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गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम 2026 में भाजपा ने मारी बाजी कांग्रेस और आप के लिए खतरे की घंटी

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम 2026 में भाजपा ने मारी बाजी कांग्रेस और आप के लिए खतरे की घंटी
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 28, 2026 8:51 अपराह्न
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​गुजरात की राजनीति में एक बार फिर ‘केसरिया’ लहर देखने को मिली है। 28 अप्रैल 2026 को घोषित हुए स्थानीय निकाय चुनाव (Local Body Elections) के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं और 34 जिला पंचायतों के इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा था जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एकतरफा बढ़त बनाकर विपक्ष को हाशिए पर धकेल दिया है।

​ चुनाव का संक्षिप्त विवरण (Overall Summary)

​गुजरात राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार यह चुनाव कुल 9,200 से अधिक सीटों पर लड़ा गया था। मतदान 26 अप्रैल को हुआ था और 28 अप्रैल की सुबह से मतगणना शुरू हुई।

  • कुल सीटें – 9,952 (722 सीटों पर भाजपा पहले ही निर्विरोध जीत चुकी थी)।
  • मतदान प्रतिशत –  नगर निगमों में 55.1%, नगरपालिकाओं में 65.53% और जिला पंचायतों में 66.64% रहा।
  • मुख्य खिलाड़ी –  भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और AIMIM।

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​15 नगर निगमों के परिणाम –  शहरों में भाजपा का दबदबा

​गुजरात के शहरी क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ अटूट बनी हुई है। 15 नगर निगमों की कुल 1,044 सीटों में से भाजपा ने अब तक की जानकारी के अनुसार 856 सीटों पर कब्जा कर लिया है।

नगर निगमस्थितिमुख्य रुझान/नतीजे
अहमदाबाद (AMC)भाजपा बहुमतभाजपा ने अधिकांश वार्डों (जैसे गोटा, थलतेज, नवां वाडज) में क्लीन स्वीप किया है।
सूरत (SMC)भाजपा आगेAAP को यहाँ बड़ा झटका लगा है। पिछली बार की तुलना में भाजपा ने अपनी सीटों में इजाफा किया है।
वड़ोदरा (VMC)भाजपा बहुमतभाजपा की गीताबेन मकवाना जैसे उम्मीदवारों ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
राजकोट (RMC)भाजपा बहुमत72 में से 40+ सीटें जीतकर भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
जामनगर (JMC)भाजपा बहुमतभाजपा ने 16 में से 11 वार्डों में जीत दर्ज की।
गांधीधाम (नया)भाजपा बहुमतनए बने इस निगम में भी भाजपा का पहला बोर्ड बनने जा रहा है।
वापी, मोरबी, नडियादभाजपा बहुमतइन नवनिर्मित और पुराने निगमों में कांग्रेस का खाता खुलना भी मुश्किल रहा।

विशेष नोट –  नवनिर्मित नगर निगमों (मेहसाणा, मोरबी, नडियाद, वापी, पोरबंदर, नवसारी और सुरेंद्रनगर) में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। कांग्रेस इन क्षेत्रों में एक भी सीट जीतने के लिए संघर्ष करती दिखी।

​84 नगरपालिकाओं के परिणाम

​नगरपालिकाओं के स्तर पर भी भाजपा ने अपना विजय रथ जारी रखा। 84 नगरपालिकाओं की कुल 2,030 सीटों में से

  • भाजपा – 1,791 सीटें (लगभग 88%)
  • कांग्रेस –  414 सीटें
  • अन्य/निर्दलीय –  144 सीटें

प्रमुख अपडेट

  • आनंद जिला –  पेटलाद, कापडवंज और ठासरा जैसी नगरपालिकाओं में भाजपा ने बड़ी बढ़त बनाई।
  • भरूच –  यहाँ वार्ड नंबर 1 में कांग्रेस के पूरे पैनल (इमरान पटेल, जुबेर पटेल आदि) ने जीत दर्ज कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
  • दाहोद और पंचमहल –  यहाँ कुछ वार्डों में निर्दलीयों और कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी है।

