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कैसे बदलें Winter से Spring Routine 

कैसे बदलें Winter से Spring Routine 
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 29, 2026 3:38 अपराह्न
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सर्दियों की ठिठुरन अब विदा ले रही है और हवा में एक हल्की सी गर्माहट घुलने लगी है। यह संकेत है ‘ऋतुराज’ वसंत के आगमन का। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही मानते हैं कि जब मौसम बदलता है, तो हमारे शरीर और मस्तिष्क को भी नए तालमेल की जरूरत होती है।

सर्दियों में हमारा शरीर ‘सर्वाइवल मोड’ में होता है भारी खाना, ज्यादा नींद और कम शारीरिक गतिविधि। लेकिन वसंत (Spring) ऊर्जा और नवीनीकरण का समय है। 

आहार में बदलाव-  भारी से हल्के की ओर

सर्दियों में हम अक्सर पराठे, हलवा और वसायुक्त भोजन का आनंद लेते हैं। वसंत में पाचन तंत्र (Metabolism) थोड़ा सुस्त हो सकता है, इसलिए आहार में बदलाव जरूरी है।

  • कफ का संतुलन–  आयुर्वेद के अनुसार, वसंत में शरीर में संचित ‘कफ’ पिघलने लगता है, जिससे सर्दी-जुकाम हो सकता है। इसे रोकने के लिए कड़वे (Bitter), तीखे (Pungent) और कसैले (Astringent) स्वाद वाले भोजन बढ़ाएं।
  • मौसमी सब्जियाँ-  अब डाइट में बथुआ, मेथी, सहजन (Drumsticks), और ताजी मटर शामिल करें।
  • पानी का सेवन-  प्यास कम लगने के बावजूद पानी पीना न भूलें। गुनगुना पानी मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है।
  • क्या कम करें-  अत्यधिक मीठा, ठंडा पेय और बहुत अधिक डेयरी उत्पादों से परहेज करें क्योंकि ये शरीर में भारीपन पैदा करते हैं।

शारीरिक गतिविधि (Fitness Strategy)

सर्दियों की रजाई छोड़कर अब बाहर निकलने का समय है।

  • योग और प्राणायाम-  ‘सूर्य नमस्कार’ ऊर्जा बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा है। कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
  • आउटडोर वॉक-  वसंत की सुबह की धूप विटामिन-D का बेहतरीन स्रोत है। कम से कम 20 मिनट की सैर आपके मूड को बेहतर बनाती है।
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग-  यदि आप जिम जाते हैं, तो अब शरीर को टोन करने पर ध्यान दें क्योंकि मेटाबॉलिज्म अब सक्रिय होने लगा है।

त्वचा और बालों की देखभाल (Skincare & Haircare)

बदलते मौसम का सबसे पहला असर हमारी त्वचा पर दिखता है।

  • लाइट मॉइस्चराइजर-  सर्दियों की भारी क्रीम को हटाकर अब ‘वॉटर-बेस्ड’ या जेल मॉइस्चराइजर का उपयोग करें।
  • सनस्क्रीन है अनिवार्य –  वसंत की धूप सुहावनी लगती है, लेकिन UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती हैं। SPF 30+ का प्रयोग शुरू कर दें।
  • एक्सफोलिएशन-  सर्दियों की डेड स्किन को हटाने के लिए हफ्ते में एक बार स्क्रब जरूर करें।
  • स्कैल्प की सफाई-  पसीने और धूल से बचने के लिए बालों को नियमित धोएं और हल्के तेल का प्रयोग करें।

मानसिक स्वास्थ्य और ‘स्प्रिंग क्लीनिंग’

वसंत केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक स्वच्छता का भी समय है।

  • घर की सफाई (Decluttering) –  अपने आसपास की जगह को साफ करने से मानसिक स्पष्टता आती है। उन कपड़ों और चीजों को हटा दें जिनकी अब जरूरत नहीं है।
  • नींद का चक्र –  दिन लंबे होने लगते हैं, इसलिए सोने और जागने का एक नया समय निर्धारित करें। रात को जल्दी सोएं ताकि आप सूरज की पहली किरण के साथ उठ सकें।
  • सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD) –  सर्दियों की उदासी (Winter Blues) को दूर करने के लिए प्रकृति के करीब समय बिताएं। फूलों और हरियाली को देखना तनाव कम करता है।

मौसमी बीमारियों से बचाव

मौसम के इस संधिकाल (Transition) में सर्दी, खांसी और एलर्जी का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

समस्या समाधान 
एलर्जी/पराग (Pollen)बाहर निकलते समय मास्क पहनें और घर आकर हाथ-मुंह धोएं। 
वायरल इन्फेक्शन अदरक, तुलसी और गिलोय का काढ़ा पिएं। 
तापमान का उतार-चढ़ावएकदम से सूती कपड़े न पहनें; ‘लेयरिंग’ (Layering) का पालन करें

वसंत का आगमन एक नई शुरुआत का प्रतीक है। अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव न केवल आपको बीमारियों से बचाएंगे, बल्कि आपको पूरे साल के लिए ऊर्जावान भी रखेंगे। प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।

प्रो टिप – इस मौसम में शहद का सेवन करें। यह प्राकृतिक रूप से कफ को कम करने और ऊर्जा देने में सहायक होता है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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