देखना होगा कि अरशद मदनी की बात सरकार तक पहुंचती है कि नहीं।







