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गुजरात “गिफ्ट सिटी”(Gift City)- भारत के उभरते वैश्विक वित्तीय केंद्र की नई पहचान

गुजरात "गिफ्ट सिटी"(Gift City)
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 5, 2025 1:34 अपराह्न
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भारत आर्थिक विकास की दिशा में लगातार नई ऊंचाइयाँ छू रहा है। ऐसे समय में देश को एक ऐसे वित्तीय एवं तकनीकी केंद्र की आवश्यकता थी, जो वैश्विक मानकों पर खरा उतरे और बहुराष्ट्रीय कंपनियों, वित्तीय संस्थानों तथा अत्याधुनिक तकनीकी स्टार्टअप्स को एक ही छत के नीचे आधुनिक सुविधाएँ प्रदान कर सके।

गुजरात "गिफ्ट सिटी" (Gift City)

इसी सोच से जन्म हुआ गुजरात गिफ्ट सिटी (GIFT City) एक ऐसे स्मार्ट एवं भविष्यवादी शहर का, जो भारत के वित्तीय परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।

जानिये गिफ्ट सिटी का परिचय

गिफ्ट सिटी, जिसका पूरा नाम है Gujarat International Finance Tec-City, भारत सरकार और गुजरात सरकार की संयुक्त परियोजना है। यह अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच स्थित एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत को वैश्विक वित्तीय सेवाओं के मानचित्र पर एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्थान प्रदान करना है। गिफ्ट सिटी को एनवायरमेंटल फ्रेंडली बनाया गया है। पूरे परिसर का 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रीनफील्ड है। वहीं 28 प्रतिशत क्षेत्र व्यावसायिक, चार प्रतिशत क्षेत्र आवासीय और पांच प्रतिशत क्षेत्र अन्य सुविधाओं के लिए रखा गया है।

गुजरात के गांधीनगर का कभी वीरान रहा इलाका आज गुलजार है। गांधीनगर के साबरमती नदी के तट पर दुनिया की बेहतरीन स्मार्ट सिटी नया रूप ले रही है। 986 एकड़ में बस रहा यह शहर आधुनिक भारत की नयी तस्वीर है। दुनिया में भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था दस्तक दे रही है। गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी यानी गिफ्ट सिटी के नाम से वर्ष 2007 में इस वैश्विक व्यापार केंद्र की परिकल्पना की गयी थी। इसे वर्तमान प्रधानमंत्री व गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया।

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इंटरनेशनल इमारते, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम

यहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर की इमारतें, अत्याधुनिक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, हरित ऊर्जा प्रबंधन और सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं। गिफ्ट सिटी को भविष्य के “स्मार्ट सिटी मॉडल” के रूप में भी देखा जाता है।

जानिये गिफ्ट सिटी की प्रमुख विशेषताएँ

  1. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC)

गिफ्ट सिटी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है,IFSC, जो भारत का पहला और एकमात्र ऐसा केंद्र है, जहाँ वैश्विक वित्तीय संस्थानों को काम करने के लिए विशेष नियम और कर लाभ प्राप्त होते हैं। यहाँ विदेशी बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों, एसेट मैनेजमेंट फर्म्स और कैपिटल मार्केट संस्थानों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

  1. आधुनिक बुनियादी ढांचा

गिफ्ट सिटी को पूरी तरह से एक स्मार्ट सिटी बनाते हुए तैयार किया गया है। यहाँ भूमिगत बिजली आपूर्ति, एडवांस टेली-कॉम सिस्टम, जल प्रबंधन तकनीक, वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और सुरक्षित डेटा नेटवर्क जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, स्काई-वॉक, मल्टी-लेवल पार्किंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन और हरित क्षेत्रों को भी विशेष महत्व दिया गया है।

  1. वैश्विक कंपनियों की बढ़ती उपस्थिति

गिफ्ट सिटी में अनेक भारतीय और विदेशी कंपनियों ने अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। वित्त, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियाँ यहाँ अपने विस्तार के लिए गिफ्ट सिटी को प्राथमिकता दे रही हैं। बैंकिंग, फिनटेक, एआई और ब्लॉकचेन से जुड़ी कई नई कंपनियाँ भी गिफ्ट सिटी को ऑपरेशनल बेस के रूप में अपना रही हैं।

