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डोनाल्ड ट्रंप की H-1B और H-4 वीज़ा सख्ती – अब सोशल मीडिया तय करेंगी अमेरिकन का वीजा

H-1B और H-4 वीज़ा सख्ती
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 23, 2025 6:36 अपराह्न
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डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ट्रंप 2.0 द्वारा अमेरिका के H-1B और H-4 वीज़ा नियमों में की गई हालिया सख्ती ने दुनिया भर के पेशेवरों विशेषकर भारतीयों के बीच खलबली मचा दी है। इस बदलाव का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू है सोशल मीडिया स्क्रीनिंग। अब आपकी योग्यता और डिग्री के साथ-साथ आपके सोशल मीडिया पोस्ट यह तय करेंगे कि आप अमेरिका में काम कर पाएंगे या नहीं।

H-1B और H-4 वीज़ा सख्ती

​ट्रंप प्रशासन की वीज़ा सख्ती- सोशल मीडिया अब बनेगा वीज़ा का गेट कीपर

​डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आते ही अपनी अमेरिका फर्स्ट नीति को लागू करते हुए आव्रजन Immigration नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है। 15 दिसंबर 2025 से लागू नए नियमों के तहत अब H-1B वर्क वीज़ा और H-4 आश्रित वीज़ा  आवेदकों के लिए सोशल मीडिया की जांच अनिवार्य कर दी गई है।

​सोशल मीडिया स्क्रीनिंग  क्या है नया नियम

​अब अमेरिका के विदेश विभाग, State Department ने यह साफ कर दिया है कि वीज़ा आवेदक की ऑनलाइन मौजूदगी (Online Presence) उसके चरित्र और पात्रता का हिस्सा मानी जाएगी।

​5 साल का इतिहास 

आवेदकों को पिछले 5 वर्षों में उपयोग किए गए सभी सोशल मीडिया हैंडल्स Facebook, X, Instagram, LinkedIn आदि की जानकारी DS-160 फॉर्म में देनी होगी।

​प्रोफाइल को Public करना अनिवार्य

स्क्रीनिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आवेदकों को निर्देश दिया गया है कि वे वीज़ा प्रक्रिया के दौरान अपनी प्रोफाइल सेटिंग्स को Public रखें। यदि प्रोफाइल Private पाई जाती है तो वीज़ा रिजेक्ट या अनिश्चितकाल के लिए रोका जा सकता है।

​सख्ती का दायरा

यह नियम न केवल मुख्य आवेदक H-1B पर बल्कि उनके जीवनसाथी और बच्चों H-4 पर भी समान रूप से लागू होता है।

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​सोशल मीडिया पर क्या चेक किया जाएगा

​अमेरिकी अधिकारी मुख्य रूप से तीन चीजों की तलाश कर रहे हैं|

​1. राष्ट्रीय सुरक्षा

क्या आवेदक ने कभी ऐसी कोई बात लिखी या शेयर की है जो अमेरिका के हितों के खिलाफ हो या कट्टरपंथ को बढ़ावा देती हो|

​2. विरोधाभास 

क्या आपके लिंक्डइन (LinkedIn) पर दी गई नौकरी की जानकारी और आपके वीज़ा फॉर्म में दी गई जानकारी मेल खाती है|

​3. एंटी-अमेरिकन विचार

ट्रंप प्रशासन ऐसे लोगों पर सख्ती बरत रहा है जो सोशल मीडिया पर अमेरिका विरोधी गतिविधियों या विचारधाराओं से जुड़े रहे हैं।

​H-1B वीज़ा पर अन्य बड़ी पाबंदियां

​सोशल मीडिया के अलावा भी ट्रंप प्रशासन ने कई ऐसे कदम उठाए हैं जिससे H-1B वीज़ा हासिल करना अब लोहे के चने चबाने जैसा हो गया है

​$100,000 की भारी भरकम वीज़ा फीस

​ट्रंप ने नए H-1B आवेदनों पर $100,000 लगभग 85 लाख रुपये की एकमुश्त फीस लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम मुख्य रूप से भारतीय आईटी कंपनियों जैसे TCS Infosys Wipro को हतोत्साहित करने के लिए उठाया गया है ताकि वे विदेशी वर्कर्स के बजाय अमेरिकी नागरिकों को काम पर रखें।

​Specialty Occupation की परिभाषा में बदलाव

​अब हर इंजीनियर या आईटी प्रोफेशनल को आसानी से वीज़ा नहीं मिलेगा। प्रशासन ने विशेष व्यवसाय की परिभाषा को छोटा कर दिया है। अब आवेदक को यह साबित करना होगा कि उस काम के लिए उसके पास एक बहुत ही विशिष्ट डिग्री है

 जो सामान्य डिग्री से अलग है।

  • ​H-4 वीज़ा और EAD पर संकट
  • ​H-4 वीज़ा धारकों H-1B के जीवनसाथी के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं

​वर्क परमिट EAD खत्म करने की योजना

ट्रंप प्रशासन शुरू से ही H-4 EAD काम करने का अधिकार को खत्म करने के पक्ष में रहा है। वर्तमान में इस पर तलवार लटकी हुई है जिससे हजारों भारतीय महिलाएं जो अमेरिका में काम कर रही हैं अपनी नौकरी खो सकती हैं।

​बायोमेट्रिक्स और लंबी देरी 

अब H-4 एक्सटेंशन के लिए भी कड़े बायोमेट्रिक्स और लंबी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है जिससे प्रोसेसिंग समय महीनों से बढ़कर साल तक पहुँच गया है।

​भारतीयों पर इसका क्या असर होगा

​भारत के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि 70% से अधिक H-1B वीज़ा भारतीय पेशेवरों को मिलते हैं।

​इंटरव्यू में भारी देरी

सोशल मीडिया स्क्रीनिंग के कारण वीज़ा इंटरव्यू के स्लॉट महीनों आगे खिसक गए हैं। भारत में कई आवेदकों के इंटरव्यू जो जनवरी-फरवरी 2026 में थे उन्हें अब अक्टूबर 2026 तक री-शेड्यूल कर दिया गया है।

​भारत में फंसे पेशेवर

कई भारतीय जो छुट्टियों में या वीज़ा स्टैम्पिंग के लिए भारत आए थे वे अब नए नियमों और प्रशासनिक देरी Administrative Processing 221g के कारण वहीं फंस गए हैं।

​टेक दिग्गजों की सलाह Google Apple और Amazon जैसी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे फिलहाल अमेरिका से बाहर यात्रा न करें क्योंकि वापसी का वीज़ा मिलना अब अनिश्चित है।

क्या करें DOs क्या न करें DON’Ts

आवेदकों के लिए गाइडलाइन

​यदि आप H-1B और H-4 वीज़ा के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें|

  • अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल की लिस्ट तैयार रखें। 
  • आपत्तिजनक या राजनीतिक रूप से संवेदनशील पोस्ट न करें।
  • लिंक्डइन और वीज़ा फॉर्म की जानकारी एक जैसी रखें। 
  • अचानक अपने अकाउंट्स डिलीट न करें यह संदिग्ध लग सकता है।
  • अपनी प्रोफाइल को वीज़ा प्रक्रिया तक Public’रखें। 
  • अधूरी या गलत जानकारी न छुपाएं।
  • वीज़ा इंटरव्यू के लिए अतिरिक्त समय Backup Plan लेकर चलें।
  • ऐसी किसी गतिविधि का हिस्सा न बनें जो Anti-US लगे।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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