व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

ठंड में क्यों खाए जाते हैं तिल के लड्डू? जानिए इसके फायदे खाने का सही तरीका और बनाने की विधि

ठंड में क्यों खाए जाते हैं तिल के लड्डू? जानिए इसके फायदे
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 14, 2026 12:31 अपराह्न
Follow Us:

डेलीवार्ता। जैसे ही ठंड का मौसम दस्तक देता है, घरों में गुड़, मूंगफली और तिल से बनी चीज़ों की खुशबू फैलने लगती है। खासतौर पर तिल के लड्डू सर्दियों में खाने की एक पुरानी और लोकप्रिय परंपरा रही है। मकर संक्रांति से लेकर पूरे शीतकाल तक तिल-गुड़ के लड्डू हर उम्र के लोगों की थाली में नजर आते हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ठंड में ही तिल के लड्डू क्यों खाए जाते हैं? क्या यह सिर्फ स्वाद और परंपरा से जुड़ा है या इसके पीछे सेहत और विज्ञान का भी कोई गहरा कारण है?

चलिये तो आपको बताते हैं कि तिल के लड्डू खाने के फायदे, इसे खाने का सही तरीका और घर पर बनाने की आसान विधि।

ठंड में तिल के लड्डू खाने की परंपरा

भारतीय संस्कृति में खान-पान को मौसम के अनुसार अपनाया गया है। आयुर्वेद में भी यह माना गया है कि हर ऋतु में शरीर की ज़रूरतें अलग होती हैं। सर्दियों में शरीर को अधिक ऊर्जा, गर्माहट और पोषण की आवश्यकता होती है।

तिल की तासीर होती है गर्म

तिल की तासीर गर्म मानी जाती है, जबकि गुड़ शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। यही वजह है कि सदियों से ठंड के मौसम में तिल और गुड़ का सेवन किया जाता रहा है। मकर संक्रांति पर “तिल-गुड़ खाइये और मीठा-मीठा बोलिये” कहने की परंपरा भी इसी सोच को दर्शाती है।

तिल क्या है और क्यों है खास

तिल एक छोटा सा बीज है, लेकिन इसके पोषक तत्व इसे बेहद खास बनाते हैं। तिल में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फाइबर, हेल्दी फैट और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं।

सफेद तिल, काले तिल और भूरे तिल‌ यह तीनों ही अपने-अपने गुणों के लिए जाने जाते हैं। सर्दियों में विशेष रूप से सफेद तिल का उपयोग लड्डू बनाने में किया जाता है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है।

ठंड में तिल के लड्डू खाने के प्रमुख फायदे- 

1. शरीर को गर्माहट प्रदान करता है

तिल की तासीर गर्म होती है, जिससे यह सर्दी से बचाव में मदद करता है। ठंड के मौसम में जब शरीर ठिठुरने लगता है, तब तिल के लड्डू शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।

2. ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत

तिल और गुड़ दोनों ही तुरंत ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ हैं। सुबह या शाम को तिल का लड्डू खाने से थकान दूर होती है और शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।

3. हड्डियों को बनाता है मजबूत

तिल में कैल्शियम और फास्फोरस भरपूर मात्रा में होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है। सर्दियों में जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों के लिए तिल के लड्डू काफी लाभकारी माने जाते हैं।

4. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक

ठंड के मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। तिल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।

5. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

तिल में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन को बेहतर बनाती है। सर्दियों में कब्ज की समस्या आम हो जाती है, ऐसे में तिल के लड्डू राहत पहुंचाते हैं।

6. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

तिल में मौजूद हेल्दी फैट और विटामिन त्वचा को नमी प्रदान करते हैं और रूखेपन से बचाते हैं। इसके अलावा तिल बालों को मजबूत और चमकदार बनाने में भी मदद करता है।

7. महिलाओं के लिए विशेष लाभ

तिल आयरन का अच्छा स्रोत है, जो महिलाओं में खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है। साथ ही यह हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है।

कितनी मात्रा में खाने चाहिए तिल के लड्डू

हालांकि तिल के लड्डू सेहत के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। सामान्य तौर पर एक से दो लड्डू प्रतिदिन पर्याप्त माने जाते हैं।अधिक मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ने या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

तिल के लड्डू खाने का सही समय

सुबह खाली पेट या नाश्ते के साथ तिल का लड्डू खाना सबसे अच्छा माना जाता है। शाम के समय भी हल्की भूख में इसे खाया जा सकता है।रात में अधिक मात्रा में तिल के लड्डू खाने से बचना चाहिए।

तिल के लड्डू बनाने की पारंपरिक विधि

आवश्यक सामग्री

  • सफेद तिल – 2 कप
  • गुड़ – 1½ कप (कद्दूकस किया हुआ)
  • घी – 2 चम्मच
  • इलायची पाउडर – ½ चम्मच
  • मूंगफली या काजू (इच्छानुसार) – ½ कप

बनाने की विधि

  • स्टेप 1 – सबसे पहले कढ़ाही में तिल को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भून लें। तिल भूनते समय लगातार चलाते रहें, ताकि वे जलें नहीं।
  • स्टेप 2 – अब तिल को एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इन्हें हल्का दरदरा पीस लें।
  • स्टेप 3 – उसी कढ़ाही में घी डालें और उसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालकर धीमी आंच पर पिघलाएं। गुड़ पूरी तरह पिघलकर हल्का गाढ़ा हो जाए, तब गैस बंद कर दें।
  • स्टेप 4 – अब पिसे हुए तिल, इलायची पाउडर और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स गुड़ में डालकर अच्छी तरह मिला लें।
  • स्टेप 5 – मिश्रण थोड़ा ठंडा होने पर हाथों में घी लगाकर छोटे-छोटे लड्डू बना लें।
  • स्टेप 6 –  लड्डुओं को पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें।

तिल के लड्डू को लंबे समय तक कैसे रखें सुरक्षित

तिल के लड्डू को सूखे और ठंडे स्थान पर रखें। एयरटाइट कंटेनर में रखने से ये 2 से 3 हफ्ते तक खराब नहीं होते। नमी से बचाना जरूरी है, वरना लड्डू खराब हो सकते हैं। 

आधुनिक समय में तिल के लड्डू का महत्व

आज के दौर में जब लोग फास्ट फूड और पैकेज्ड चीज़ों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, ऐसे में तिल के लड्डू जैसे पारंपरिक व्यंजन सेहत के लिए एक प्राकृतिक विकल्प हैं।

यह न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि बिना किसी केमिकल और प्रिज़र्वेटिव के घर पर आसानी से बनाए जा सकते हैं।

परंपरा नहीं स्वास्थ्य के लिये भी लाभदायक

ठंड के मौसम में तिल के लड्डू खाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा एक समझदारी भरा निर्णय है। तिल और गुड़ का मेल शरीर को गर्माहट, ऊर्जा और पोषण प्रदान करता है। सही मात्रा और सही समय पर सेवन करने से यह सर्दियों में सेहत का मजबूत सहारा बन सकता है। इसलिए अगर आप भी सर्दियों में खुद को फिट, ऊर्जावान और स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो तिल के लड्डू को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment