मेक्सिको सिटी। घरेलू मैदान, 80 हजार से ज्यादा दीवाने फैंस का शोर और सामने फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच—मेक्सिको ने फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत बिल्कुल वैसी ही की, जैसी उसके करोड़ों समर्थक चाहते थे। एज़्टेका स्टेडियम में खेले गए इस उद्घाटन मुकाबले में मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपने सफर का शानदार शंखनाद किया है। पूरे मैच के दौरान मेक्सिकन टीम ने खेल की रफ्तार को अपने हिसाब से तय किया और अफ्रीकी डिफेंस की कमजोरियों को पूरी तरह एक्सपोज कर दिया।वैसे, यह मुकाबला सिर्फ खेल के लिए नहीं, बल्कि इतिहास के पन्नों में दर्ज होने के लिए खेला जा रहा था। पहली बार यह टूर्नामेंट 48 टीमों के बड़े फॉर्मेट में खेला जा रहा है, जिसकी मेजबानी मेक्सिको, अमेरिका और कनाडा मिलकर कर रहे हैं। इस मामले में एज़्टेका स्टेडियम ने भी एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया—यह दुनिया का पहला ऐसा मैदान बन गया है जिसने तीसरी बार विश्व कप के ओपनिंग मैच की मेजबानी की है।
शुरुआत से ही चढ़कर खेले मेजबान, क्विनोनेस का पहला धमाका
मैच की पहली सीटी बजने के साथ ही मेक्सिको के इरादे साफ नजर आ रहे थे। घरेलू दर्शकों से मिल रही ऊर्जा के दम पर मेक्सिकन फॉरवर्ड लाइन ने दक्षिण अफ्रीका के बॉक्स में लगातार हलचल बनाए रखी। नतीजा भी उम्मीद के मुताबिक जल्दी ही मिल गया। मैच के शुरुआती मिनटों में ही दक्षिण अफ्रीकी डिफेंस एक भारी चूक कर बैठा, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए जूलियन क्विनोनेस ने गेंद को नेट में डाल दिया। यह गोल न केवल मेक्सिको की बढ़त था, बल्कि इस पूरे वर्ल्ड कप का पहला आधिकारिक गोल भी बना।एक गोल से पिछड़ने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने पलटवार करने की कुछ कोशिशें जरूर कीं। पहले हाफ में उन्होंने दो-तीन अच्छे मूव्स भी बनाए, लेकिन मेक्सिको के मजबूत मिडफील्ड और चौकन्ने डिफेंस के आगे उनकी एक न चली। फिनिशिंग की इसी कमी के कारण पहले हाफ तक मेक्सिको 1-0 से आगे रहा।

दूसरे हाफ में दिखा असली ड्रामा: रेड कार्ड की झड़ी और जिमेनेज का हेडर
असली रोमांच और ड्रामा तो दूसरे हाफ में होना बाकी था। खेल शुरू होते ही दक्षिण अफ्रीका को उस वक्त तगड़ा झटका लगा जब उनके खिलाड़ी स्पेफेलो सिथोले को एक खतरनाक फाउल के लिए रेफरी ने सीधा रेड कार्ड थमा दिया। 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही अफ्रीकी टीम अचानक दबाव में आ गई और मैदान पर मेक्सिको के लिए खाली स्पेस बढ़ गया।इस मौके को मेक्सिकन स्ट्राइकर्स ने हाथ से जाने नहीं दिया। 67वें मिनट में टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी राउल जिमेनेज ने एक लाजवाब हेडर के जरिए स्कोर 2-0 कर दिया। जिमेनेज के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था क्योंकि यह उनके विश्व कप करियर का पहला गोल है। इस गोल के साथ ही उन्होंने नेशनल टीम के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में अपनी जगह और मजबूत कर ली है।
फुटबॉल से ज्यादा अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की रही चर्चा
इस मुकाबले की सबसे बड़ी हेडलाइन गोल नहीं, बल्कि मैदान पर खिलाड़ियों का गुस्सा और अनुशासनहीनता रही। 84वें मिनट में दक्षिण अफ्रीका के थेम्बा ज्वाने को हिंसक व्यवहार के लिए दूसरा रेड कार्ड देखना पड़ा, जिससे टीम में सिर्फ 9 खिलाड़ी बचे। ड्रामा यहीं खत्म नहीं हुआ; इंजरी टाइम में मेक्सिको के सीजर मोंटेस भी अपना आपा खो बैठे और उन्हें भी रेड कार्ड का सामना करना पड़ा।विश्व कप के ओपनिंग मैचों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी एक मुकाबले में तीन-तीन रेड कार्ड दिखाए गए हों। मैदान पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण यह मैच खेल की बारीकियों से ज्यादा रेफरी के फैसलों और विवादों के लिए याद किया जाएगा।
कोच बोले- जीत अहम, पर कमियों पर काम करना होगा
मुकाबले के बाद मेक्सिको के मुख्य कोच जेवियर अगुइरे ने जीत पर खुशी तो जताई, लेकिन खिलाड़ियों को जमीन पर रहने की सलाह भी दी। उन्होंने माना कि पहले मैच का दबाव हमेशा अलग होता है, पर आगे के दौर के लिए टीम को अपने खेल में और सुधार करना होगा। वहीं दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के कोच ह्यूगो ब्रूस बेहद निराश दिखे। उनका साफ कहना था कि शुरुआती खेल में टीम टक्कर दे रही थी, लेकिन रेड कार्ड्स ने मैच का पूरा पासा ही पलट दिया।
आगे की राह और समीकरण
ग्रुप-ए के इस पहले मैच को जीतकर मेक्सिको ने अपने खाते में तीन बेहद जरूरी अंक जोड़ लिए हैं। अब उनका अगला मुकाबला दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम से होगा। वहीं दूसरी तरफ, टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए दक्षिण अफ्रीका को हर हाल में चेक गणराज्य के खिलाफ होने वाले अगले मैच में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। बहरहाल, 2026 विश्व कप के इस पहले ही मैच ने दर्शकों को वो सब कुछ परोस दिया है जिसकी उम्मीद की जा रही थी—रफ्तार, गोल, ड्रामा और अंतहीन रोमांच