  1. नए रोजगार और अवसर

गिफ्ट सिटी न केवल कंपनियों को आकर्षित कर रही है, बल्कि युवाओं को भी नए अवसर प्रदान कर रही है। वित्त, लेखांकन, इंश्योरेंस, आईटी, कानूनी सेवाओं, ह्यूमन रिसोर्स और तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से नौकरियाँ बढ़ रही हैं।
इसका सीधा लाभ गुजरात के युवाओं के साथ-साथ देशभर से आने वाले प्रतिभाशाली पेशेवरों को भी मिल रहा है।

  1. शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थान

गिफ्ट सिटी को एक पूर्ण इकोसिस्टम बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। यहाँ अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम, फिनटेक ट्रेनिंग सेंटर और वित्तीय कौशल विकास कार्यक्रमों की भी सुविधा उपलब्ध है।

गिफ्ट सिटी खोलेगा भारत के लिये वाले बड़े लाभ के रास्ते

गुजरात "गिफ्ट सिटी" (Gift City)

गिफ्ट सिटी के माध्यम से भारत तीन प्रमुख क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर पाएगा।

  1. वित्तीय सेवाओं । आत्मनिर्भरता

पहले विदेशी कंपनियाँ अपनी कई वित्तीय सेवाएँ दुबई, सिंगापुर या लंदन जैसे केंद्रों से संचालित करती थीं। गिफ्ट सिटी के बनने से कंपनियाँ अब भारत में ही कार्य कर सकती हैं, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी।

  1. वैश्विक निवेश आकर्षित करना

गिफ्ट सिटी विशेष आर्थिक क्षेत्र होने के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक है। कर लाभ, सरल नियम, और विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं।

  1. टेक्नोलॉजी और नवाचार को बढ़ावा

फिनटेक, एआई, साइबर सिक्योरिटी और ब्लॉकचेन आधारित सेवाएँ गिफ्ट सिटी की पहचान बन रही हैं।
यहाँ स्थापित टेक्नोलॉजी हब भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सरकार की प्रमुख पहलें

गिफ्ट सिटी को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार नई नीतियाँ लागू कर रहे हैं। इनमें कर लाभ, आसान लाइसेंसिंग प्रक्रिया, विदेशी मुद्रा लेनदेन के सरल नियम, और स्टार्टअप-फ्रेंडली वातावरण शामिल हैं। सरकार के अनुसार गिफ्ट सिटी आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनेगी, जिससे करोड़ों रुपयों का निवेश और लाखों नौकरियाँ उत्पन्न होंगी।

भविष्य की संभावनाएँ

गिफ्ट सिटी की संभावनाएँ अत्यंत व्यापक हैं। आने वाले वर्षों में यहाँ, अधिक विदेशी बैंकों की स्थापना। वैश्विक ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार।
टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर, अंर्तराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान,बड़े सम्मेलन और व्यापार मेलों जैसी गतिविधियों में बड़ी वृद्धि देखने को मिल सकती है। साथ ही, गिफ्ट सिटी भारत को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय जगत में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

2030 में लुभायेगा गिफ्ट सिटी

गुजरात के गांधीनगर में स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) वर्ष 2030 तक देश-दुनिया का प्रमुख वित्तीय और तकनीकी केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल के रूप में विकसित यह स्मार्ट सिटी आधुनिक अवसंरचना, पारदर्शी नीतियों और विश्वस्तरीय कारोबारी माहौल के कारण निवेशकों को लगातार आकर्षित कर रही है। गिफ्ट सिटी में अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज, वैश्विक बैंकिंग इकाइयाँ, फिनटेक कंपनियाँ और बीमा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाएँ पहले ही काम शुरू कर चुकी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले पाँच वर्षों में यहां स्थापित कंपनियों की संख्या में बड़ी वृद्धि होगी, जिससे रोजगार और तकनीकी नवाचार को नया प्रोत्साहन मिलेगा। स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, स्वचालित सेवा तंत्र और अत्याधुनिक संचार नेटवर्क इस क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बना रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक गिफ्ट सिटी को एशिया के प्रमुख वित्तीय हब के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए कर-रियायतों, सरल नियमन और आधुनिक कार्यालयी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि जैसे-जैसे विदेशी निवेश और स्टार्टअप गतिविधियाँ बढ़ेंगी, गिफ्ट सिटी भारत की आर्थिक शक्ति को एक नई दिशा देगी और निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरेगी। माना जा रहा है कि 2030 में जब अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजन करेगा तो गिफ्ट सिटी विदेशी खिलाड़ियों, पर्यटकों,व कारोबारियों को अलग तरह से लुभाएगा।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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