केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर अभी संसद में काम कर रही है। लोकसभा में कल प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाषण दिया। नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो प्रस्ताव कांग्रेस पिछले तीन दशकों से पास नहीं कर पा रही है उस प्रस्ताव को अब पारित करने का समय आ गया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा में 543 सीट से बढ़कर लगभग 850 हो जाएगी। इसके विरोध में लोकसभा में विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी अपने राजनीतिक फायदे के लिए यह अधिनियम ला रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से फायदा बीजेपी को होगा।
बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह अधिनियम राजनीतिक फायदे के लिए भी है बल्कि यह अधिनियम उन महिलाओं के सम्मान ने है जो समाज में एक विशेष सम्मान रखती है। लोकसभा में महिलाओं की ज्यादा संख्या में नेतृत्व करने की क्षमता पुरुष और महिला के भेदभाव को खत्म कर देगा।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रस्ताव पारित करने का क्रेडिट कांग्रेस ले
जब विपक्ष की ओर से हंगामा तेज हुआ तो नरेंद्र मोदी ने सदन में कहा कि विपक्ष चाहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पूरे श्रेय खुद ले ले। हम अखबार और बड़े बड़े बोर्डिंग में कांग्रेस के नेताओं की फोटो लगा देंगे। लेकिन कांग्रेसी नेता महिलाओं के सम्मान में इस तरीके से राजनीति तो बिल्कुल न करें। नरेंद्र मोदी ने आगे यह भी कहा कि सभी राज्यों को बराबर सीट मिलेगी। परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होगा। सभी राज्यों से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
पंचायत से लेकर नगर निगम तक की महिलाएं जो नेतृत्व करना चाहती है वो सभी चुनाव लड़कर सदन में आ कर बैठ सकती है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम महिलाओं के लिए आरक्षण लगभग 33% रख रहे है अर्थात् सदन में 33%सीट महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगी। लोकसभा में कुल 273 सीट और बढ़कर 816 हो जाएगी।
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विपक्ष का बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप
सदन में कांग्रेसी नेताओं ने जमकर हंगामा किया। खास तौर पर जब नरेंद्र मोटी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बारे में जानकारी दे रहे थे। आइए जानते है विपक्ष किन बिंदुओं के ऊपर बीजेपी पर निशाना साध रही है–
1. चुनावी रणनीति –विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी ने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी वर्तमान चुनावों में अपने फायदे के लिए यह प्रस्ताव पारित करने का प्रयास कर रही है। वो सभी राज्यों की महिलाओं को वोट बैंक की नजर से देख रही है।
2. दक्षिण राज्यों में बीजेपी को फायदा– अगर यह प्रस्ताव पारित हुआ तो दक्षिण राज्यों से बीजेपी को बहुत फायदा होगा। दक्षिण राज्य में बीजेपी की स्थिति अभी कुछ ठीक नहीं हैं। बीजेपी दक्षिण राज्यों में लगातार संघर्ष करती आ रही है। ऐसे में यह प्रस्ताव पारित हुआ तो दक्षिण राज्यों में वो महिला वोट बैंक को जरूर खींचेंगी।
3. बंगाल चुनाव अहम – विपक्ष का बीजेपी पर आरोप है कि इस अधिनियम से बीजेपी बंगाल जैसे राज्यों में वोट बैंक की राजनीति करना चाहती है क्योंकि बंगाल में अभी ममता बनर्जी मुख्यमंत्री है। ऐसे में महिला समाधि प्रस्ताव ला कर बीजेपी पश्चिम बंगाल की महिलाओं को खुश करना चाहती है।
राजनीति कितनी भी हो लेकिन सरकार का यह प्रस्ताव निश्चित रूप से महिलाओं के अधिकारी को बढ़ावा देगा। महिलाएं अब अपने हक की लड़ाई सदन में आ कर लड़ सकती है। पुरुष महिला भेदभाव खत्म हो सकते है और महिलाएं भी पुरुषों के साथ डट कर खड़ी हो सकती है।