​34 जिला पंचायतों के परिणाम –  ग्रामीण गुजरात का मिजाज

​ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर कांग्रेस मजबूत रहती थी लेकिन 2026 के इन चुनावों ने समीकरण बदल दिए हैं। 34 जिला पंचायतों की 1,090 सीटों में से भाजपा आधे से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है।

  • भाजपा –  568+ सीटें
  • कांग्रेस –  77+ सीटें
  • अन्य – 30+ सीटें

​आदिवासी बहुल जिलों (जैसे नर्मदा और तापी) में मतदान प्रतिशत 80% के पार रहा जहाँ भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। हालांकि सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात की जिला पंचायतों में भाजपा ने कांग्रेस के पुराने किलों को ध्वस्त कर दिया है।

​ पार्टियों का प्रदर्शन विश्लेषण (Who is Ahead, Who is Behind?)

भाजपा (BJP) –  निर्विवाद विजेता

​भाजपा के लिए यह चुनाव “क्लीन स्वीप” जैसा रहा है। ओबीसी आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 27% करने का दांव भाजपा के पक्ष में जाता दिख रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल की रणनीति ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में काम किया।

कांग्रेस (Congress) – अस्तित्व की लड़ाई

​कांग्रेस के लिए ये परिणाम निराशाजनक रहे हैं। पार्टी केवल कुछ चुनिंदा वार्डों और ग्रामीण सीटों तक सिमट गई है। वड़ोदरा की डभोई नगरपालिका और भरूच जैसे कुछ इलाकों को छोड़कर कांग्रेस कहीं भी भाजपा को चुनौती देते नजर नहीं आई।

आम आदमी पार्टी (AAP) – सूरत में बड़ा झटका

​2021 के चुनावों में सूरत में धमाकेदार एंट्री करने वाली AAP 2026 में अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख पाई। सूरत नगर निगम में पार्टी के बड़े नेता जैसे पायल सकारिया अपनी सीटें बचाने में संघर्ष करते दिखे। हालांकि, ग्रामीण तालुका पंचायतों में AAP ने कुछ सीटें जीतकर अपनी उपस्थिति बनाए रखी है।

AIMIM

​असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने भुज नगरपालिका (वार्ड 1) और अहमदाबाद के कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी जगह बनाई है जिससे कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगी है।

​मुख्य कारण –  भाजपा की जीत के पीछे क्या रहा?

  • संगठनात्मक मजबूती – पन्ना प्रमुख मॉडल ने एक बार फिर मतदान केंद्रों पर भाजपा को बढ़त दिलाई।
  • सरकारी योजनाएं – राज्य और केंद्र सरकार की डबल इंजन सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभाव।
  • विपक्ष का बिखराव – कांग्रेस और AAP के बीच वोटों के बंटवारे ने भाजपा की राह आसान कर दी।
  • निर्विरोध जीत –  चुनाव शुरू होने से पहले ही 700+ सीटों पर भाजपा की जीत ने मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला दी थी।

​2026 के ये निकाय चुनाव परिणाम यह दर्शाते हैं कि गुजरात में फिलहाल भाजपा का कोई मजबूत विकल्प तैयार नहीं हो पाया है। जहाँ भाजपा ने अपनी सीटों में भारी वृद्धि की है वहीं कांग्रेस और AAP को आत्ममंथन करने की जरूरत है। 15 नगर निगमों में से लगभग सभी पर भाजपा का कब्जा होना यह बताता है कि शहरी मतदाता विकास के एजेंडे के साथ मजबूती से खड़ा है।

विशेष नोट – यह रिपोर्ट चुनाव आयोग के शुरुआती और लाइव रुझानों/परिणामों पर आधारित है। अंतिम आंकड़ों में मामूली बदलाव संभव है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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