व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

जोड़ों में है अगर दर्द तो सरसों के तेल में मिले लहसुन बनेगा चमत्कारी तेल देगा आराम

जोड़ों में है अगर दर्द तो सरसों के तेल में मिले लहसुन बनेगा चमत्कारी तेल देगा आराम
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 16, 2026 12:27 अपराह्न
Follow Us:

जोड़ों के दर्द (Joint Pain) के लिए सरसों का तेल और लहसुन का मिश्रण आयुर्वेद में एक “रामबाण” औषधि माना गया है। यह न केवल दर्द को कम करता है, बल्कि सूजन को खत्म कर जोड़ों की गतिशीलता को भी बढ़ाता है।

जोड़ों के दर्द के लिए सरसों-लहसुन का रामबाण तेल 

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल के कारण जोड़ों का दर्द अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। यूरिक एसिड का बढ़ना, अर्थराइटिस (गठिया), या पुरानी चोट का दर्द अक्सर रातों की नींद हराम कर देता है। ऐसे में सरसों के तेल और लहसुन का संगम एक प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम करता है।

कैसे काम करता है यह मिश्रण (वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक आधार)

सरसों का तेल (Mustard Oil)-सरसों के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड और सेलेनियम होता है। इसमें मौजूद ‘एलिल आइसोथियोसाइनेट’ जोड़ों की सूजन (Inflammation) को कम करने में मदद करता है। इसकी तासीर गर्म होती है, जो रक्त संचार (Blood Circulation) को तेज करती है।

लहसुन (Garlic)-लहसुन में एलिसिन (Allicin) और सल्फर यौगिक पाए जाते हैं। इसमें प्राकृतिक सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) गुण होते हैं। जब लहसुन को तेल में जलाया जाता है, तो इसके औषधीय तत्व तेल में घुल जाते हैं, जो मांसपेशियों और जोड़ों के भीतर तक जाकर दर्द को खींच लेते हैं।

चमत्कारी तेल बनाने की विधि

इस तेल को सही तरीके से बनाना बहुत जरूरी है ताकि इसके पोषक तत्व नष्ट न हों।

सामग्री-

  • शुद्ध सरसों का तेल – 100 मिली (कच्ची घानी का तेल सर्वश्रेष्ठ है)।
  • लहसुन की कलियां –  8-10 (छीलकर हल्का सा कूट लें)।
  • अजवाइन (वैकल्पिक) – 1 छोटा चम्मच (यह वायु दोष को कम करती है)।
  • सोंठ या अदरक (वैकल्पिक) – आधा इंच का टुकड़ा।

बनाने का तरीका

  • एक लोहे या स्टील की छोटी कढ़ाई लें और उसमें सरसों का तेल डालें।
  • तेल को मध्यम आंच पर थोड़ा गर्म होने दें।
  • अब इसमें कुटी हुई लहसुन की कलियां डाल दें।
  • यदि आप अजवाइन डालना चाहते हैं, तो इसी समय डाल दें।
  • इसे तब तक पकाएं जब तक कि लहसुन पूरी तरह काला न पड़ जाए।
  • आंच बंद कर दें और तेल को ठंडा होने दें।
  • ठंडा होने के बाद तेल को छानकर एक कांच की शीशी में भर लें।

तेल लगाने की सही विधि

तेल का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसे सही तरीके से लगाना आवश्यक है|

  • हल्का गुनगुना करें –  प्रयोग करने से पहले तेल को हमेशा हल्का गुनगुना कर लें।
  • मालिश का तरीका – दर्द वाली जगह पर तेल लगाकर हल्के हाथों से गोलाकार (Circular motion) में मालिश करें।
  • दबाव न दें –  जोड़ों पर बहुत तेज दबाव न डालें।
  • सिकाई – मालिश के बाद उस हिस्से को किसी सूती कपड़े से ढक लें या 5-10 मिनट तक धूप में बैठें। इससे तेल त्वचा के रोमछिद्रों के जरिए अंदर तक जाता है।

इस तेल के मुख्य लाभ

  • गठिया और अर्थराइटिस में राहत– यह तेल जोड़ों की अकड़न को कम करता है और यूरिक एसिड के कारण होने वाली सूजन को घटाता है।
  • रक्त संचार में सुधार – गर्म तेल की मालिश से उस हिस्से में खून का बहाव बेहतर होता है, जिससे हीलिंग प्रोसेस तेज होती है।
  • मांसपेशियों का खिंचाव –  जिम या भारी काम के कारण मांसपेशियों में आए खिंचाव को यह तुरंत ठीक करता है।
  • साइटिका के दर्द में असरदार – कमर से पैर तक जाने वाले साइटिका के दर्द में इस तेल की नियमित मालिश बहुत फायदेमंद है।
  • नींद में सुधार – रात को सोने से पहले पैरों के तलवों और घुटनों पर इसकी मालिश करने से शरीर को आराम मिलता है और गहरी नींद आती है।

सावधानियां

  • जख्म पर न लगाएं –  यदि त्वचा कटी-फटी हो या वहां कोई घाव हो, तो इस तेल का प्रयोग न करें।
  • एलर्जी की जांच –  पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।
  • ताजी हवा से बचें – मालिश के तुरंत बाद पंखे या एसी की सीधी हवा में न जाएं।

सरसों और लहसुन का यह घरेलू नुस्खा रसायनों से भरे पेनकिलर बाम से कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी है। यदि आप इसे नियमित रूप से 15-20 दिनों तक इस्तेमाल करते हैं, तो आपको पुराने से पुराने दर्द में भी स्थायी सुधार देखने को मिलेगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment