बहुमंज़िला इमारतों में फैली लपटों ने रचा इतिहास का सबसे बड़ा हादसा
हांगकांग ❙ शहर ने अपने इतिहास की सबसे भयावह आगजनी का सामना किया, जिसमें अब तक 55 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की गई है, जबकि 279 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। यह भीषण अग्निकांड कई ऊंची आवासीय इमारतों में एक साथ लगी आग के कारण हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में हजारों परिवारों की ज़िंदगी बदल दी।
आग कैसे फैली?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक घनी आबादी वाले इलाके में स्थित 30 से अधिक मंज़िलों वाली एक इमारत से आग शुरू हुई और तेज़ हवा तथा संकरे गलियारों के कारण देखते ही देखते पड़ोसी इमारतों में फैल गई।
दमकल विभाग के मुताबिक, कई इमारतों में सुरक्षा निकास (Fire Exit) या तो बंद थे या बाधित, जिससे लोगों के बाहर निकलने का रास्ता लगभग खत्म हो गया।
बचाव कार्य जारी
2000 से अधिक फायरफाइटर्स को लगातार मोर्चे पर लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों एवं ड्रोन की मदद से ऊपरी मंज़िलों की तलाशी ली जा रही है। लिफ्टें बंद होने और सीढ़ियों में धुआं भरे होने के कारण राहत टीमों को कई मंज़िलों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
अस्पतालों में हाहाकार, शहर के विभिन्न अस्पतालों में सैकड़ों घायल भर्ती कराए गए हैं। कई लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
जांच के आदेश
सरकार ने दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच के लिए विशेष पैनल गठित किया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि—
भवनों की फायर सेफ्टी सिस्टम में भारी लापरवाही थी
कुछ टावरों में अग्निशमन उपकरण या तो अनुपस्थित थे या निष्क्रिय
ओवरलोडेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम आग का कारण बन सकता है
पीड़ित परिवारों में मातम
हजारों परिवार अपने लापता प्रियजनों की तलाश में राहत शिविरों और अस्पतालों के बाहर लाइन में खड़े हैं। सोशल मीडिया पर भी गुमशुदा लोगों की तस्वीरें लगातार साझा की जा रही हैं।
हांगकांग प्रशासन की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि राहत कार्य में बाधा न आने दें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। साथ ही, सभी इमारतों की फायर सेफ्टी जांच तत्काल शुरू कर दी गई है।






